स्वतंत्रता दिवस 2026: 1057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदक, जानें किस सेवा को मिले कितने सम्मान
Digital UP News Desk
नई दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, अग्निशमन सेवाओं, नागरिक सुरक्षा, होम गार्ड और सुधारात्मक सेवाओं में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कुल 1,057 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इनमें वीरता, विशिष्ट सेवा और सराहनीय सेवा के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पदक प्रदान किए जाएंगे।
इस वर्ष कुल 301 वीरता पदक, 92 राष्ट्रपति पदक (PSM) और 664 सराहनीय सेवा पदक (MSM) प्रदान किए जा रहे हैं। इन पुरस्कारों के माध्यम से उन कर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और लंबे समय तक किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया।
301 कर्मियों को मिलेगा वीरता पदक
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इस वर्ष कुल 301 वीरता पदक प्रदान किए जा रहे हैं। इनमें 272 पुलिस कर्मियों और 29 अग्निशमन कर्मियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया जाएगा।
वीरता पदक ऐसे कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने जीवन और संपत्ति की रक्षा करने, अपराध को रोकने या अपराधियों को पकड़ने के दौरान उल्लेखनीय साहस और बहादुरी का परिचय दिया हो। इन पुरस्कारों के जरिए कठिन परिस्थितियों में जोखिम उठाकर लोगों की सुरक्षा करने वाले कर्मियों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।
इस वर्ष वीरता पदकों में सबसे बड़ी संख्या वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात रहे कर्मियों की है। ऐसे क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के 197 कर्मियों को सम्मान
कुल 301 वीरता पदकों में से 197 पदक वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय साहस दिखाने वाले कर्मियों को प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51 कर्मियों, उत्तर-पूर्व क्षेत्र के 12 कर्मियों और देश के अन्य क्षेत्रों के 41 कर्मियों को भी वीरता पदक दिया जाएगा।
इस तरह वीरता पुरस्कारों में देश के विभिन्न चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा कर्मियों के योगदान को शामिल किया गया है। विशेष रूप से उग्रवाद और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सामने अलग तरह की चुनौतियां होती हैं। ऐसे क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के लिए लगातार सतर्कता की आवश्यकता होती है।
इसलिए इन कर्मियों को दिया जाने वाला वीरता सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत साहस को पहचान देता है, बल्कि कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी करने वाले पूरे सुरक्षा तंत्र का मनोबल भी बढ़ाता है।
जम्मू-कश्मीर के 51 कर्मियों को भी वीरता सम्मान
जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में कर्तव्य के दौरान उल्लेखनीय साहस दिखाने वाले 51 कर्मियों को इस वर्ष वीरता पदक से सम्मानित किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां रही हैं।
ऐसे माहौल में पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अपराध और हिंसा पर नियंत्रण रखने तथा संवेदनशील परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा कर्मियों को कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
इसी योगदान को देखते हुए जम्मू-कश्मीर क्षेत्र के 51 कर्मियों का वीरता पदक के लिए चयन इस वर्ष के सम्मान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
उत्तर-पूर्व और अन्य क्षेत्रों के कर्मियों को भी सम्मान
वीरता पदक पाने वालों में उत्तर-पूर्व क्षेत्र के 12 कर्मी भी शामिल हैं। इसके अलावा देश के अन्य क्षेत्रों में अपनी ड्यूटी के दौरान साहस का परिचय देने वाले 41 कर्मियों को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है।
इससे स्पष्ट होता है कि वीरता पुरस्कार किसी एक क्षेत्र या सेवा तक सीमित नहीं हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए काम करने वाले कर्मियों के योगदान को इस राष्ट्रीय सम्मान के माध्यम से पहचान दी जा रही है।
92 कर्मियों को राष्ट्रपति पदक
वीरता पदकों के अलावा इस वर्ष 92 राष्ट्रपति पदक यानी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) प्रदान किए जा रहे हैं। यह सम्मान उन कर्मियों को दिया जाता है, जिनका सेवा रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा हो और जिन्होंने लंबे समय तक अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया हो।
92 राष्ट्रपति पदकों में से 83 पुलिस सेवा, 4 अग्निशमन सेवा, 3 नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड सेवा और 2 सुधारात्मक सेवा के कर्मियों को प्रदान किए जाएंगे।
