आजमगढ़ में गैंगस्टर राजकुमार गौड़ पर कार्रवाई, 40 लाख की 340.2 वर्ग मीटर जमीन कुर्क
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में संगठित अपराध और अपराध से अर्जित कथित अवैध संपत्तियों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में आजमगढ़ पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए राजकुमार गौड़ की करीब 40 लाख रुपये कीमत की 340.2 वर्ग मीटर भूमि कुर्क की है।
पुलिस के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत की गई। प्रशासन ने संबंधित भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ग्राम रेवरा परवेजपुर पहुंची और नियमानुसार संपत्ति की कुर्की की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अपराध से अर्जित संपत्ति के जरिए आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोपों के मद्देनजर की गई है। हालांकि, संपत्ति और अपराध से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण सक्षम न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, राजकुमार गौड़ पुत्र छांगुर गौड़, निवासी रेवरा परवेजपुर, थाना निजामाबाद, आजमगढ़ पर गैंग से जुड़े आपराधिक मामलों में कार्रवाई की गई है। पुलिस का आरोप है कि वह एक आपराधिक गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है।
इसी आधार पर निजामाबाद थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस और जांच अधिकारियों ने आरोपी की संपत्तियों तथा उनके स्रोतों की भी जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस के अनुसार, ग्राम रेवरा परवेजपुर स्थित आराजी संख्या 377 में 340.2 वर्ग मीटर भूमि को चिन्हित किया गया। राजस्व विभाग की मदद से भूमि का सत्यापन और मूल्यांकन कराया गया।
मूल्यांकन में इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई। इसके बाद प्रशासन की ओर से गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की गई।
अपराध से अर्जित धन से जमीन खरीदने का आरोप
पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमे की विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी ने कथित आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने में किया।
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपी की जमीन खरीदने और उससे जुड़े ऋण की किश्तों का भुगतान करने की क्षमता के संबंध में कोई पर्याप्त एवं वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। इसी आधार पर पुलिस ने संपत्ति को अपराध से अर्जित धन से जुड़ा होने का दावा किया।
पुलिस का कहना है कि वर्ष 2020 से आरोपी कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन का इस्तेमाल आसपास की जमीन खरीदने और संपत्ति का विस्तार करने में कर रहा था।
हालांकि, पुलिस की ओर से लगाए गए इन आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित कानूनी प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और सक्षम न्यायालय के निर्णय के आधार पर होगी।
गैंग पर गंभीर आपराधिक गतिविधियों के आरोप
आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, राजकुमार गौड़ जिस गैंग से जुड़ा बताया गया है, उसके सदस्यों पर गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने के आरोप हैं। पुलिस का दावा है कि गैंग के सदस्य एक पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे सार्वजनिक करने की धमकी देते थे।
पुलिस के अनुसार, इसी तरह की धमकी के आधार पर कथित रूप से सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट और अवैध शस्त्रों से जुड़े अपराध किए जाने के आरोप हैं।
इन्हीं मामलों और गैंग की आपराधिक गतिविधियों के आधार पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद विवेचना के दौरान कथित रूप से अपराध से अर्जित संपत्ति की पहचान कर उसे कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस का कहना है कि गैंगस्टर एक्ट का उद्देश्य संगठित अपराध से जुड़े लोगों की अवैध आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना और अपराध से अर्जित संपत्ति पर कानूनी कार्रवाई करना है।
राजस्व विभाग ने किया जमीन का मूल्यांकन
संपत्ति कुर्क करने से पहले राजस्व विभाग की ओर से जमीन का चिन्हांकन और मूल्यांकन कराया गया। जांच में संबंधित भूमि को ग्राम रेवरा परवेजपुर में आराजी संख्या 377 के अंतर्गत चिन्हित किया गया।
राजस्व अधिकारियों ने उपलब्ध अभिलेखों और मौके की स्थिति के आधार पर भूमि का सत्यापन किया। इसके बाद इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई।
प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला मजिस्ट्रेट की ओर से संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया गया। आदेश मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
डुगडुगी पिटवाकर की गई कुर्की की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त 2026 को जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में थाना निजामाबाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ग्राम रेवरा परवेजपुर पहुंची।
मौके पर नियमानुसार डुगडुगी पिटवाकर लोगों को कार्रवाई की जानकारी दी गई। इसके बाद चिह्नित 340.2 वर्ग मीटर भूमि को प्रशासनिक कब्जे में लेकर कुर्क करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
कार्रवाई के दौरान स्थानीय स्तर पर प्रशासन की ओर से आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस के अनुसार, पूरी कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट में निर्धारित प्रक्रिया के तहत की गई।
इस दौरान पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मौजूदगी रही। कार्रवाई के बाद संबंधित संपत्ति पर प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित कर दिया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई। वहीं, अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुवन कुमार सिंह के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर आस्था जायसवाल की उपस्थिति में संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
थाना निजामाबाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने आपसी समन्वय के साथ संपत्ति का चिन्हांकन, अभिलेखीय प्रक्रिया और कुर्की की कार्रवाई पूरी की।
प्रशासन का कहना है कि संगठित अपराध से जुड़े मामलों में केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जा रही है, बल्कि अपराध से अर्जित कथित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाने की कोशिश
आजमगढ़ पुलिस का कहना है कि संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई में आर्थिक स्रोतों की जांच महत्वपूर्ण है। पुलिस के मुताबिक, अपराध से अर्जित धन के जरिए बनाई गई संपत्तियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कुर्क किया जा रहा है।
इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आर्थिक क्षमता को कमजोर करना और अवैध संपत्ति के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
पुलिस के अनुसार, गैंगस्टर, भूमाफिया और संगठित अपराध से जुड़े मामलों में संपत्ति संबंधी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यदि किसी संपत्ति के अपराध से अर्जित धन से खरीदे जाने के तथ्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
आजमगढ़ पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध, गैंगस्टरों, भूमाफियाओं और अपराध से अर्जित कथित अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस के अनुसार, अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संपत्तियों की पहचान, सत्यापन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार चलती रहेगी। इसके साथ ही, संबंधित मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
आजमगढ़ में गैंगस्टर एक्ट के तहत 40 लाख रुपये की जमीन की कुर्की इसी अभियान का हिस्सा है। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर ऐसी कार्रवाई जारी रखी जाएगी, ताकि संगठित अपराध और अवैध आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
फिलहाल, ग्राम रेवरा परवेजपुर में 340.2 वर्ग मीटर भूमि को प्रशासनिक कब्जे में लेकर कुर्क कर दिया गया है। पुलिस और राजस्व विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।

