मुरादाबाद के बलिया गांव खत्म हुआ आदमखोर तेंदुए का आतंक, जानिए किस तरह से में पिंजरे में किया गया कैद

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रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद 

मुरादाबाद: जिले के ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र के बलिया गांव में पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की मौजूदगी को लेकर बनी चिंता के बीच वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। वन विभाग की टीम ने सोमवार, 10 अगस्त 2026 की सुबह करीब 5 बजे एक तेंदुए को पिंजरे में पकड़ लिया। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

बताया गया कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में एक तेंदुए को सड़क पार करते हुए देखा गया था। इसके बाद से वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में निगरानी और सर्च अभियान चला रही थीं। तेंदुए की गतिविधियों को देखते हुए संभावित स्थानों पर नजर रखी जा रही थी और पिंजरे के माध्यम से उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही थी।

तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने राहत महसूस की। हालांकि, वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की संभावना से अभी पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए निगरानी और सर्च अभियान को फिलहाल जारी रखा गया है।

सुबह पांच बजे पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ

वन विभाग की टीम ने सोमवार सुबह करीब 5 बजे बलिया गांव क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुए को पकड़ लिया। तेंदुए के पकड़े जाने की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी की।

पिछले दिनों तेंदुए को सड़क पार करते देखे जाने के बाद से ग्रामीणों के बीच उसकी गतिविधियों को लेकर सतर्कता बढ़ गई थी। वन विभाग ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी थी।

लगातार निगरानी के बाद तेंदुए को पिंजरे में पकड़ना वन विभाग के अभियान की महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। इससे स्थानीय स्तर पर लोगों को कुछ राहत मिली है।

सड़क पार करते देखा गया था तेंदुआ

बलिया गांव क्षेत्र में कुछ दिन पहले तेंदुए को सड़क पार करते हुए देखा गया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना संबंधित विभाग को दी थी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने की प्रक्रिया शुरू की।

ग्रामीण इलाका होने के कारण यहां खेत और आसपास के प्राकृतिक क्षेत्र भी मौजूद हैं। ऐसे में वन विभाग की टीमों ने संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाई। इसके अलावा तेंदुए की आवाजाही का पता लगाने के लिए आसपास के क्षेत्रों में लगातार सर्च अभियान चलाया गया।

वन विभाग की सक्रियता के बाद अब तेंदुए को पिंजरे में कैद किया जा चुका है। हालांकि, विभाग की ओर से अभी अभियान को पूरी तरह समाप्त नहीं किया गया है।

तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों को राहत

तेंदुए के पिंजरे में कैद होने की खबर सामने आने के बाद बलिया गांव और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ दिनों से तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के कारण लोग अपने दैनिक कार्यों के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरत रहे थे।

ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुए के पकड़े जाने से क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर राहत मिली है। हालांकि, वन विभाग की ओर से सर्च अभियान जारी रखने की जानकारी के बाद लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

स्थानीय लोगों के लिए यह भी महत्वपूर्ण है कि वे बिना आवश्यकता जंगल, खेतों या सुनसान क्षेत्रों में अकेले न जाएं और किसी वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

वन विभाग का सर्च अभियान अभी जारी

वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के बाद भी क्षेत्र में सर्च अभियान जारी रखा है। विभाग का कहना है कि आसपास के क्षेत्र में अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।

इसी कारण वन विभाग की टीमें आसपास के जंगलों और खेतों में लगातार निगरानी कर रही हैं। टीमों द्वारा संभावित स्थानों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी अन्य वन्यजीव की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।

इसके साथ ही ग्रामीणों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि या तेंदुए की दोबारा मौजूदगी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने के लिए कहा जा रहा है।

खेतों और जंगलों में रखी जा रही नजर

बलिया गांव और आसपास का क्षेत्र ग्रामीण परिवेश वाला है, जहां खेतों के साथ-साथ कुछ ऐसे स्थान भी हैं जहां वन्यजीवों की आवाजाही संभव हो सकती है। इसलिए वन विभाग इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी कर रहा है।

टीमों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर जाकर स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। तेंदुए की गतिविधियों से जुड़े संभावित संकेतों पर भी नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार आगे भी सर्च अभियान को बढ़ाया जा सकता है।

इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में वन्यजीवों की मौजूदगी का पता लगाना और स्थानीय लोगों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

तेंदुआ पकड़े जाने के बाद भी वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को पूरी तरह लापरवाही न बरतने की सलाह दी जा रही है। खासकर खेतों और जंगल के आसपास जाने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।

ग्रामीणों को किसी भी वन्यजीव को देखकर उसके करीब जाने या उसे परेशान करने से बचना चाहिए। इसके बजाय तत्काल संबंधित वन विभाग की टीम को सूचना देना उचित होगा।

इसके अलावा, यदि किसी स्थान पर तेंदुए या किसी अन्य वन्यजीव के पदचिह्न अथवा गतिविधि के संकेत दिखाई दें तो ग्रामीणों को स्वयं जांच करने के बजाय विभाग को इसकी जानकारी देनी चाहिए।

ठाकुरद्वारा क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी बढ़ी

यह पूरा मामला मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा कोतवाली क्षेत्र का है। बलिया गांव में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना के बाद वन विभाग ने लगातार निगरानी अभियान चलाया।

तेंदुए के पकड़े जाने के बाद अब विभाग की प्राथमिकता आसपास के क्षेत्र में किसी अन्य तेंदुए की मौजूदगी की संभावना की जांच करना है। इसके लिए जंगल और खेतों में निगरानी जारी है।

वन विभाग की टीमों की सक्रियता के चलते क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, ग्रामीण भी तेंदुए के पकड़े जाने के बाद पहले की तुलना में अधिक राहत महसूस कर रहे हैं।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी

तेंदुए के पकड़े जाने को वन विभाग की कार्रवाई में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, लेकिन विभाग अभी जल्दबाजी में अभियान समाप्त नहीं करना चाहता। आसपास के क्षेत्र में किसी अन्य तेंदुए की मौजूदगी की संभावना को देखते हुए निगरानी जारी रखी जा रही है।

वन विभाग की टीमों द्वारा खेतों और जंगलों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों से प्राप्त सूचनाओं पर भी नजर रखी जाएगी।

कुल मिलाकर, मुरादाबाद के बलिया गांव में 10 अगस्त 2026 की सुबह पिंजरे में तेंदुआ पकड़े जाने से ग्रामीणों को राहत मिली है। हालांकि, वन विभाग की ओर से क्षेत्र में अन्य तेंदुओं की मौजूदगी की संभावना को देखते हुए सर्च अभियान जारी रखा गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में निगरानी के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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