यूपी में बीजेपी ने संगठन पदाधिकारियों को सौंपी क्षेत्रवार जिम्मेदारी, जानिए किसे मिला कौन सा क्षेत्र

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Digital Up News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को और अधिक सक्रिय एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रदेश पदाधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपने की जानकारी सामने आई है। पार्टी नेतृत्व की ओर से प्रदेश महामंत्रियों और उपाध्यक्षों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी अलग-अलग पदाधिकारियों को सौंपी गई है।

पार्टी संगठन में क्षेत्रवार जिम्मेदारी का उद्देश्य संबंधित क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और पार्टी के कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाना माना जाता है। हालांकि, इन जिम्मेदारियों के बाद संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हो जाएगी।

राम प्रताप सिंह चौहान को पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार, प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान को पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। पश्चिमी यूपी राजनीतिक और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में यहां पार्टी की गतिविधियों के संचालन और संगठन के साथ समन्वय की जिम्मेदारी प्रदेश महामंत्री के स्तर पर रहेगी।

राम प्रताप सिंह चौहान को पश्चिमी यूपी की जिम्मेदारी मिलने के बाद क्षेत्र में पार्टी संगठन से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। साथ ही कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा हो सकती है।

गीता शाक्य को ब्रज क्षेत्र का प्रभार

प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य को ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ब्रज क्षेत्र में पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए अब उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।

गीता शाक्य को क्षेत्र की जिम्मेदारी मिलने के बाद स्थानीय संगठन के साथ समन्वय, पार्टी कार्यक्रमों की समीक्षा और कार्यकर्ताओं के बीच संवाद को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके अलावा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों को क्षेत्रीय स्तर तक पहुंचाने में भी क्षेत्रीय पदाधिकारियों की भूमिका रहती है।

इस जिम्मेदारी के जरिए पार्टी नेतृत्व की कोशिश संगठन के अलग-अलग स्तरों के बीच बेहतर तालमेल बनाने की हो सकती है।

शंकर लोधी को कानपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी

प्रदेश महामंत्री शंकर लोधी को कानपुर क्षेत्र का प्रभार सौंपा गया है। कानपुर क्षेत्र उत्तर प्रदेश के प्रमुख संगठनात्मक क्षेत्रों में शामिल है। औद्योगिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कानपुर के साथ आसपास के जिलों में भी पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियां चलती रहती हैं।

ऐसे में शंकर लोधी को कानपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी मिलने से क्षेत्रीय संगठन में उनकी भूमिका बढ़ेगी। उन्हें स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करते हुए संगठन के कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने का दायित्व निभाना होगा।

इसके साथ ही पार्टी की ओर से चलाए जाने वाले अभियानों और कार्यक्रमों की जमीनी स्थिति की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने में भी क्षेत्रीय प्रभारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।

दिलीप पटेल को अवध क्षेत्र का प्रभार

प्रदेश महामंत्री दिलीप पटेल को अवध क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। राजधानी लखनऊ सहित कई महत्वपूर्ण जिलों को प्रभावित करने वाला अवध क्षेत्र राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

दिलीप पटेल को अवध क्षेत्र का दायित्व मिलने के बाद संगठन की गतिविधियों को क्षेत्रीय स्तर पर समन्वित करने की जिम्मेदारी उनके पास होगी। पार्टी के कार्यक्रमों को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाने और स्थानीय संगठन के साथ तालमेल बनाने में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहेगा।

इसके अलावा क्षेत्र में पार्टी की बैठकों, अभियानों और संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा भी क्षेत्रीय स्तर पर की जा सकती है।

रमेश सिंह को काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी

प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष रमेश सिंह को काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। काशी क्षेत्र पार्टी के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक क्षेत्रों में से एक है। ऐसे में यहां संगठन को सक्रिय बनाए रखने और पार्टी के कार्यक्रमों को गति देने में उनकी भूमिका अहम होगी।

रमेश सिंह क्षेत्रीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय करते हुए पार्टी की गतिविधियों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। साथ ही प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय संगठन के बीच संवाद कायम रखने में भी क्षेत्रीय जिम्मेदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

अभिजात मिश्रा को गोरखपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी

जानकारी के अनुसार, अभिजात मिश्रा को गोरखपुर क्षेत्र का दायित्व सौंपा गया है। गोरखपुर क्षेत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में विशेष महत्व रखता है। इस क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों के संचालन और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय की जिम्मेदारी अब अभिजात मिश्रा के पास होगी।

क्षेत्रीय जिम्मेदारी मिलने के बाद पार्टी के कार्यक्रमों और संगठनात्मक अभियानों को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा सकता है। इसके साथ ही स्थानीय पदाधिकारियों के साथ नियमित संवाद भी उनकी जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहेगा।

संगठन को मजबूत करने पर जोर

उत्तर प्रदेश में बीजेपी का संगठन काफी व्यापक है। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने का उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करना माना जाता है।

दरअसल, प्रदेश स्तर पर लिए गए निर्णयों को जिलों और मंडल स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए क्षेत्रीय समन्वय महत्वपूर्ण होता है। इसी वजह से पार्टी में क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय की जाती हैं।

क्षेत्रीय पदाधिकारी एक ओर प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों को स्थानीय संगठन तक पहुंचाते हैं, वहीं दूसरी ओर कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से मिलने वाली जानकारी को प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाने का काम भी करते हैं।

कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय रहेगा महत्वपूर्ण

नई जिम्मेदारियों के बाद संबंधित पदाधिकारियों के सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने की होगी। इसके लिए क्षेत्रीय बैठकों, कार्यकर्ता संवाद और संगठनात्मक कार्यक्रमों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

इसके अलावा पार्टी के अभियानों और कार्यक्रमों को बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए भी क्षेत्रीय पदाधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी। संगठन में जिम्मेदारी मिलने के बाद संबंधित नेता अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं से संवाद कर पार्टी की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ा सकते हैं।

आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम बदलाव

उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य है और यहां संगठनात्मक गतिविधियों का सीधा प्रभाव पार्टी की राजनीतिक तैयारियों पर भी पड़ता है। ऐसे में क्षेत्रवार जिम्मेदारियों में बदलाव को संगठन की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा सकता है।

पश्चिमी यूपी से लेकर ब्रज, कानपुर, अवध, काशी और गोरखपुर तक अलग-अलग पदाधिकारियों को जिम्मेदारी मिलने से क्षेत्रीय स्तर पर संगठन के कामकाज को गति देने की कोशिश की जा सकती है।

फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से पदाधिकारियों को क्षेत्रवार जिम्मेदारियां सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। अब संबंधित पदाधिकारियों की सक्रियता और क्षेत्रीय संगठनों के साथ उनका समन्वय आने वाले समय में संगठन की दिशा और गतिविधियों को तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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