आजमगढ़ में निशुल्क नेत्र शिविर: 175 लोगों की आंखों की जांच, दवा वितरित
रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़ः ग्राम पंचायत कठैचा के पंचायत भवन में रमा हॉस्पिटल नरौली, आजमगढ़ के सौजन्य से निशुल्क नेत्र शिविर का आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उनके गांव के नजदीक बेहतर नेत्र जांच और उपचार संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित इस शिविर में कठैचा सहित आसपास के कई गांवों के लोगों ने पहुंचकर अपनी आंखों की जांच कराई। शिविर के दौरान कुल 175 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को निशुल्क दवाएं वितरित की गईं। वहीं, जिन लोगों को चश्मे की आवश्यकता थी, उन्हें 150 रुपये के शुल्क पर चश्मा उपलब्ध कराया गया।
शिविर में कठैचा के अलावा सुंदर सराय बल्लो, मलतारी, महुलिया, जमीन डोरवा और इमलीपुर गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। ग्रामीणों को आंखों से संबंधित विभिन्न समस्याओं के बारे में चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। इसके साथ ही मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार आवश्यक सावधानियों और नियमित आंखों की देखभाल के संबंध में भी जानकारी दी गई।
गांव में ही मिली नेत्र जांच की सुविधा
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच कई बार चुनौतीपूर्ण हो जाती है। खासकर आंखों की जांच के लिए जिला मुख्यालय या बड़े अस्पताल तक जाना उनके लिए परेशानी का कारण बनता है। ऐसे में गांव के पंचायत भवन में निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित होने से स्थानीय लोगों को काफी सुविधा मिली।
शिविर में 75 वर्षीय कैलाशी देवी, 75 वर्षीय दलभेषन पासवान, 73 वर्षीय रामवृक्ष और 65 वर्षीय मुखिया सहित कई बुजुर्गों ने अपनी आंखों की जांच कराई। बुजुर्गों ने बताया कि जिला मुख्यालय जाकर आंखों की जांच कराना उनके लिए आसान नहीं था। आने-जाने में समय और खर्च दोनों लगते हैं। ऐसे में गांव में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी में निशुल्क जांच और दवा मिलने से उन्हें काफी राहत मिली।
बुजुर्गों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर इस तरह के स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने चाहिए। इससे उन लोगों को भी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकता है, जो किसी कारणवश दूर स्थित अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते।
मोतियाबिंद और आंखों से पानी आने की शिकायत वाले मरीज मिले
शिविर में नेत्र विशेषज्ञों ने मरीजों की आंखों की जांच कर विभिन्न समस्याओं की पहचान की। जांच के दौरान आंखों की रोशनी कम होने, मोतियाबिंद, आंख में नाखूना, आंखों से पानी आने सहित अन्य नेत्र संबंधी परेशानियों की जांच की गई।
रमा हॉस्पिटल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि शिविर में मोतियाबिंद, कम दिखाई देने, आंख में नाखूना और आंखों से पानी आने की शिकायत वाले मरीजों की संख्या अधिक रही। इसके अलावा पंक्टम संबंधी समस्या से पीड़ित मरीज भी काफी संख्या में जांच कराने पहुंचे।
उन्होंने कहा कि आंखों से जुड़ी किसी भी समस्या को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शुरुआती स्तर पर जांच और चिकित्सकीय सलाह मिलने से कई समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। विशेष रूप से उम्र बढ़ने के साथ आंखों की नियमित जांच कराना जरूरी है।
बच्चों को मोबाइल और टीवी के अधिक इस्तेमाल से बचाने की सलाह
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. नीरज सिंह ने अभिभावकों को बच्चों की आंखों के स्वास्थ्य को लेकर भी जागरूक किया। उन्होंने बच्चों को टीवी और मोबाइल का अत्यधिक इस्तेमाल करने से बचाने की सलाह दी। उनका कहना था कि बच्चों की दिनचर्या में स्क्रीन टाइम को संतुलित रखना जरूरी है।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि बच्चों को लगातार लंबे समय तक मोबाइल फोन या टीवी देखने के बजाय बीच-बीच में आराम देना चाहिए। साथ ही, यदि बच्चे को देखने में परेशानी, आंखों में पानी आने या अन्य असुविधा की शिकायत हो तो विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।
डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि मोतियाबिंद की समस्या नशे का सेवन करने वाले तथा मधुमेह से पीड़ित लोगों में भी अधिक देखने को मिलती है। इसलिए ऐसे लोगों को अपनी आंखों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सजग रहने की जरूरत है।
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा अभियान
रमा हॉस्पिटल के डॉ. अमित सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर नेत्र स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह अभियान काफी समय से चलाया जा रहा है। उनका कहना है कि कई ग्रामीण ऐसे होते हैं, जिन्हें छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी शहर तक जाना पड़ता है। ऐसे में गांवों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करके उन्हें उनके नजदीक जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में आगे भी जरूरतमंद और नेत्र संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए निशुल्क नेत्र शिविर आयोजित किए जाते रहेंगे। इसके माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीणों को नेत्र जांच और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
ग्रामीणों ने की शिविर की सराहना
शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने निशुल्क नेत्र जांच और दवा वितरण की व्यवस्था की सराहना की। ग्रामीणों का कहना था कि स्वास्थ्य सुविधाएं गांव के नजदीक मिलने से बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों को विशेष लाभ मिलता है।
वहीं, चश्मे की आवश्यकता वाले मरीजों को 150 रुपये के शुल्क पर चश्मा उपलब्ध कराया गया। इससे ग्रामीणों को कम खर्च में आवश्यक सुविधा मिल सकी। निशुल्क जांच के साथ दवा उपलब्ध होने से भी मरीजों को राहत मिली।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आंखें शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग हैं और इनमें होने वाली किसी भी परेशानी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। नियमित जांच, संतुलित दिनचर्या और चिकित्सकीय सलाह का पालन करके आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
ये लोग रहे मौजूद
निशुल्क नेत्र शिविर के दौरान ग्राम प्रधान विजय कुमार चौहान, सुनीता चौहान, श्रीनाथ यादव, पूर्व प्रधान सुभाष मिश्रा, मुन्नीलाल चौहान, हरिलाल राम, बबलू यादव, दीपक यादव, इंद्रभूषण राम, लखपति भारती, आशीष द्विवेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, कठैचा पंचायत भवन में आयोजित निशुल्क नेत्र शिविर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए उपयोगी पहल साबित हुआ। एक ही स्थान पर 175 लोगों की आंखों की जांच, निशुल्क दवा वितरण और जरूरतमंदों को कम शुल्क पर चश्मा उपलब्ध कराने से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सुविधा मिली। वहीं, आयोजकों ने भविष्य में भी सगड़ी विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में इस तरह के शिविर जारी रखने की बात कही है।

