स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज शाम 7 बजे राष्ट्र को करेंगी संबोधित

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Digital Up News Desk

नई दिल्ली: देश 15 अगस्त को अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियों में जुटा है। इससे एक दिन पहले, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु आज शाम राष्ट्र को संबोधित करेंगी। राष्ट्रपति का यह संबोधन देश के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसर पर प्रसारित किया जाएगा। इसके प्रसारण की शुरुआत शाम 7 बजे होगी।

राष्ट्रपति का संबोधन आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारित किया जाएगा। इसके साथ ही दूरदर्शन के सभी चैनलों पर भी संबोधन का प्रसारण किया जाएगा। सबसे पहले राष्ट्रपति का संबोधन हिंदी में प्रसारित होगा और इसके बाद अंग्रेजी संस्करण प्रसारित किया जाएगा। इसके अलावा, देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों तक संदेश पहुंचाने के लिए संबोधन का क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारण किया जाएगा।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन हर वर्ष राष्ट्रीय कार्यक्रमों की महत्वपूर्ण कड़ी होता है। इस दौरान राष्ट्रपति देश की उपलब्धियों, लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिकों की भूमिका और भविष्य की प्राथमिकताओं से जुड़े विषयों पर देशवासियों को संबोधित करती हैं।

शाम 7 बजे होगा राष्ट्रपति के संबोधन का प्रसारण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन आज शाम 7 बजे प्रसारित किया जाएगा। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इसे आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय चैनलों पर सुना जा सकेगा। वहीं, दूरदर्शन के सभी चैनलों पर भी इसका प्रसारण किया जाएगा।

सबसे पहले राष्ट्रपति का संबोधन हिंदी में प्रसारित होगा। इसके बाद अंग्रेजी भाषा में इसका प्रसारण किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य देश के अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों तक राष्ट्रपति का संदेश पहुंचाना है।

इसके बाद दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर राष्ट्रपति के संबोधन का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण किया जाएगा। इस प्रकार, राष्ट्रीय संदेश को देश के विभिन्न हिस्सों और भाषाई समुदायों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

देश के नाम संबोधन की परंपरा

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन देश की संवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देती हैं और राष्ट्र के विकास तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करती हैं।

राष्ट्रपति का संबोधन केवल एक औपचारिक संदेश नहीं होता, बल्कि यह देश के संवैधानिक प्रमुख की ओर से नागरिकों के साथ संवाद का अवसर भी होता है। इसलिए हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देशभर की नजर राष्ट्रपति के संबोधन पर रहती है।

इस बार भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन ऐसे समय में होगा, जब देश 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय पर्व की तैयारियों में व्यस्त है। स्कूलों, सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों और विभिन्न सामाजिक संगठनों में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

आकाशवाणी और दूरदर्शन पर सीधा प्रसारण

राष्ट्रपति के संबोधन को देशभर में व्यापक स्तर पर प्रसारित करने की व्यवस्था की गई है। आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय चैनलों पर शाम 7 बजे संबोधन का प्रसारण होगा। इससे रेडियो श्रोताओं को राष्ट्रपति का संदेश सीधे सुनने का अवसर मिलेगा।

इसी तरह, दूरदर्शन के सभी चैनलों पर भी राष्ट्रपति का संबोधन प्रसारित किया जाएगा। टीवी दर्शकों के लिए पहले हिंदी और उसके बाद अंग्रेजी संस्करण उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा, क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण की व्यवस्था भी की गई है। दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर हिंदी और अंग्रेजी प्रसारण के बाद संबोधन को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा। इससे देश के अलग-अलग राज्यों और भाषाई क्षेत्रों के नागरिक अपनी सुविधानुसार राष्ट्रपति का संदेश सुन सकेंगे।

क्षेत्रीय भाषाओं में भी पहुंचेगा संदेश

भारत भाषाई और सांस्कृतिक विविधता वाला देश है। ऐसे में राष्ट्रीय महत्व के संदेशों को अलग-अलग भाषाओं में उपलब्ध कराना लोगों तक जानकारी पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

राष्ट्रपति के संबोधन का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण इसी उद्देश्य से किया जाएगा। दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनल अलग-अलग राज्यों के दर्शकों तक राष्ट्रपति का संदेश उनकी परिचित भाषा में पहुंचाएंगे।

इससे राष्ट्रपति का संदेश केवल राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा। साथ ही, स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय संदेश को देश की भाषाई विविधता के साथ जोड़ने का अवसर मिलेगा।

स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रीय संदेश

15 अगस्त भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्वों में से एक है। वर्ष 1947 में देश स्वतंत्र हुआ था और तभी से हर वर्ष 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संबोधन इस राष्ट्रीय पर्व की शुरुआत का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसके बाद 15 अगस्त की सुबह प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं और देश को संबोधित करते हैं।

इसलिए स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या और स्वतंत्रता दिवस दोनों ही अवसरों पर देशवासियों की नजर राष्ट्रीय कार्यक्रमों पर रहती है। राष्ट्रपति का संबोधन इस क्रम में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है।

नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण संदेश की उम्मीद

राष्ट्रपति के संबोधन में सामान्य तौर पर देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संविधान, सामाजिक एकता, विकास और नागरिकों की जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर विचार रखे जाते हैं। ऐसे में इस वर्ष भी देशवासियों को राष्ट्रपति के संदेश का इंतजार है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देश की संवैधानिक प्रमुख हैं। उनके संबोधन के माध्यम से राष्ट्रीय पर्व की पूर्व संध्या पर देशवासियों से संवाद स्थापित होता है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर यह संवाद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक भागीदारी के महत्व को भी रेखांकित करता है।

इसके साथ ही, स्वतंत्रता दिवस केवल अतीत की उपलब्धियों को याद करने का अवसर नहीं है। बल्कि यह देश के भविष्य के लिए संकल्प लेने का भी अवसर है। इसलिए राष्ट्रपति का संबोधन नागरिकों को राष्ट्रीय जिम्मेदारियों और देश के विकास में उनकी भूमिका की याद दिलाने वाला हो सकता है।

ऐसे देख और सुन सकेंगे संबोधन

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संबोधन आज शाम 7 बजे प्रसारित होगा। नागरिक इसे आकाशवाणी के सभी राष्ट्रीय चैनलों और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर सुन और देख सकेंगे।

प्रसारण की शुरुआत हिंदी भाषा से होगी। इसके बाद अंग्रेजी संस्करण प्रसारित किया जाएगा। वहीं, दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर हिंदी और अंग्रेजी प्रसारण के बाद संबोधन का क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण किया जाएगा।

इस व्यवस्था के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले नागरिकों को राष्ट्रपति का संबोधन सुनने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण से स्थानीय दर्शकों के लिए राष्ट्रपति के संदेश को समझना और भी आसान होगा।

कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का राष्ट्र के नाम संबोधन देश के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम होगा। शाम 7 बजे आकाशवाणी और दूरदर्शन के माध्यम से प्रसारित होने वाले इस संबोधन पर देशवासियों की नजर रहेगी। पहले हिंदी और अंग्रेजी तथा बाद में क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण के जरिए राष्ट्रपति का संदेश देश के व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाया जाएगा।

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