कानपुर के जच्चा-बच्चा अस्पताल में अब मरीजों को मिलेगी प्राइवेट व सेमी प्राइवेट रूम की सुविधा, नई व्यवस्था लागू
रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा
कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज जच्चा-बच्चा अस्पताल में मरीजों और उनके तीमारदारों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। अस्पताल की नवनियुक्त विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने पदभार ग्रहण करने के बाद मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया है। इसी क्रम में अस्पताल में प्राइवेट और सेमी प्राइवेट रूम के एलॉटमेंट की व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
नई व्यवस्था के तहत अब मरीजों और उनके तीमारदारों को प्राइवेट अथवा सेमी प्राइवेट रूम लेने के लिए केवल निर्धारित समय पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। खास तौर पर शाम 5 बजे के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए रूम एलॉटमेंट की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। इसके लिए एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
शाम 5 बजे के बाद भी मिलेगा रूम एलॉटमेंट फॉर्म
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब तक प्राइवेट रूम के एलॉटमेंट के लिए फार्म चिकित्सालय के सामान्य भंडार गृह से उपलब्ध कराया जाता था। इसके लिए फार्म मिलने का निर्धारित समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक था। ऐसे में शाम 5 बजे के बाद अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को प्राइवेट या सेमी प्राइवेट रूम लेने की प्रक्रिया में परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।
अब इस व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शाम 5 बजे के बाद आने वाले मरीजों और तीमारदारों को प्राइवेट व सेमी प्राइवेट रूम एलॉटमेंट का फार्म एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मरीजों को निर्धारित समय के बाद भी रूम एलॉटमेंट की प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिल सकेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अनावश्यक परेशानी से बचाना है। साथ ही, रूम एलॉटमेंट की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सुचारु बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।
एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज को मिली जिम्मेदारी
अस्पताल की नवनियुक्त विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने प्राइवेट एवं सेमी प्राइवेट रूम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को लेकर एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज को आवश्यक निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश के अनुसार संबंधित मरीजों को रूम एलॉटमेंट का फार्म उपलब्ध कराने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सहयोग किया जाएगा।
दरअसल, अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीजों की जरूरतें अलग-अलग होती हैं। ऐसे में जिन मरीजों या उनके तीमारदारों को उपलब्धता के अनुसार प्राइवेट या सेमी प्राइवेट रूम की आवश्यकता होती है, उनके लिए प्रक्रिया को सरल बनाना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अस्पताल प्रशासन ने यह व्यवस्था लागू की है।
इसके अलावा, नई व्यवस्था से मरीजों को जानकारी प्राप्त करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत कम होगी। खास तौर पर शाम के समय अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए यह बदलाव उपयोगी साबित हो सकता है।
मरीजों और तीमारदारों को नहीं होगी रूम की दिक्कत
डॉ. सीमा द्विवेदी ने व्यवस्था के कड़ाई से अनुपालन के निर्देश दिए हैं। उनका प्रयास है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को उपचार के साथ-साथ जरूरी प्रशासनिक सुविधाएं भी समय पर उपलब्ध हों।
अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए रूम की उपलब्धता और उसके एलॉटमेंट की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है। वहीं, मरीज के साथ रहने वाले तीमारदारों के लिए भी यह सुविधा राहत देने वाली होती है। ऐसे में शाम के बाद आने वाले मरीजों के लिए फार्म उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज को दिए जाने से प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
इस बदलाव के बाद मरीजों और उनके तीमारदारों को प्राइवेट या सेमी प्राइवेट रूम के लिए फार्म हासिल करने में पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, रूम का एलॉटमेंट उपलब्धता और अस्पताल में लागू नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।
सीएमएस ने जारी किया आदेश
विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी के निर्देश के बाद अस्पताल की सीएमएस डॉ. अनीता गौतम ने संबंधित आदेश जारी कर दिया है। आदेश के माध्यम से नई व्यवस्था के पालन के लिए संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है।
अस्पताल प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि व्यवस्था का कड़ाई से पालन किया जाए, ताकि मरीजों और तीमारदारों को किसी प्रकार की अनावश्यक असुविधा न हो। इसके साथ ही संबंधित कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कदम अस्पताल में मरीज सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर ऐसे मरीज जो शाम 5 बजे के बाद अस्पताल पहुंचते हैं, उनके लिए रूम एलॉटमेंट की प्रक्रिया में यह बदलाव सुविधाजनक होगा।
मरीज सुविधा को बेहतर बनाने पर जोर
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज जच्चा-बच्चा अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल की व्यवस्थाओं को सरल और मरीज-केंद्रित बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
नवनियुक्त विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी द्वारा पदभार ग्रहण करने के बाद व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में प्राइवेट और सेमी प्राइवेट रूम की सुविधा को लेकर प्रक्रिया में बदलाव किया गया है।
नई व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि शाम 5 बजे के बाद आने वाले मरीजों को भी एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज के माध्यम से रूम एलॉटमेंट का फार्म उपलब्ध कराया जा सकेगा। इससे मरीजों और तीमारदारों को केवल फार्म प्राप्त करने के लिए अगले दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि, रूम की उपलब्धता अस्पताल में मौजूद क्षमता और निर्धारित नियमों पर निर्भर करेगी। इसलिए मरीजों और तीमारदारों को रूम एलॉटमेंट के लिए अस्पताल प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।
व्यवस्था लागू होने से क्या होगा फायदा?
नई व्यवस्था का सीधा लाभ उन मरीजों और तीमारदारों को मिलेगा, जो शाम 5 बजे के बाद अस्पताल पहुंचते हैं और प्राइवेट अथवा सेमी प्राइवेट रूम की आवश्यकता रखते हैं। पहले निर्धारित समय के बाद फार्म उपलब्ध न होने की स्थिति में उन्हें परेशानी हो सकती थी। अब एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज के माध्यम से फार्म उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा, संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय होने से रूम एलॉटमेंट की प्रक्रिया में समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है। इससे मरीजों को जानकारी प्राप्त करने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा मिलेगी।
कुल मिलाकर, अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज जच्चा-बच्चा अस्पताल में लागू की गई यह नई व्यवस्था मरीजों और तीमारदारों की सुविधा को प्राथमिकता देने वाली पहल है। अस्पताल प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के बाद अब प्राइवेट और सेमी प्राइवेट रूम के एलॉटमेंट की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया गया है। आने वाले समय में इस व्यवस्था के प्रभाव से मरीज सुविधा और अस्पताल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
मुख्य बिंदु:
- प्राइवेट और सेमी प्राइवेट रूम के लिए नई व्यवस्था लागू।
- शाम 5 बजे के बाद भी रूम एलॉटमेंट फार्म उपलब्ध होगा।
- एलआर-2 की सिस्टर इंचार्ज फार्म उपलब्ध कराएंगी।
- विभागाध्यक्ष डॉ. सीमा द्विवेदी ने दिए निर्देश।
- सीएमएस डॉ. अनीता गौतम ने आदेश जारी किया।
- व्यवस्था का उद्देश्य मरीजों और तीमारदारों की असुविधा कम करना है।

