उत्तराखंड कैबिनेट के 15 बड़े फैसले: गौ पालन योजना, मजदूरी नियम, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और हाईकोर्ट परिसर को मंजूरी

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Digital UP News Desk 

देहरादूनः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के विकास, रोजगार, शिक्षा, न्यायिक व्यवस्था, खेल, पर्यटन, जलापूर्ति और श्रमिक कल्याण से जुड़े 15 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगा दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना, आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

कैबिनेट बैठक का सबसे प्रमुख निर्णय गौ पालन योजना से जुड़ा रहा। अब तक यह योजना सीमित वर्गों तक केंद्रित थी, लेकिन सरकार ने इसके दायरे का विस्तार करते हुए सामान्य वर्ग के पात्र लोगों को भी योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा, न्यायिक ढांचे का विस्तार और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।

अब सामान्य वर्ग को भी मिलेगा गौ पालन योजना का लाभ

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार अब प्रदेश के सामान्य वर्ग के पात्र नागरिक भी गौ पालन योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। सरकार ने योजना के तहत अधिकतम दो दुधारू पशु खरीदने पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी देने का प्रावधान किया है।

सरकार का मानना है कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही डेयरी व्यवसाय को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। यह फैसला पशुपालन क्षेत्र को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली 2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस नियमावली का उद्देश्य संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना है।

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक नियोक्ता को हर महीने की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सरकार डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा देगी ताकि वेतन भुगतान अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सके।

सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि समान कार्य के लिए महिला और पुरुष श्रमिकों को समान वेतन दिया जाएगा। इससे श्रमिकों के बीच समानता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा।

जीएसटी कानून में संशोधन को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने उत्तराखंड माल एवं सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश-2026 को भी मंजूरी दे दी है। यह संशोधन केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी कानून में बदलावों के अनुरूप राज्य की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

सरकार का कहना है कि इस संशोधन से कर प्रणाली अधिक सरल, पारदर्शी और व्यवसाय के अनुकूल बनेगी।

हल्द्वानी के गौलापार में बनेगा नया हाईकोर्ट परिसर

राज्य सरकार ने नैनीताल हाईकोर्ट के प्रस्तावित नए परिसर के लिए हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

प्रस्तावित परिसर में आधुनिक न्यायालय भवन, न्यायाधीशों के आवास, अधिवक्ताओं के चैंबर, प्रशासनिक भवन, पार्किंग तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न्यायिक व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक स्वरूप मिलेगा।

स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में 122 नए पद होंगे सृजित

खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।

करीब 90 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहा यह विश्वविद्यालय प्रदेश के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा। सरकार का लक्ष्य मिशन ओलंपिक 2036 के अनुरूप खिलाड़ियों को तैयार करना और खेलों के क्षेत्र में उत्तराखंड की मजबूत पहचान स्थापित करना है।

एससी-एसटी छात्रावासों के लिए नई नियमावली लागू

समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी प्रदान की है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रावासों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।

जल जीवन मिशन को मिलेगा स्थानीय सहयोग

कैबिनेट ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित ग्रामीण पेयजल योजनाओं को ग्राम पंचायतों और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरित करने की नई प्रक्रिया को भी मंजूरी दी है।

इस निर्णय के बाद स्थानीय स्तर पर पेयजल योजनाओं के संचालन, रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी मजबूत होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी बनने की उम्मीद है।

सहकारी समितियों में सदस्यता का दायरा बढ़ा

उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन करते हुए सरकार ने कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्तियों को भी सहकारी समितियों का सदस्य बनने का अधिकार देने का निर्णय लिया है।

यह फैसला उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है और सामाजिक समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

औद्योगिक संबंधों को मिलेगा नया ढांचा

कैबिनेट ने उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी है।

नई नियमावली के तहत श्रमिकों और नियोजकों के बीच विवादों के त्वरित समाधान, शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने तथा श्रम कानूनों को सरल बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

इसके अतिरिक्त छंटनी किए गए कर्मचारियों को परिस्थितियों के अनुसार दोबारा रोजगार का अवसर देने का भी प्रावधान किया गया है।

वन विकास निगम की सेवा नियमावली में बदलाव

कैबिनेट ने वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली-2026 को भी स्वीकृति दी है।

इसके तहत सेवा शर्तों, भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार किए जाएंगे। वहीं स्केलर पदों की भर्ती के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान भी लागू किया गया है।

ईको टूरिज्म को मिलेगा नया विस्तार

उत्तराखंड सरकार ने ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के पुनर्गठन को मंजूरी दी है।

नई समिति राज्य में ईको टूरिज्म हब विकसित करने, ट्रेकिंग मार्गों का विस्तार करने तथा पर्वतारोहण गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में कार्य करेगी। इससे पर्यटन उद्योग को नई गति मिलने की संभावना है।

गंगा एक्सप्रेस-वे हरिद्वार तक बढ़ाने का रास्ता साफ

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ एमओयू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है, जिसके तहत गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित किया जाएगा।

यह परियोजना पूरी होने के बाद हरिद्वार की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही धार्मिक पर्यटन, व्यापारिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी हुए मंजूर

इसके अलावा कैबिनेट ने बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के सहायता कोष की संचालन समिति में संशोधन, चंपावत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रशासनिक प्रस्तावों तथा अन्य विकास योजनाओं को भी मंजूरी प्रदान की।

प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

उत्तराखंड कैबिनेट के इन फैसलों से स्पष्ट है कि सरकार रोजगार, ग्रामीण विकास, न्यायिक व्यवस्था, खेल, पर्यटन, सामाजिक समावेशन और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रही है। विशेष रूप से गौ पालन योजना का लाभ सामान्य वर्ग तक पहुंचाने, श्रमिकों के अधिकारों को मजबूत करने, खेल विश्वविद्यालय को विस्तार देने तथा हाईकोर्ट के नए परिसर के निर्माण जैसे फैसले राज्य के दीर्घकालिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। आने वाले समय में इन निर्णयों का सीधा लाभ प्रदेश के लाखों नागरिकों को मिलने की उम्मीद है।

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