एटा में भारी बारिश से गिरी 80 वर्ष पुरानी तीन मंजिला इमारत, सतर्कता से टला बड़ा हादसा

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रिपोर्ट- नन्द कुमार

एटाः उत्तर प्रदेश के एटा जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच गुरुवार को शहर के व्यस्त हाथी गेट बाजार में स्थित लगभग 80 वर्ष पुरानी तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। देखते ही देखते पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो गई, जिससे बाजार में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि प्रशासन और स्थानीय लोगों की सतर्कता के चलते इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह से ही क्षेत्र में हल्की बारिश हो रही थी। इसी दौरान भवन के कुछ हिस्सों में दरारें और मलबा गिरना शुरू हो गया था। स्थानीय दुकानदारों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए लोगों को भवन के आसपास जाने से रोक दिया। इसके बाद कुछ ही समय में पूरी तीन मंजिला इमारत धराशायी हो गई।

व्यस्त बाजार में मची अफरा-तफरी

हाथी गेट बाजार एटा शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। इमारत गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के दुकानदार और राहगीर सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए। कुछ देर के लिए पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन समय रहते लोगों को दूर कर दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह घटना बाजार के अधिक व्यस्त समय में होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। सौभाग्य से घटना के समय अधिकांश लोग भवन से दूर थे।

सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचा प्रशासन

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर पूरी तरह सील कर दिया ताकि किसी भी व्यक्ति की आवाजाही न हो सके। साथ ही वाहनों का आवागमन भी अस्थायी रूप से रोक दिया गया।

इसके बाद प्रशासन ने मलबा हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। अधिकारियों ने भवन के शेष जर्जर हिस्सों का निरीक्षण किया और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें भी सुरक्षित तरीके से हटाने की तैयारी शुरू कर दी। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भवन का कोई हिस्सा दोबारा गिरकर किसी प्रकार की दुर्घटना का कारण न बने।

दुकानदारों की सतर्कता बनी सुरक्षा की वजह

घटना के दौरान स्थानीय दुकानदारों की सतर्कता भी सराहनीय रही। दुकानदारों ने सुबह से ही भवन की स्थिति पर नजर रखी हुई थी और लोगों को उसके आसपास जाने से रोक रहे थे। इसी वजह से किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई।

स्थानीय दुकानदार सचिन वार्ष्णेय ने बताया कि सुबह से हल्की बारिश हो रही थी। इसी दौरान भवन का कुछ हिस्सा गिरने लगा था। इसे देखते हुए आसपास मौजूद लोगों को पहले ही दूर कर दिया गया। उन्होंने बताया कि सभी दुकानदार लगातार भवन पर नजर रखे हुए थे और किसी को भी उसके पास नहीं जाने दिया जा रहा था। कुछ देर बाद पूरी इमारत अचानक गिर गई, लेकिन सभी लोग सुरक्षित रहे।

पुरानी इमारतों की सुरक्षा पर उठे सवाल

इस घटना के बाद शहर की अन्य जर्जर और पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बारिश के दौरान कमजोर और वर्षों पुराने भवनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे उनके गिरने का खतरा बढ़ जाता है।

ऐसे में स्थानीय निकायों और प्रशासन के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि वे समय-समय पर पुराने भवनों का सर्वेक्षण कर उनकी संरचनात्मक स्थिति का आकलन करें। जिन भवनों को खतरनाक घोषित किया जाए, वहां उचित सुरक्षा उपाय अपनाने के साथ आवश्यक कार्रवाई भी की जाए।

बारिश के मौसम में बढ़ जाती है चुनौती

मानसून के दौरान लगातार होने वाली वर्षा से कई पुराने भवनों की नींव और दीवारें कमजोर पड़ जाती हैं। यदि समय रहते उनकी मरम्मत नहीं कराई जाती, तो ऐसे भवन दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। इसलिए भवन स्वामियों को भी नियमित निरीक्षण और रखरखाव पर ध्यान देना चाहिए।

इसके अलावा प्रशासन की ओर से भी ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर लोगों को समय-समय पर सतर्क करना आवश्यक है, जहां जर्जर भवन मौजूद हैं।

पुलिस ने लोगों से की अपील

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे बैरिकेडिंग के भीतर प्रवेश करने का प्रयास न करें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रभावित मार्ग पर यातायात को अस्थायी रूप से बंद रखा गया, ताकि राहत एवं मलबा हटाने का कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।

फिलहाल कोई जनहानि नहीं

घटना का सबसे राहत भरा पक्ष यह रहा कि इमारत गिरने के बावजूद कोई व्यक्ति घायल नहीं हुआ। प्रशासन ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। मलबा हटाने का कार्य जारी है तथा आसपास की अन्य इमारतों का भी निरीक्षण कराया जा रहा है।

एटा के हाथी गेट बाजार में 80 वर्ष पुरानी तीन मंजिला इमारत का गिरना एक गंभीर चेतावनी है कि शहरों में मौजूद जर्जर भवनों की समय रहते पहचान और मरम्मत कितनी आवश्यक है। हालांकि स्थानीय दुकानदारों की सजगता, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और समय पर बैरिकेडिंग किए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया। अब आवश्यकता इस बात की है कि ऐसे पुराने भवनों का व्यापक सर्वेक्षण कर भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जाए।

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