प्रतापगढ़ हादसा: पीड़ित परिवार से मिले राजा भैया, महुली में मकान गिरने से छह मौतों पर जताई संवेदना
रिपोर्ट- अमित सिंह
प्रतापगढ़ः उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के महुली गांव में जर्जर मकान गिरने से एक ही परिवार के छह लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बना हुआ है। इस दुखद घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों का पीड़ित परिवार से मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कुंडा विधायक एवं पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया शुक्रवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।
राजा भैया ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि किसी भी परिवार के लिए एक साथ इतने अपनों को खो देना अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा भी दिलाया और कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।
जीवित बचे अमन श्रीवास्तव से की मुलाकात
राजा भैया ने विशेष रूप से इस हादसे में जीवित बचे बच्चे अमन श्रीवास्तव से मुलाकात की। उन्होंने बच्चे का हालचाल जाना और उसका हौसला बढ़ाने का प्रयास किया। इसके साथ ही उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों से भी बातचीत की तथा उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली।
बताया जा रहा है कि इस दुर्घटना के बाद अमन श्रीवास्तव गहरे सदमे में है। ऐसे में राजा भैया ने परिवार को मानसिक रूप से मजबूत रहने की सलाह दी और प्रशासन से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की अपील भी की।
लगातार पहुंच रहे हैं जनप्रतिनिधि
महुली गांव में हुए इस हादसे के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों का पीड़ित परिवार के घर पहुंचने का सिलसिला जारी है। सभी लोग परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं और उन्हें हर संभव सहयोग का आश्वासन दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार की स्थिति अत्यंत कठिन है और उन्हें लंबे समय तक सामाजिक एवं प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता होगी।
बारिश के बीच ढहा था जर्जर मकान
जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के बीच महुली गांव में एक पुराना और जर्जर मकान अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने की घटना इतनी अचानक हुई कि उसमें मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिल सका।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। हालांकि, बचाव अभियान के दौरान परिवार के छह सदस्यों की मृत्यु की पुष्टि हुई। इस हादसे ने पूरे इलाके को गहरे शोक में डाल दिया।
प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के कारणों का विस्तृत परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि मकान की स्थिति पहले से कितनी जर्जर थी और क्या समय रहते कोई सुरक्षा उपाय किए जा सकते थे।
इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने क्षेत्र में पुराने एवं जर्जर भवनों का सर्वे कराने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।
विशेषज्ञों की राय भी महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के दौरान पुराने और कमजोर भवनों में रहने से जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए समय-समय पर भवनों की तकनीकी जांच कराना आवश्यक है। यदि किसी मकान में दरारें या कमजोर संरचना दिखाई दे तो तत्काल उसकी मरम्मत अथवा सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण जैसे कदम उठाने चाहिए।
ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग
महुली गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में मौजूद पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे भवनों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाए तो भविष्य में कई परिवारों को इस तरह की त्रासदी से बचाया जा सकता है।
इसके साथ ही लोगों ने आर्थिक सहायता, पुनर्वास और प्रभावित परिवार को सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
सामाजिक एकजुटता का संदेश
इस दुखद घटना के बाद गांव में सामाजिक एकजुटता भी देखने को मिली। आसपास के ग्रामीण, सामाजिक संस्थाएं और स्वयंसेवी संगठन पीड़ित परिवार की सहायता के लिए आगे आए हैं। कई लोगों ने आर्थिक सहायता के साथ-साथ भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई है।
वहीं, राजा भैया सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के पहुंचने से पीड़ित परिवार को यह भरोसा मिला कि कठिन समय में समाज उनके साथ खड़ा है।
प्रशासन और समाज की साझा जिम्मेदारी
यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि समाज और प्रशासन दोनों के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। लगातार हो रही बारिश के मौसम में जर्जर भवनों की पहचान, समय पर मरम्मत, सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरण तथा जनजागरूकता अभियान चलाना बेहद आवश्यक है।
यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फिलहाल पूरा क्षेत्र दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग तेज हो गई है।

