मथुरा में पत्रकारों ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, पत्रकार सुरक्षा कानून की उठी मांग
रिपोर्ट- योगेश भारद्वाज
मथुरा। पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अधिकारों से जुड़ी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की मथुरा इकाई ने आवाज बुलंद की। इंडियन जर्नलिस्ट्स यूनियन (आईजेयू) के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर 2 अक्टूबर को ‘मांग दिवस’ के रूप में मनाते हुए बड़ी संख्या में पत्रकार सिविल लाइंस क्षेत्र में एकत्र हुए। इसके बाद पत्रकारों ने जुलूस निकालकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह को ज्ञापन सौंपा।इस दौरान पत्रकारों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारे लगाए और पत्रकारों के हितों से जुड़े मुद्दों को सरकार तक पहुंचाने की मांग की। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह स्वयं पत्रकारों के बीच पहुंचे और उनसे ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए कहा कि ज्ञापन में उठाई गई मांगों को राष्ट्रपति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से जुड़े मामलों में प्रशासन की ओर से यथासंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की प्रमुख मांग
यूनियन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। पत्रकारों का कहना है कि समाचार संकलन और जनहित के मुद्दों को सामने रखने के दौरान पत्रकारों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उनकी सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था आवश्यक है।इसके अलावा पत्रकारों ने राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया आयोग के गठन की मांग भी रखी। यूनियन का कहना है कि पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों, कामकाजी परिस्थितियों और पत्रकारों के अधिकारों पर विचार के लिए एक प्रभावी संस्थागत व्यवस्था होनी चाहिए।
वेतन बोर्ड और पेंशन योजना की मांग
ज्ञापन में पत्रकारों से संबंधित वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए नए वेतन बोर्ड के गठन की मांग भी शामिल रही। यूनियन ने पत्रकारों के लिए एक समान पेंशन योजना लागू करने की मांग की, ताकि लंबे समय तक पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाले पत्रकारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सके।इसके साथ ही पत्रकारों के विरुद्ध बिना जांच के मुकदमा दर्ज करने और तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग भी रखी गई। यूनियन ने कहा कि पत्रकारों से जुड़े मामलों में तथ्यों की जांच और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए।
दुर्घटना में घायल और मृत पत्रकारों के परिवारों के लिए मुआवजा
ज्ञापन में पत्रकारों के लिए सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी शामिल किए गए। दुर्घटना में पत्रकार की मृत्यु या घायल होने की स्थिति में उनके परिवार को निश्चित मुआवजा देने की मांग की गई। इसके अलावा पत्रकारों और उनके परिजनों को सरकारी तथा निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने और आयुष्मान योजना का लाभ दिए जाने की मांग भी की गई।वहीं, पत्रकारों को सड़क मार्ग पर टोल टैक्स में छूट देने तथा रेलवे यात्रा में पूर्व की भांति रियायत बहाल करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। इसके अतिरिक्त प्रत्येक जिले में प्रेस क्लब के शीघ्र गठन और पत्रकारों के लिए रियायती दर पर आवासीय योजना शुरू करने की मांग भी उठाई गई।
पत्रकार हितों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष एवं आईजेयू के राष्ट्रीय सचिव नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि यूनियन पत्रकारों के हितों के लिए 24 घंटे तत्पर है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के उत्पीड़न से जुड़े मामलों में संगठन मजबूती से आवाज उठाता रहा है और भविष्य में भी पत्रकारों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।जिला महासचिव रमेश चंद्रा ने कहा कि पत्रकारिता और पत्रकारों के हित में संगठन हरसंभव प्रयास करेगा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार किशन चतुर्वेदी ने युवा पत्रकारों को बधाई देते हुए कहा कि पत्रकारों के अधिकारों और सम्मान से जुड़े मुद्दों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने का क्रम जारी रहना चाहिए।वरिष्ठ पत्रकार अजय शर्मा और मधुसूदन शर्मा ने भी पत्रकारों की मांगों को लेकर निरंतर संघर्ष करने की बात कही। इस अवसर पर पत्रकारों ने एकजुट होकर संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा पत्रकारों से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
बड़ी संख्या में पत्रकार रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार किशन चतुर्वेदी, अजय शर्मा, मधुसूदन शर्मा, उमर कुरैशी, दीपक बैंकर, प्रकाश ठाकुर, परवेज अहमद, योगेश भारद्वाज, गोपाल चतुर्वेदी, अमित शर्मा, रवि यादव, दिनेश आचार्य, लोकेश चौधरी, बीएल पांडेय, अन्नू पंडित, सुभाष सैनी, सतीश अंशुमन, मुकेश कुशवाह, फैसल कुरैशी, गिरीश ठाकुर, सुरेश सैनी, अमित भार्गव, मनोहर पटेल, दलवीर विद्रोही, आरके धनगर, गौरव शर्मा, ओमप्रकाश सैनी, आरती शर्मा, सोनम, दीपक सारस्वत, बालकृष्ण अग्रवाल, मोहन मीणा, मोहित चतुर्वेदी, विष्णु गुप्ता, श्याम शर्मा, नेत्रपाल, दीपक खंडेलवाल, सीमा शर्मा, गोपाल चतुर्वेदी जूनियर, सुमित गोस्वामी, गिरधर पचौरी, चंद्रमोहन दीक्षित, सुनील राज, शशि कपूर, अजीत चौहान, भानु शर्मा, संजय गौड़, कासिम खान, जाहिद सैय्यद, नीरज चतुर्वेदी, राजू चौहान, कोमल पाराशर, राजू पंडित, यश भारद्वाज, शुभम चौधरी, नरेंद्र गौतम, कल्लन पंडित, राहुल गौड़, डॉ. वीरेंद्र शर्मा, भोलेशंकर शर्मा, अमित अग्रवाल, रिंकू शर्मा, योगेश गौतम, पीके दुबे, राजा तिवारी, लाखन तोमर, प्रतीक चतुर्वेदी, राजेश सोलंकी, हेतराम सिंह, कालीचरण बिंदल, अनिल शर्मा, प्रवीण मिश्रा, मंत्रवीर चौधरी, निर्मल राजपूत, ओमप्रकाश गोला, रविकांत पाराशर, विष्णु शर्मा, मनोज शर्मा, आरपी सिंह राठौर, पिंटू, पीयूष यादव, हिमांशु यादव, दिनेश भारती, सोनम कुमारी, विकास गौतम, गुंजन खत्री, कौशलेन्द्र चौधरी, नितिन कर्दम, रोहित शर्मा रिंकू, आबिद, असगर, शुभम शर्मा समेत सैकड़ों पत्रकार मौजूद रहे।

