प्रयागराज में उमर के काफिले की गाड़ियों पर FIR, टोल बैरियर तोड़ने और कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप
Digital UP News Desk
प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर के छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज जाने के दौरान उसके काफिले को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि काफिले में शामिल कुछ वाहनों ने प्रयागराज और प्रतापगढ़ जिले में स्थित टोल प्लाजा पर नियमों का उल्लंघन किया। टोल अधिकारियों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग मामलों में मुकदमे दर्ज किए हैं। शिकायतों में टोल बैरियर तोड़ने, कर्मचारियों से अभद्रता करने, धमकी देने और वाहनों से टोल कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, टोल प्लाजा प्रबंधन की ओर से कुछ वाहनों के नंबर और सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराए गए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटनाओं के दौरान कौन-कौन से वाहन मौके पर मौजूद थे और उनमें कौन लोग सवार थे।
भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज आया था उमर
बताया गया कि अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे आबान की छह अगस्त को झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद आठ अगस्त को प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में उसके जनाजे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया होनी थी।
लखनऊ जेल में बंद उमर को अपने छोटे भाई के जनाजे में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिली थी। पैरोल मिलने के बाद उसे सुरक्षा व्यवस्था के बीच सरकारी वाहन से लखनऊ से प्रयागराज लाया जा रहा था।
इसी दौरान उसके साथ कई अन्य वाहन भी चलते हुए दिखाई दिए। पुलिस और टोल अधिकारियों की शिकायत के अनुसार, काफिले में शामिल कुछ वाहनों को लेकर टोल प्लाजा पर विवाद की स्थिति बनी। हालांकि, इन आरोपों की पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
नवाबगंज टोल प्लाजा पर 28 नामजद के खिलाफ मुकदमा
नेशनल हाईवे-19 पर स्थित नवाबगंज टोल प्लाजा के सहायक टोल मैनेजर जय प्रकाश यादव की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के आधार पर नवाबगंज पुलिस ने 28 नामजद लोगों और कई अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
शिकायत में कहा गया है कि उमर को लेकर जा रहे सरकारी वाहन के पीछे कई अन्य गाड़ियां भी आ रही थीं। आरोप है कि इनमें से कुछ वाहनों के चालक बिना टोल दिए आगे बढ़ने लगे। टोल कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और अभद्रता की गई।
इसके अलावा शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ वाहनों से टोल कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया और टोल प्लाजा का बूम बैरियर तोड़ दिया गया। घटना के कारण कुछ समय के लिए टोल प्लाजा पर अफरातफरी की स्थिति बनी।
टोल प्रबंधन ने घटना से होने वाले आर्थिक नुकसान की बात भी पुलिस के सामने रखी है। पुलिस अब उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और वाहनों के नंबरों की मदद से घटनाक्रम की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है।
टोल कर्मचारियों से अभद्रता का भी आरोप
शिकायत में टोल कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित टोल शुल्क देने के लिए कहा, तो कुछ लोगों ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की। कर्मचारियों का दावा है कि वाहनों को रोकने के प्रयास के दौरान उन्हें धमकी भी दी गई।
हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, टोल प्लाजा के ऑटोमेटिक सिस्टम से मिले आंकड़े और कर्मचारियों के बयान के आधार पर यह निर्धारित किया जाएगा कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने का अर्थ यह नहीं है कि लगाए गए सभी आरोप साबित हो गए हैं। जांच के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुंडा के भदरी टोल प्लाजा पर दो वाहनों के खिलाफ केस
इसी मामले से जुड़ा दूसरा विवाद प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र में स्थित भदरी टोल प्लाजा पर सामने आया। टोल प्लाजा प्रबंधन ने आरोप लगाया कि काफिले में शामिल दो वाहनों ने टोल बैरियर को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों के साथ अभद्रता की।
टोल प्लाजा के मैनेजर इसाक खान की तहरीर पर हथिगवां पुलिस ने दोनों वाहनों के नंबर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया है। शिकायत के अनुसार, टोल कर्मचारियों ने जब वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो कथित तौर पर उनमें सवार लोगों ने कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया।
शिकायत में वाहनों से कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस ने मामले को दर्ज करने के बाद वाहन नंबरों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
काफिले में डेढ़ दर्जन से अधिक वाहन होने की बात
टोल प्लाजा प्रबंधन के अनुसार, उमर के साथ चल रहे काफिले में डेढ़ दर्जन से अधिक वाहन शामिल थे। इनमें से कुछ वाहनों को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई है, जबकि अन्य वाहन टोल प्लाजा से सामान्य तरीके से निकल गए।
बताया गया कि भदरी टोल प्लाजा पर ऑटोमेटिक कैमरा और टोल कलेक्शन सिस्टम लगा हुआ है। इसके चलते कई वाहनों का टोल सिस्टम के माध्यम से स्वत: दर्ज हुआ। ऐसे में पुलिस के पास घटनाक्रम की जांच के लिए टोल रिकॉर्ड और कैमरा फुटेज जैसे डिजिटल साक्ष्य भी उपलब्ध हो सकते हैं।
यही वजह है कि जांच में सीसीटीवी फुटेज की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस यह पता लगा सकती है कि किन वाहनों ने बैरियर पार किया, किन वाहनों के चालक टोल लेन में रुके और घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या स्थिति थी।
पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल दोनों टोल प्लाजा की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह निर्धारित करना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कौन-कौन से तथ्य साक्ष्यों से पुष्ट होते हैं।
इसके लिए पुलिस टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, वाहन नंबर, टोल लेन से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद कर्मचारियों के बयान जुटा सकती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित वाहन मालिकों और चालकों से भी पूछताछ की जा सकती है।
वहीं, इस घटना ने उमर के प्रयागराज आने के दौरान सुरक्षा और काफिले की व्यवस्था को लेकर भी चर्चा बढ़ा दी है। उमर को अदालत से मिली पैरोल के तहत अपने छोटे भाई आबान के जनाजे में शामिल होने के लिए प्रयागराज लाया गया था।
फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है। इसलिए टोल प्लाजा प्रबंधन की ओर से लगाए गए आरोपों को अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। जांच पूरी होने और साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि किन लोगों की भूमिका रही और उनके खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
28 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
उमर के प्रयागराज आने के दौरान टोल प्लाजा पर हुए कथित विवाद ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए हैं। नवाबगंज टोल प्लाजा पर 28 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के साथ ही भदरी टोल प्लाजा पर दो वाहनों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। अब सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर और टोल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी। इसके बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है।

