बागपत में दो दोस्तों की हत्या से सनसनी, मंदिर परिसर में मिले शव; महंत पर आरोप, दो शिष्य गिरफ्तार

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Digital UP News Desk

बागपत: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के चांदीनगर थाना क्षेत्र के सिगोली तगा गांव में दो युवकों की गुमशुदगी का मामला गंभीर आपराधिक घटना में बदल गया। गांव के दो दोस्तों अंकित (25) और इसरार (32) के शव लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर परिसर के पीछे से बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों की हत्या किए जाने की आशंका है। मामले में मंदिर के महंत नरेश नाथ पर आरोप सामने आए हैं, जबकि उसके दो शिष्यों कृष्ण यादव और उज्ज्वल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद से महंत फरार बताया जा रहा है।

पुलिस ने गुरुवार तड़के मंदिर परिसर में खुदाई कराकर दोनों शव बरामद किए। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शव काफी समय से वहां होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल था। हालांकि, कपड़ों और घड़ी जैसी वस्तुओं के आधार पर दोनों की पहचान अंकित और इसरार के रूप में की गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और मंदिर तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

25 जुलाई को बाइक से निकले थे दोनों दोस्त

पुलिस के मुताबिक, अंकित और इसरार 25 जुलाई की दोपहर बाइक से घर से निकले थे। इसके बाद दोनों वापस नहीं लौटे। अगले दिन 26 जुलाई को भी परिवार वालों ने उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। 27 जुलाई को दोनों के मोबाइल फोन बंद हो गए। लगातार संपर्क नहीं होने पर परिवार की चिंता बढ़ती गई।

इसके बाद 29 जुलाई को चांदीनगर थाने में दोनों युवकों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। परिवार और ग्रामीणों ने अपने स्तर पर भी कई स्थानों पर दोनों की तलाश की। करीब एक सप्ताह तक कोई सुराग नहीं मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की। पुलिस ने दोनों युवकों की कॉल डिटेल, मोबाइल की आखिरी लोकेशन और उनके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटानी शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस को दोनों की आखिरी लोकेशन और गतिविधियों से जुड़े कुछ सुराग मिले। पूछताछ और उपलब्ध जानकारी के आधार पर पुलिस का संदेह लहचौड़ा स्थित गणेश मंदिर के महंत नरेश नाथ की ओर गया। पुलिस के अनुसार, अंकित और इसरार को आखिरी बार मंदिर के आसपास देखे जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

महंत पर शक गहराने के बाद मंदिर में छापा

जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को अंकित की बहन और महंत नरेश नाथ के बीच कथित नजदीकी की जानकारी मिली। परिवार और ग्रामीणों के अनुसार, इस संबंध को लेकर पहले भी आपत्ति जताई गई थी। पुलिस अब इसी पहलू को घटना की संभावित वजहों में शामिल कर जांच कर रही है।

बुधवार रात पुलिस ने मंदिर परिसर में छापा मारा। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही महंत नरेश नाथ वहां से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसके दो शिष्यों कृष्ण यादव और उज्ज्वल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर मंदिर परिसर के पीछे खुदाई कराई गई और दोनों युवकों के शव बरामद किए गए।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में महंत की भूमिका क्या थी और दोनों युवकों की हत्या की वास्तविक वजह क्या रही। इसके अलावा, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना में अन्य कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।

अंकित परिवार का इकलौता बेटा था

अंकित के परिवार की स्थिति भी इस घटना को और संवेदनशील बनाती है। वह अपनी मां और पांच बहनों के साथ सिगोली तगा गांव में रहता था। परिवार में वह इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है, जबकि अंकित अविवाहित था। परिवार के मुताबिक, वह बेरोजगार था और दिव्यांग भी था।

दूसरी ओर, इसरार मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी फिरदौस और तीन बच्चे हैं। इसरार के पिता रिड़कूद्दीन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा और अंकित लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और दोनों के बीच दोस्ती थी। 25 जुलाई को दोनों के एक साथ बाइक से जाने के बाद परिवार को अंदाजा नहीं था कि यह उनकी आखिरी यात्रा साबित होगी।

लगातार कई दिनों तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया। इसके बावजूद जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

महंत के पुराने व्यवहार को लेकर भी सवाल

ग्रामीणों के अनुसार, नरेश नाथ मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से बागपत में मंदिर में पूजा-पाठ कर रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले वह सिगोली तगा गांव में अंकित के पड़ोस में रहता था। ग्रामीणों ने उसके व्यवहार को लेकर आपत्ति जताई थी और बाद में उसे गांव से बाहर कर दिया गया था।

इसके बाद महंत गांव से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित गणेश मंदिर में रहने लगा। उसके साथ उसके दो शिष्य भी रहते थे। पुलिस अब महंत के पुराने संपर्कों, मंदिर में आने-जाने वाले लोगों और घटना के समय वहां मौजूद लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

बागपत के एसपी सूरज राय के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में अंकित की बहन और महंत के बीच दोस्ती तथा उसके विरोध को घटना की संभावित वजह के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी तस्वीर जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगी।

सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों की जांच

पुलिस इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों को भी अहम मान रही है। मंदिर और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। इसके अलावा, दोनों युवकों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, आखिरी लोकेशन और उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पुलिस का उद्देश्य घटना से जुड़े सभी तथ्यों को जोड़कर यह पता लगाना है कि दोनों युवक मंदिर परिसर तक कैसे पहुंचे और उसके बाद उनके साथ क्या हुआ। साथ ही, फरार महंत नरेश नाथ की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दिए जाने की बात भी सामने आई है।

फिलहाल पुलिस ने महंत के दोनों शिष्यों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया के साथ पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद घटना से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।

मामले में अभी जांच जारी है। इसलिए हत्या की वजह और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष पुलिस की जांच तथा पोस्टमार्टम और अन्य फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

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