इस प्रकार पुलिस सेवा के कर्मियों को राष्ट्रपति पदकों की सबसे बड़ी संख्या मिली है। हालांकि, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा, होम गार्ड और सुधारात्मक सेवाओं के कर्मियों के योगदान को भी इस सम्मान में समान रूप से शामिल किया गया है।
664 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
इस वर्ष सबसे अधिक 664 सराहनीय सेवा पदक (MSM) प्रदान किए जा रहे हैं। यह पदक कर्तव्य के प्रति समर्पण, सूझबूझ और बहुमूल्य सेवा के लिए दिया जाता है।
इन 664 पदकों में 606 पुलिस सेवा, 28 अग्निशमन सेवा, 18 नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड सेवा और 12 सुधारात्मक सेवा के कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा।
सराहनीय सेवा पदक उन कर्मियों के योगदान को पहचान देता है, जिन्होंने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के दौरान अनुकरणीय कार्यशैली, समर्पण और जिम्मेदारी का परिचय दिया। इस श्रेणी में शामिल कर्मियों का योगदान सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण माना जाता है।
पुलिस सेवा को सबसे अधिक सम्मान
यदि सभी श्रेणियों को मिलाकर देखा जाए तो इस वर्ष पदक पाने वालों में पुलिस सेवा के कर्मियों की संख्या सबसे अधिक है। वीरता पदकों में 272 पुलिस कर्मी, राष्ट्रपति पदकों में 83 और सराहनीय सेवा पदकों में 606 पुलिस कर्मी शामिल हैं।
इस प्रकार पुलिस सेवा को इन तीन प्रमुख श्रेणियों में कुल 961 पदक मिल रहे हैं। इसके अलावा अग्निशमन सेवा, नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड और सुधारात्मक सेवाओं के कर्मियों को भी विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा।
यह आंकड़ा देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस बल की व्यापक भूमिका को दर्शाता है। वहीं, अन्य सेवाओं के कर्मियों का योगदान भी आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा और सुधारात्मक व्यवस्था में महत्वपूर्ण है।
अग्निशमन और नागरिक सुरक्षा कर्मियों की भूमिका
अग्निशमन विभाग के कर्मी केवल आग की घटनाओं से निपटने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि आपात परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने और संपत्ति की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में वीरता और सेवा पदकों में अग्निशमन कर्मियों को शामिल किया जाना उनके योगदान को पहचान देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
इसी तरह नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड के कर्मी भी विभिन्न आपात परिस्थितियों और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े कार्यों में सहयोग करते हैं। इस वर्ष राष्ट्रपति और सराहनीय सेवा पदकों में इन सेवाओं के कर्मियों को भी सम्मानित किया जा रहा है।
सुधारात्मक सेवाओं को भी मिला सम्मान
सुधारात्मक सेवा से जुड़े कर्मियों की भूमिका भी इस पदक सूची में शामिल है। राष्ट्रपति पदक के तहत सुधारात्मक सेवा के 2 कर्मियों और सराहनीय सेवा पदक के तहत 12 कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। सुधारात्मक सेवाओं का उद्देश्य संबंधित संस्थानों में व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है। ऐसे में लंबे समय तक अनुकरणीय सेवा देने वाले कर्मियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना उनके कार्य के महत्व को रेखांकित करता है।
स्वतंत्रता दिवस पर सम्मान से बढ़ेगा मनोबल
स्वतंत्रता दिवस देश के लिए गौरव और राष्ट्रीय एकता का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन सुरक्षा और सेवा से जुड़े कर्मियों को सम्मानित करना उनके योगदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम भी है।
वीरता पदक जहां असाधारण साहस को पहचान देते हैं, वहीं राष्ट्रपति पदक और सराहनीय सेवा पदक लंबे समय तक उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवा को सम्मानित करते हैं। इसलिए इन पुरस्कारों का महत्व केवल पदक प्राप्त करने वाले कर्मियों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह उनके सहकर्मियों और आने वाली पीढ़ियों को भी बेहतर सेवा के लिए प्रेरित करता है।
स्वतंत्रता दिवस 2026 पर 1,057 कर्मियों को वीरता एवं सेवा पदकों से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 301 वीरता पदक, 92 विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं। वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, जम्मू-कश्मीर, उत्तर-पूर्व और देश के अन्य हिस्सों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कर्मियों को इस वर्ष विशेष रूप से पहचान मिली है।
यह सम्मान देश की सुरक्षा, नागरिकों की सेवा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए दिन-रात कार्यरत कर्मियों के समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान देने का महत्वपूर्ण अवसर है।

