मौसम का फिर से अलर्ट: छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, पढ़िए यूपी समेत इन राज्यों में भी तेज बारिश के आसार
Digital Up News Desk
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 14 अगस्त 2026 के पूर्वानुमान के अनुसार, छत्तीसगढ़ के उत्तरी हिस्सों में आज कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके अगले 24 घंटों में झारखंड से आगे बढ़ते हुए कमजोर होकर कम दबाव वाले क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान
IMD के मुताबिक, 14 और 15 अगस्त को उत्तर छत्तीसगढ़ में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 16 और 17 अगस्त को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान जलभराव और स्थानीय स्तर पर फ्लैश फ्लड की स्थिति की संभावना भी जताई है।
14 अगस्त को छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर और सरगुजा जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों के दौरान निम्न से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड खतरा बताया गया है। इसके अलावा 15 अगस्त की सुबह तक कई अन्य जिलों में भी सतही बहाव और निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना जताई गई है।
ऐसे में प्रशासन और स्थानीय लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। खासकर निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा।
यूपी में भी तेज बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश के लिए भी मौसम विभाग ने बारिश को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। IMD के अनुसार, 14 अगस्त को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, 15 से 17 अगस्त के बीच दोनों क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान जलभराव की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने बरेली, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बदायूं और मुजफ्फरनगर सहित कई जिलों में सतही जल बहाव और निचले क्षेत्रों में पानी जमा होने की संभावना दर्ज की है।
इसलिए इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी
उत्तराखंड के लिए भी मौसम विभाग ने 14 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इसके बाद 15 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 16-17 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर स्थानीय स्तर पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और जलभराव जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। IMD ने अगले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग, ऊधम सिंह नगर और उत्तरकाशी के कुछ इलाकों में निम्न से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम की संभावना जताई है।
ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।
झारखंड और ओडिशा में भी बारिश की संभावना
झारखंड में 14 अगस्त को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 15 से 17 अगस्त के बीच भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
ओडिशा के उत्तरी हिस्सों में 14 से 17 अगस्त के दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं, तटीय और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों के आसपास अगले कुछ घंटों के दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
समुद्र की स्थिति भी इस दौरान खराब से उबड़-खाबड़ रहने की संभावना है। इसलिए मछुआरों को 15 अगस्त की सुबह तक उत्तर बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
पश्चिम बंगाल में भी मौसम सक्रिय
गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड के ऊपर बने डिप्रेशन का असर पूर्वी भारत के मौसम पर दिखाई दे रहा है। IMD के अनुसार, गांगेय पश्चिम बंगाल में 14 अगस्त को बारिश के साथ मौसम में सक्रियता बनी रह सकती है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान जलभराव और सतही बहाव की स्थिति भी बन सकती है।
डिप्रेशन के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने के कारण झारखंड, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि, मौसम प्रणाली के कमजोर होने के साथ बारिश की तीव्रता में आगे कमी आने की संभावना भी है।
हिमाचल प्रदेश में भी फ्लैश फ्लड का जोखिम
हिमाचल प्रदेश में भी अगले 24 घंटों के लिए कुछ जिलों में निम्न से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम की संभावना जताई गई है। IMD ने चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, हमीरपुर, ऊना, सिरमौर और शिमला जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों को इस सूची में शामिल किया है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान नदी-नालों और जलधाराओं के आसपास विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। इसके अलावा कमजोर ढलानों और संवेदनशील मार्गों पर यात्रा करते समय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहतर रहेगा।
बारिश के दौरान क्या सावधानी बरतें?
मौसम विभाग ने भारी बारिश और तेज हवाओं के संभावित प्रभाव को देखते हुए लोगों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी है। IMD के अनुसार, भारी बारिश से स्थानीय जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने तथा कुछ स्थानों पर भूस्खलन जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।
बिजली चमकने की स्थिति में पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। साथ ही, पानी के स्रोतों से दूर रहना और बिजली के उपकरणों को सुरक्षित रखना जरूरी है। पहाड़ी इलाकों में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए।
मानसून के बीच कई राज्यों में बदला मौसम
कुल मिलाकर, 14 अगस्त को देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने वाला है। छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी मौसम की गतिविधियां बनी रहेंगी।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम अपडेट लेते रहें और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन की सलाह और आधिकारिक मौसम अपडेट को प्राथमिकता देना सबसे उचित रहेगा।

