सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान में स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, चार के चालान और दो वाहन सीज
रिपोर्ट- मोहम्मद अरशद
बदायूं। शासन एवं जिलाधिकारी बदायूं के निर्देश पर बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत जनपद में स्कूली वाहनों की जांच का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में परिवहन विभाग की टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में स्कूली वाहनों की चेकिंग की। इस दौरान कुल 20 स्कूली वाहनों को जांच के दायरे में लिया गया। मानकों का पालन नहीं करने वाले चार वाहनों के चालान किए गए, जबकि स्कूल में अनधिकृत रूप से संचालित पाए गए दो वाहनों को सीज किया गया।
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करना है। विभाग ने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे वाहनों के सभी जरूरी प्रपत्र दुरुस्त रखें और निर्धारित मानकों के अनुसार ही बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने का कार्य करें।
20 स्कूली वाहनों की हुई जांच
सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन/प्रशासन) हरिओम और माल/यात्री कर अधिकारी अभिनव चौधरी के नेतृत्व में परिवहन विभाग की टीम ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में स्कूली वाहनों की जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस सहित सुरक्षा से जुड़े जरूरी मानकों का निरीक्षण किया। कुल 20 स्कूली वाहनों की जांच की गई। इनमें से चार वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। नियमों का पालन नहीं करने पर इन चार वाहनों के चालान किए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। इसलिए वाहन संचालकों को समय रहते अपने दस्तावेज और फिटनेस संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
अनधिकृत वैन को परिवहन कार्यालय में किया गया सीज
चेकिंग के दौरान एक वैन स्कूल में अनधिकृत रूप से संचालित होती पाई गई। आवश्यक नियमों का पालन नहीं होने के कारण परिवहन विभाग की टीम ने वैन को कार्रवाई करते हुए परिवहन कार्यालय बदायूं में सीज कर दिया।
विभाग की ओर से यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि स्कूली बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों का निर्धारित मानकों के अनुरूप होना आवश्यक है। किसी भी वाहन को बिना जरूरी अनुमति या निर्धारित औपचारिकताओं के स्कूल परिवहन में इस्तेमाल करना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं माना जाता।
इसी तरह चेकिंग के दौरान एक ऑटो रिक्शा भी स्कूल में अनधिकृत रूप से संचालित पाया गया। विभागीय टीम ने इस वाहन को भी कार्रवाई के तहत थाना बिल्सी में सीज कराया।
नियमों का पालन करने की अपील
परिवहन विभाग ने जिले के सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि वे बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूली वाहनों के सभी आवश्यक प्रपत्र पूरे रखें। साथ ही वाहनों की फिटनेस समय से कराते रहें। विभाग ने विशेष रूप से कहा है कि फिटनेस फेल वाहनों का संचालन न किया जाए।
इसके अलावा स्कूली वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने से भी बचने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों और स्कूल प्रबंधन को यातायात नियमों का पालन करने तथा बच्चों की सुरक्षा से संबंधित सभी निर्धारित मानकों का ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
25 अगस्त तक जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग के अनुसार सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान 25 अगस्त 2026 तक लगातार जारी रहेगा। अभियान के दौरान स्कूली वाहनों की जांच और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, स्कूल आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर वाहन व्यवस्था में लापरवाही गंभीर विषय है। ऐसे में परिवहन विभाग द्वारा दस्तावेजों, फिटनेस और अन्य सुरक्षा मानकों की जांच किए जाने से स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ने की उम्मीद है।
विभाग की कार्रवाई के साथ ही स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। स्कूल संचालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को लाने-ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सभी वाहन वैध दस्तावेजों और आवश्यक फिटनेस के साथ संचालित हों। साथ ही वाहन की क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाया जाए और चालक यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करे।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर होगी कार्रवाई
सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के माध्यम से परिवहन विभाग यह संदेश दे रहा है कि स्कूली वाहनों के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी नहीं की जा सकती। जांच के दौरान यदि कोई वाहन निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के तहत हुई कार्रवाई से यह भी स्पष्ट है कि विभाग केवल दस्तावेजों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि स्कूलों में अनधिकृत रूप से संचालित वाहनों पर भी नजर रखी जा रही है। चार वाहनों के चालान और दो वाहनों के सीज किए जाने की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
वहीं, स्कूल संचालकों से उम्मीद की गई है कि वे कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय पहले से ही अपने वाहनों की स्थिति की जांच कर लें। फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेजों को समय पर अपडेट रखना उनके लिए जरूरी होगा। इससे न केवल नियमों का पालन होगा, बल्कि बच्चों की यात्रा भी अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।
अभिभावकों की भी अहम भूमिका
स्कूली बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में अभिभावकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को स्कूल भेजने के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन की स्थिति और वैधता के बारे में जानकारी रखें। यदि वाहन में क्षमता से अधिक बच्चे बैठाए जा रहे हों या सुरक्षा नियमों का पालन नहीं हो रहा हो, तो स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी जा सकती है।
इस प्रकार परिवहन विभाग की कार्रवाई, स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और अभिभावकों की सतर्कता मिलकर स्कूली परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
सेफ फ्यूचर 2.0 अभियान के तहत बदायूं में चल रही कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि स्कूली वाहनों का संचालन निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों के अनुसार ही किया जाए।

