कानपुर में फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर, बैराज पर 113.400 मीटर पहुंचा पानी; जानिए ताजा स्थिति
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: गंगा नदी के जलस्तर में दो दिन बाद शुरू हुई वृद्धि का सिलसिला आज भी जारी रहा। जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, गंगा बैराज के अप स्ट्रीम में जलस्तर 113.400 मीटर दर्ज किया गया, जबकि डाउन स्ट्रीम में यह 113.250 मीटर रहा। वहीं, शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.050 मीटर दर्ज किया गया है।
जलस्तर में वृद्धि के बीच प्रशासन की ओर से नदी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। हालांकि, उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गंगा बैराज और शुक्लागंज में पानी अभी चेतावनी बिंदु से नीचे है। इसके बावजूद आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और संबंधित विभागों के लिए जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखना जरूरी है।
जिला प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों में अलग-अलग बैराजों से गंगा में छोड़े गए पानी की मात्रा की जानकारी भी दी गई है। इसके अनुसार गंगा बैराज से 5,44,373 क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 93,016 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
गंगा बैराज पर जलस्तर की स्थिति
गंगा बैराज क्षेत्र में जलस्तर की स्थिति पर नजर डालें तो अप स्ट्रीम में पानी का स्तर 113.400 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं डाउन स्ट्रीम में जलस्तर 113.250 मीटर रहा।
गंगा बैराज के लिए निर्धारित चेतावनी बिंदु 114.000 मीटर है, जबकि खतरे का बिंदु 115.000 मीटर निर्धारित है। इस लिहाज से वर्तमान जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे है।
हालांकि, जलस्तर में लगातार वृद्धि होने के कारण प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर संबंधित विभाग आगे की स्थिति का आकलन करते हैं।
शुक्लागंज में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा
शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.050 मीटर दर्ज किया गया है। यहां चेतावनी बिंदु 113.000 मीटर और खतरे का बिंदु 114.000 मीटर है।
इस प्रकार शुक्लागंज में दर्ज जलस्तर भी फिलहाल चेतावनी बिंदु से नीचे है। फिर भी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने के कारण प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर नदी के आसपास के निचले इलाकों पर पड़ सकता है। इसलिए संबंधित विभागों द्वारा स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निगरानी और आवश्यक तैयारियां की जाती हैं।
दो दिन बाद फिर शुरू हुई वृद्धि
जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, गंगा के जलस्तर में दो दिन बाद फिर वृद्धि शुरू हुई थी और आज भी यह बढ़ोतरी जारी रही। जलस्तर में बदलाव के पीछे अलग-अलग बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा भी महत्वपूर्ण होती है।
गंगा नदी में ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी और विभिन्न बैराजों से छोड़े गए पानी के कारण डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जलस्तर में परिवर्तन देखने को मिल सकता है। इसलिए कानपुर और शुक्लागंज जैसे क्षेत्रों में जलस्तर की निगरानी लगातार की जाती है।
वर्तमान आंकड़ों के आधार पर दोनों स्थानों पर पानी चेतावनी बिंदु से नीचे है। हालांकि, जलस्तर की दिशा और आने वाले घंटों में होने वाले बदलाव पर नजर रखना आवश्यक है।
गंगा बैराज से 5.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, गंगा बैराज से 5,44,373 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा अन्य बताए गए बैराजों की तुलना में अधिक है।
इसके अलावा हरिद्वार बैराज से 93,016 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।
बैराजों से पानी छोड़े जाने की मात्रा नदी के प्रवाह और जल प्रबंधन व्यवस्था के अनुसार बदलती रहती है। इसलिए एक समय के आंकड़ों के आधार पर भविष्य के जलस्तर को लेकर निश्चित अनुमान लगाना उचित नहीं होगा। प्रशासन द्वारा जारी ताजा आंकड़ों को ही वर्तमान स्थिति के लिए आधार माना जाना चाहिए।
चेतावनी और खतरे के निशान में अंतर
गंगा बैराज और शुक्लागंज में प्रशासन द्वारा चेतावनी और खतरे के अलग-अलग बिंदु निर्धारित किए गए हैं। इनका उद्देश्य नदी के बढ़ते जलस्तर के बारे में समय रहते संबंधित विभागों और लोगों को सतर्क करना है।
गंगा बैराज में चेतावनी बिंदु 114 मीटर और खतरे का बिंदु 115 मीटर है। वर्तमान अप स्ट्रीम जलस्तर 113.400 मीटर है। यानी यह चेतावनी बिंदु से 0.600 मीटर नीचे है।
इसी तरह शुक्लागंज में चेतावनी बिंदु 113 मीटर और खतरे का बिंदु 114 मीटर है। यहां वर्तमान जलस्तर 112.050 मीटर है, जो चेतावनी बिंदु से 0.950 मीटर नीचे है।
इसलिए उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार फिलहाल दोनों स्थानों पर जलस्तर निर्धारित चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है।
प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण
गंगा के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। नदी के जलस्तर में अचानक बदलाव होने की स्थिति में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक होता है।
इसके साथ ही प्रशासन को नदी किनारे के क्षेत्रों, तटवर्ती इलाकों और जलस्तर से प्रभावित होने वाले संभावित स्थानों की स्थिति पर नजर रखनी होती है।
हालांकि, वर्तमान में उपलब्ध आंकड़े खतरे के निशान से काफी नीचे हैं, इसलिए स्थिति को सामान्य निगरानी के स्तर पर देखा जा सकता है। फिर भी जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होने के कारण आने वाले आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे।
लोगों को प्रशासन की सूचना पर ध्यान देने की सलाह
गंगा किनारे रहने वाले लोगों के लिए जरूरी है कि वे जलस्तर से संबंधित प्रशासनिक सूचनाओं पर ध्यान दें। नदी के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचना और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना उपयोगी रहेगा।
विशेष रूप से बारिश या बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी के जलस्तर में बदलाव हो सकता है। ऐसे में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।
आगे के आंकड़ों पर रहेगी नजर
गंगा के जलस्तर में दो दिन बाद शुरू हुई वृद्धि अब भी जारी है। ऐसे में आने वाले समय में जलस्तर किस दिशा में जाता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल गंगा बैराज और शुक्लागंज दोनों स्थानों पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से नीचे दर्ज किया गया है।
जिला प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, गंगा बैराज के अप स्ट्रीम में 113.400 मीटर, डाउन स्ट्रीम में 113.250 मीटर और शुक्लागंज में 112.050 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया है।
कुल मिलाकर, गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बीच कानपुर और शुक्लागंज में प्रशासन की निगरानी जारी है। गंगा बैराज से 5,44,373 क्यूसेक, हरिद्वार बैराज से 93,016 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 1,24,173 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार जलस्तर चेतावनी और खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन वृद्धि का सिलसिला जारी रहने के कारण आगे के जलस्तर पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

