गांधी-शास्त्री जयंती पर अमेठी में स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रित सम्मानित, डीएम ने दिलाया स्वच्छता का संदेश
रिपोर्ट: अंजनी मिश्रा
अमेठी। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को अमेठी जनपद में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और अन्य संस्थानों में दोनों महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर उनके जीवन, संघर्ष, विचारों और राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए लोगों से उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया।
मुख्य कार्यक्रम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुआ। यहां जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।
सत्य, अहिंसा और स्वच्छता के संदेश को अपनाने की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वावलंबन और स्वच्छता के सिद्धांत आज भी समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि गांधी जी के विचार केवल इतिहास का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि वर्तमान समय में भी सामाजिक जीवन को बेहतर दिशा देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
डीएम ने कहा कि महात्मा गांधी के आदर्शों को अपने व्यवहार और दैनिक जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विशेष रूप से स्वच्छता को जीवनशैली का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों में बचपन से ही अनुशासन, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करें।
उन्होंने कहा कि बच्चों को महापुरुषों के जीवन और उनके संघर्षों से परिचित कराने से उनमें देश, समाज और नागरिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। इसलिए परिवार और विद्यालय दोनों स्तरों पर बच्चों को अच्छे संस्कार और जिम्मेदारी का भाव देने की आवश्यकता है।
छात्राओं ने प्रस्तुत किए सांस्कृतिक कार्यक्रम
जयंती समारोह के दौरान छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को विशेष बनाया। छात्राओं ने महात्मा गांधी के प्रिय भजन ‘रघुपति राघव राजा राम’ सहित अन्य प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और नागरिकों ने छात्राओं के प्रदर्शन की सराहना की।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने सम्मानित किया। उन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें देश की महान परंपराओं और महापुरुषों के विचारों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों का सम्मान
गांधी-शास्त्री जयंती के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को सम्मानित करना कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। इस दौरान अशोक कुमार द्विवेदी, परमानंद मिश्रा, राजेश सिंह, रमानिवास मिश्र और अब्दुल अनीस को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को स्मरण करते हुए उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन समर्पित किया। ऐसे में उनके आश्रितों का सम्मान नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास से जोड़ने का माध्यम भी है।
अधिकारियों ने भी महापुरुषों के आदर्शों को अपनाने का दिया संदेश
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी ज्योति सिंह एवं अमृता सिंह ने भी महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवन मूल्यों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि दोनों महापुरुषों का जीवन सादगी, कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा देता है।
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन विशेष रूप से सादगी और कर्तव्य के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। वहीं महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से समाज और देश को नई दिशा देने का कार्य किया। इसलिए, दोनों महापुरुषों के विचार आज की पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी हैं।
अधिकारियों और नागरिकों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर अभिनव कनौजिया, रामशंकर, सात्विक श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक मौजूद रहे। सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों को याद किया।
इसके अलावा जनपद के विभिन्न सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों और वृद्धाश्रमों में भी गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
विभिन्न स्थानों पर आयोजित गतिविधियों में लोगों ने स्वच्छ वातावरण बनाए रखने और सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई में सहयोग करने का संदेश दिया। इस प्रकार, गांधी जयंती का आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर भी बना।
गांधी-शास्त्री जयंती पर अमेठी में आयोजित कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि महापुरुषों के विचारों को केवल स्मरण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना भी आवश्यक है। सत्य, अहिंसा, सादगी, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपनाकर समाज को अधिक जागरूक और जिम्मेदार बनाया जा सकता है।

