सड़क की मांग को लेकर DM ऑफिस पहुंचे स्कूली बच्चे, तिरंगा लेकर किया प्रदर्शन

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रिपोर्ट- मोहम्मद अकरम 

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर स्कूली बच्चों के प्रदर्शन का मामला सामने आया है। चांदपुर गांव के ग्रामीणों के साथ कई स्कूली बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों का आरोप है कि गांव में लंबे समय से सड़क की समस्या बनी हुई है और कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय के निजी प्रवेश द्वार से अंदर पहुंच गए और अपनी मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

बच्चों के अचानक जिलाधिकारी कार्यालय के अंदर पहुंचने से कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। बाद में बच्चों को जिलाधिकारी कार्यालय से बाहर किया गया। इस दौरान कार्यालय के प्रवेश द्वार को बंद कर दिया गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई।

सड़क की समस्या को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

मामला हमीरपुर से सटे चांदपुर गांव का बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। खराब सड़क के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों की ओर से संबंधित अधिकारियों के सामने शिकायतें किए जाने की बात कही गई है।

वहीं, सड़क की समस्या से प्रभावित स्कूली बच्चे भी इस मुद्दे को लेकर नाराज नजर आए। ग्रामीणों के साथ बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उनका उद्देश्य अपनी समस्या को प्रशासन तक पहुंचाना और सड़क निर्माण की मांग पर ध्यान आकर्षित करना था।

प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने अपनी मांग को लेकर प्रशासन के सामने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसी वजह से वे ग्रामीणों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचे।

DM कार्यालय के अंदर पहुंचे बच्चे

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शन कर रहे बच्चे जिलाधिकारी कार्यालय के निजी प्रवेश द्वार तक पहुंच गए। इसके बाद वे कार्यालय के अंदर दाखिल हो गए। बच्चों के इस तरह कार्यालय के भीतर पहुंचने से वहां मौजूद कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों में हलचल मच गई।

मामला अचानक बढ़ने पर पुलिस ने बच्चों को कार्यालय से बाहर निकालने की कार्रवाई की। बताया गया कि बच्चों को बाहर करने के दौरान जिलाधिकारी कार्यालय का दरवाजा बंद कर दिया गया। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया।

बच्चों के प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में काफी देर तक हलचल बनी रही। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार घटना के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा गांव की सड़क की समस्या और उसके समाधान की मांग रहा।

आश्वासन पूरे न होने से नाराजगी

ग्रामीणों और बच्चों की नाराजगी का एक प्रमुख कारण यह बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण को लेकर पहले शिकायतें और आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी कारण ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चे भी अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे।

बच्चों के हाथों में तिरंगा होने के कारण प्रदर्शन ने प्रशासन का ध्यान भी आकर्षित किया। ग्रामीणों के साथ बच्चों की मौजूदगी ने सड़क की समस्या को लेकर उनकी गंभीरता को सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान बच्चों ने प्रशासन से सड़क की समस्या का समाधान कराने की मांग की।

स्थानीय स्तर पर सड़क किसी भी गांव के लिए बुनियादी सुविधा का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। सड़क बेहतर होने से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलती है और बच्चों के लिए स्कूल तक पहुंचना भी आसान होता है। ऐसे में चांदपुर गांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क की समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।

कलेक्ट्रेट की बढ़ाई गई सुरक्षा

बच्चों के अचानक जिलाधिकारी कार्यालय के अंदर पहुंचने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क हो गया। घटना के बाद कलेक्ट्रेट को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया और सुरक्षा बढ़ा दी गई।

पुलिस की मौजूदगी बढ़ने के बाद परिसर में स्थिति को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी स्थिति पर नजर रखी। प्रदर्शनकारी बच्चों को कार्यालय से बाहर किए जाने के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया गया।

इस घटना ने प्रशासनिक कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था और आम लोगों की शिकायतों को प्रभावी तरीके से सुनने की जरूरत को भी सामने रखा है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं लोगों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए ऐसी शिकायतों का समय पर समाधान होने से लोगों को राहत मिल सकती है।

बच्चों के प्रदर्शन से प्रशासन का ध्यान सड़क की ओर

चांदपुर गांव के बच्चों का यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि वे ग्रामीणों के साथ हाथों में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और सीधे जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गए। बच्चों का कहना था कि सड़क की समस्या को लेकर उनकी शिकायत पर ध्यान दिया जाए और जल्द समाधान कराया जाए।

वहीं, प्रशासनिक कार्यालय में बच्चों के प्रवेश के बाद पुलिस को उन्हें बाहर करना पड़ा। इस दौरान कार्यालय का दरवाजा बंद कर दिया गया। अचानक हुए इस घटनाक्रम से कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद लोगों के बीच भी हलचल देखने को मिली।

अब ग्रामीणों की नजर सड़क निर्माण से जुड़ी आगे की कार्रवाई पर है। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव की सड़क की समस्या का स्थायी समाधान हो, ताकि रोजाना आने-जाने वाले लोगों और विशेष रूप से स्कूली बच्चों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

फिलहाल, इस पूरे मामले में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों और स्कूली बच्चों की नाराजगी सामने आई है। प्रदर्शन के बाद प्रशासन की ओर से सड़क की समस्या के समाधान को लेकर क्या कदम उठाया जाता है, यह देखने वाली बात होगी।

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