जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव में 28 किसानों को मिले चयन पत्र, नन्द बाबा दुग्ध मिशन से डेयरी व्यवसाय को मिलेगा बढ़ावा
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के दुग्ध विकास विभाग की ओर से विकास भवन सभागार में आयोजित जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव में किसानों को डेयरी एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना 2026-27 के तहत चयनित 28 लाभार्थियों को चयन पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, वैज्ञानिक पशुपालन और राज्य सरकार की अनुदान आधारित योजनाओं से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
साथ ही डेयरी व्यवसाय को अधिक संगठित, तकनीक आधारित और लाभकारी बनाने पर भी विशेष चर्चा की गई।
डेयरी व्यवसाय को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने कहा कि कृषि के साथ डेयरी व्यवसाय किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। उन्होंने किसानों से सरकार की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि वैज्ञानिक पशुपालन अपनाकर दूध उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में वृद्धि की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करना है। डेयरी क्षेत्र में उपलब्ध योजनाएं इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
28 लाभार्थियों को मिले चयन पत्र
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के अंतर्गत चयनित 28 किसानों को चयन पत्र प्रदान किए गए।
इस योजना के माध्यम से चयनित लाभार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ स्वदेशी नस्लों के संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
स्वदेशी गोसंवर्धन योजना में 40 प्रतिशत तक अनुदान
जिला दुग्ध विकास अधिकारी संतोष कुमार ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत यदि कोई किसान बाहरी राज्यों से स्वदेशी नस्ल की गाय खरीदता है तो उसे 40 प्रतिशत तक अनुदान, अधिकतम 80 हजार रुपये तक प्रदान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों को बेहतर नस्ल के पशु उपलब्ध कराना और दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि करना है।
नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की भी दी जानकारी
कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को नंदिनी कृषक समृद्धि योजना और मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी भी दी।
जिला दुग्ध विकास अधिकारी ने किसानों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से डेयरी व्यवसाय का विस्तार किया जा सकता है और अतिरिक्त आय के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
डेयरी प्लांट लगाने पर 35 प्रतिशत अनुदान
कार्यक्रम के दौरान दुग्ध विकास विभाग की दुग्ध नीति योजना के बारे में भी जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई उद्यमी नया डेयरी प्लांट या मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करता है तो उसे परियोजना के लिए 35 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।
इस योजना का उद्देश्य दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाना, ग्रामीण स्तर पर रोजगार सृजित करना तथा डेयरी उद्योग को प्रोत्साहित करना है।
पशुपालन विभाग ने भी साझा की योजनाएं
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग सिंह ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों के साथ साझा की।
उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार और अन्य विभागीय सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया तथा किसानों से नियमित रूप से इन सुविधाओं का लाभ लेने की अपील की।
कृषि एवं उद्यान विभाग की योजनाओं की भी जानकारी
कॉन्क्लेव में उप निदेशक कृषि और जिला उद्यान अधिकारी ने भी अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों को दी।
उन्होंने बताया कि कृषि, उद्यान और पशुपालन को एकीकृत रूप से अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रहा डेयरी व्यवसाय
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि डेयरी व्यवसाय आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
सरकारी योजनाओं, आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण के माध्यम से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। इससे उनकी नियमित आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी विकसित होंगे।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील
मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित दुग्ध विकास और पशुपालन संबंधी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्रता के अनुसार उनका लाभ लें।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का उद्देश्य केवल अनुदान देना नहीं बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है।
विकास भवन में आयोजित जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव ने किसानों को डेयरी व्यवसाय से जुड़ी नवीन तकनीकों और सरकारी योजनाओं की व्यापक जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत 28 लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए।
साथ ही नंदिनी कृषक समृद्धि योजना, दुग्ध नीति योजना, पशुपालन विभाग की सेवाओं और वैज्ञानिक पशुपालन पर विशेषज्ञों ने विस्तृत जानकारी देकर किसानों को डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रेरित किया।

