लखनऊ से वायरल वीडियो ने मचाई सनसनी – पढ़िए किस बेटे ने पिता की मौत के बाद शव से लगवाया अंगूठा – तुरंत पढ़ें

3140b721-95dc-46dc-b8e3-1e9da89c83fe

Digital Up News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद क्षेत्र से संपत्ति विवाद से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और पारिवारिक रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 75 वर्षीय छत्रपाल की मृत्यु के बाद उनके इकलौते बेटे महेंद्र ने कथित तौर पर सादे कागजों पर उनके शव का अंगूठा लगवाने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो ग्रामीणों द्वारा बनाए जाने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद रहीमाबाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।

बताया जा रहा है कि पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छत्रपाल ने कथित तौर पर अपने जीवनकाल में बेटे के व्यवहार से परेशान होकर उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था। इसके बाद उन्होंने अपनी जमीन अपनी बेटियों के नाम कर दी थी। आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद बेटे ने संपत्ति पर अपना दावा मजबूत करने के उद्देश्य से कथित तौर पर यह कदम उठाया।

हालांकि, मामले में सामने आए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।

9 जुलाई को हुई थी छत्रपाल की मौत

मिली जानकारी के अनुसार, 75 वर्षीय छत्रपाल की मृत्यु 9 जुलाई को हुई थी। वह रहीमाबाद क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहते थे। बताया गया है कि उनके परिवार में एक बेटा और बेटियां हैं। संपत्ति को लेकर परिवार में पहले से विवाद चल रहा था।

परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, छत्रपाल ने कथित तौर पर अपने बेटे महेंद्र को संपत्ति से बेदखल कर जमीन अपनी बेटियों के नाम कर दी थी। इसके पीछे पारिवारिक विवाद और बेटे के व्यवहार को वजह बताया जा रहा है।

पिता की मृत्यु के बाद संपत्ति को लेकर विवाद एक बार फिर सामने आया। आरोप है कि इसी दौरान बेटे ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर सादे कागजों पर मृतक के अंगूठे का निशान लगवाया। ग्रामीणों ने इस पूरी घटना को देखकर वीडियो बना लिया।

शव से अंगूठा लगवाने का आरोप

मामले का सबसे गंभीर पहलू मृतक के शव से अंगूठा लगवाने का आरोप है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग मृत व्यक्ति के हाथ से कागज पर अंगूठे का निशान लेने की कोशिश करते दिखाई देते हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई और मामले की जांच की मांग की। सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस तक भी इसकी जानकारी पहुंची।

हालांकि, किसी वीडियो के आधार पर घटना से जुड़े सभी तथ्यों को अंतिम रूप से सही मानना उचित नहीं है। पुलिस को यह जांचना होगा कि कागजों पर अंगूठा किस उद्देश्य से लगवाया गया, उसमें क्या लिखा था और इस पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे।

संपत्ति विवाद से जुड़ा है पूरा मामला

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के पीछे मुख्य वजह संपत्ति विवाद बताई जा रही है। छत्रपाल ने कथित तौर पर अपने जीवनकाल में बेटे को संपत्ति से अलग करते हुए जमीन अपनी बेटियों के नाम कर दी थी।

यदि किसी व्यक्ति द्वारा अपनी संपत्ति के संबंध में वैध दस्तावेज तैयार किए जाते हैं, तो उनके आधार पर संपत्ति का अधिकार तय होता है। ऐसे में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके नाम से नया दस्तावेज तैयार करने या पुराने अधिकारों में बदलाव करने का प्रयास कानूनी जांच का विषय बन सकता है।

इसी कारण पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सादे कागजों पर कथित तौर पर अंगूठा लगवाने का उद्देश्य क्या था। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि क्या इन कागजों का इस्तेमाल भविष्य में संपत्ति पर दावा करने के लिए किया जाना था।

ग्रामीणों के वीडियो से सामने आया मामला

बताया जा रहा है कि घटना के समय मौके पर मौजूद कुछ ग्रामीणों ने पूरी गतिविधि का वीडियो बना लिया। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

वीडियो वायरल होने के बाद मामला स्थानीय स्तर से निकलकर पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद रहीमाबाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और आरोपों की जांच शुरू की।

सोशल मीडिया के माध्यम से सामने आने वाले मामलों में पुलिस के लिए वीडियो की सत्यता, घटना का स्थान, उसमें दिखाई दे रहे लोगों की पहचान और घटना के वास्तविक समय की पुष्टि करना महत्वपूर्ण होता है। इसलिए इस मामले में भी पुलिस विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

वीडियो और शिकायत से संबंधित जानकारी सामने आने के बाद रहीमाबाद पुलिस ने आरोपी बेटे के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है।

जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि कथित रूप से लगाए गए अंगूठे के निशान का किसी दस्तावेजी प्रक्रिया में इस्तेमाल किया गया या नहीं। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि मृतक की संपत्ति से जुड़े कौन-कौन से दस्तावेज पहले से मौजूद हैं।

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, आरोपी पक्ष को भी अपना पक्ष रखने और जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्य प्रस्तुत करने का अधिकार होगा।

पिता की संपत्ति को लेकर पहले से था विवाद

परिवार से जुड़ी जानकारी के अनुसार, छत्रपाल और उनके बेटे के बीच संबंध सामान्य नहीं थे। आरोप है कि पिता ने बेटे के व्यवहार से परेशान होकर उसे अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया था।

इसके बाद जमीन बेटियों के नाम किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में मौजूद दस्तावेज और उनकी वैधता की पुष्टि संबंधित अधिकारियों और जांच एजेंसी द्वारा की जानी बाकी है।

परिवार में संपत्ति का बंटवारा अक्सर संवेदनशील विषय होता है। ऐसे मामलों में विवाद बढ़ने पर रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है। इसलिए संपत्ति संबंधी दस्तावेज तैयार करते समय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक होता है।

वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी चर्चा

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने के बाद लोग इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे पारिवारिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं से जोड़कर देखा है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर किसी घटना को लेकर प्रतिक्रिया देने से पहले पुलिस जांच और आधिकारिक तथ्यों का इंतजार करना जरूरी है। वायरल वीडियो मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकता है, लेकिन उसकी प्रामाणिकता और संदर्भ की पुष्टि भी आवश्यक होती है।

रहीमाबाद पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था और कथित तौर पर सादे कागजों पर अंगूठा लगवाने का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाना था।

कानूनी जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल यह मामला आरोपों और वायरल वीडियो के आधार पर सामने आया है। पुलिस द्वारा जांच शुरू किए जाने के बाद घटना से जुड़े अन्य तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

जांच में मृतक की संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, परिवार के सदस्यों के बयान, मौके पर मौजूद ग्रामीणों की जानकारी और वायरल वीडियो जैसे साक्ष्यों को महत्वपूर्ण माना जा सकता है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि मृतक की मृत्यु के बाद किसी दस्तावेज का निर्माण या उपयोग किया गया था या नहीं।

कुल मिलाकर, लखनऊ के रहीमाबाद में सामने आया यह मामला संपत्ति विवाद और पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा है। 75 वर्षीय छत्रपाल की 9 जुलाई को मृत्यु के बाद उनके शव से कथित तौर पर सादे कागजों पर अंगूठा लगवाने का आरोप उनके बेटे महेंद्र पर लगा है। ग्रामीणों द्वारा बनाए गए वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेकर जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि घटना की वास्तविकता क्या है और इसके पीछे कथित उद्देश्य कितना सही था।

You may have missed