आजमगढ़: जलजमाव से नाराज जनता का फूटा गुस्सा, एसडीएम के सामने प्रदर्शन, सड़क से पानी निकालने के तत्काल निर्देश

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार

आजमगढ़। नगर पंचायत जहानागंज में लंबे समय से बनी जलजमाव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर दिखाई दिया। जहानागंज के श्रीराम मोड़, जिसे स्थानीय लोग बवाली मोड़ के नाम से भी जानते हैं, पर सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने से परेशान नागरिकों ने एसडीएम सदर के सामने ही विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने नगर पंचायत के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जल निकासी की व्यवस्था प्रभावी नहीं बन सकी है।

स्थिति का जायजा लेने पहुंचे एसडीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और तत्काल राहत के लिए सड़क पर जमा पानी निकालने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि स्थायी समाधान के लिए सड़क के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।

तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत का नाला, फिर भी नहीं मिली राहत

स्थानीय लोगों के अनुसार जहानागंज-करहा मार्ग पर ताना-बाना मैदान से लेकर राजभर बस्ती तक हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है। नागरिकों का कहना है कि जल निकासी की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से तीन करोड़ रुपये से अधिक की लागत से नाले का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण की तकनीकी खामियों के कारण इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है।

लोगों का आरोप है कि नाला सड़क की सतह से लगभग दो से तीन फीट ऊंचा बना दिया गया है। ऐसे में बारिश का पानी स्वाभाविक ढंग से नाले में जाने के बजाय सड़क पर ही जमा हो जाता है। परिणामस्वरूप हल्की बारिश के बाद भी पूरा मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगता है।

आमजन के साथ छात्रों को भी उठानी पड़ रही परेशानी

जलभराव का सबसे अधिक असर स्थानीय नागरिकों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। सड़क पर लंबे समय तक पानी भरा रहने के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई बार वाहन बीच रास्ते में फंस जाते हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इसके अलावा स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी यह मार्ग जोखिम भरा बन गया है। पानी में सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिसके कारण कई बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।

पंपिंग सेट की व्यवस्था भी नहीं दे सकी राहत

स्थानीय नागरिकों ने बताया कि नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विक्रम बहादुर की ओर से पहले सड़क पर जमा पानी निकालने के लिए पंपिंग सेट की व्यवस्था कराई गई थी। हालांकि, यह व्यवस्था भी अधिक समय तक प्रभावी नहीं रह सकी।

लोगों का आरोप है कि कर्मचारियों की लापरवाही के कारण पंपिंग सेट नियमित रूप से संचालित नहीं किया गया। कभी डीजल खत्म होने का हवाला दिया गया तो कभी मशीन खराब होने की बात कही गई। परिणामस्वरूप सड़क पर पानी लगातार जमा रहा और उसमें सड़ांध फैलने लगी। इससे आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायतों की जांच के दौरान सामने आई समस्या

बुधवार को एसडीएम सदर विभिन्न जनशिकायतों की जांच के लिए जहानागंज पहुंचे थे। इसी दौरान मुख्य चौक पर मौजूद स्थानीय लोगों और लोजपा नेता संजय राय ने उनसे जलजमाव की समस्या का मौके पर निरीक्षण करने का आग्रह किया।

एसडीएम जैसे ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग वहां एकत्र हो गए। नागरिकों ने सड़क पर जमा पानी के बीच खड़े होकर अपनी नाराजगी जाहिर की और नगर पंचायत के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने अधिकारियों को मौके पर ही जलभराव की वास्तविक स्थिति दिखाई और समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठाई।

एसडीएम ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

स्थिति को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर ने नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी विक्रम बहादुर को तत्काल सड़क पर जमा पानी निकालने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं हो जाता, तब तक नियमित रूप से पंपिंग सेट चलाकर जल निकासी सुनिश्चित की जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

इसके साथ ही एसडीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क के पुनर्निर्माण और जल निकासी व्यवस्था को तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित विभागों के सहयोग से इस समस्या का स्थायी समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।

आश्वासन के बाद शांत हुआ प्रदर्शन

एसडीएम के आश्वासन और तत्काल कार्रवाई के निर्देश के बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में भी समस्या बनी रहती है तो वे दोबारा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

लोगों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस बार केवल आश्वासन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम भी उठाएगा। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में जलभराव से न केवल आवागमन प्रभावित होता है बल्कि स्थानीय व्यापार, शिक्षा और दैनिक जीवन भी गंभीर रूप से प्रभावित होता है।

क्षेत्रवासियों ने शीघ्र समाधान की उठाई मांग

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इनमें अवधेश कुमार उर्फ बबलू राम, मंजू यादव, भोला मौर्य, चंदन राय, बलराम, अच्छे लाल यादव, अजय चौहान, गुड्डू बरनवाल, कन्हैया गुप्ता, सुभाष राजभर, बबलू चौरसिया और पिंटू यादव सहित अनेक लोग शामिल थे।

क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की कि केवल अस्थायी जल निकासी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है कि सड़क और नाले की तकनीकी खामियों का विशेषज्ञों से परीक्षण कराया जाए ताकि भविष्य में हर बारिश के दौरान लोगों को इस परेशानी का सामना न करना पड़े।

जहानागंज में जलजमाव का मामला केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय पर रखरखाव से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा भी है। यदि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों के अनुरूप हों और जल निकासी व्यवस्था नियमित रूप से संचालित की जाए, तो ऐसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है। फिलहाल प्रशासन ने तत्काल राहत के निर्देश दिए हैं। अब स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्थायी समाधान की दिशा में कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ कार्रवाई होती है।

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