कानपुर के ब्रह्मानन्द कॉलेज में रोजगार मेले का हुआ आयोजन, युवाओं को रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर मिला जोर
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ब्रह्मानंद कॉलेज, कानपुर में एक भव्य रोजगार मेले का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलम एक स्वैच्छिक संस्था, प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय, कानपुर तथा ब्रह्मानन्द कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वाह्न 11 बजे अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
इस रोजगार मेले में विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया और छात्र-छात्राओं को रोजगार एवं करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने रोजगार, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को तैयार करने पर विशेष बल दिया।
मुख्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) कानपुर नगर श्री अभिनव जे. जैन (IAS) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी कानपुर मंडल प्रो. राजेश प्रकाश, प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक श्री उज्जवल कुमार सिंह तथा कलम एक स्वैच्छिक संस्था के सचिव डॉ. विपिन शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सभी अतिथियों का स्वागत कॉलेज के प्राचार्य प्रो. विवेक द्विवेदी ने किया। उन्होंने अपने स्वागत भाषण में कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसरों से जुड़कर ही शिक्षा की सार्थकता सिद्ध होती है।
शिक्षा और रोजगार का मजबूत संबंध
प्राचार्य प्रो. विवेक द्विवेदी ने कहा कि भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों में रोजगार मेलों और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को लगातार बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के माध्यम से प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास पर ध्यान दें, तो रोजगार प्राप्त करने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
अधिक से अधिक छात्रों को मिले प्लेसमेंट
मुख्य अतिथि अभिनव जे. जैन ने अपने संबोधन में उपस्थित कंपनियों से अपील की कि वे अधिक से अधिक योग्य छात्र-छात्राओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि रोजगार मेले तभी सफल माने जाएंगे, जब अधिक संख्या में युवाओं को प्लेसमेंट मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय से युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार मिल सकेगा। इससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति के साथ-साथ युवाओं का भविष्य भी मजबूत होगा।
रोजगार कार्यक्रमों की सफलता से मजबूत होगा राष्ट्र
विशिष्ट अतिथि प्रो. राजेश प्रकाश ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी सरकार की सफलता का महत्वपूर्ण पैमाना रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष लाखों विद्यार्थी उच्च शिक्षा पूरी करते हैं, लेकिन रोजगार की तलाश में उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि कॉलेज स्तर पर ही रोजगार मेलों के माध्यम से छात्रों को कंपनियों से जोड़ा जाए, तो पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद उन्हें रोजगार प्राप्त करने में आसानी होगी। इससे शिक्षा, समाज और राष्ट्र—तीनों को लाभ मिलेगा।
ऑनलाइन सेवायोजन प्रणाली की दी जानकारी
प्रादेशिक सेवायोजन कार्यालय के सहायक निदेशक श्री उज्जवल कुमार सिंह ने रोजगार सेवाओं में हुए डिजिटल बदलावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब नौकरी के लिए पंजीकरण कराने हेतु युवाओं को कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने कहा कि इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से रोजगार मेले, नौकरी के अवसर, इंटर्नशिप और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी समय-समय पर भेजी जाती है।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसरों से जुड़ें।
स्किल डेवलपमेंट पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है। उद्योगों की बदलती जरूरतों को देखते हुए तकनीकी दक्षता, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास और डिजिटल ज्ञान भी आवश्यक हो गया है।
इसीलिए सरकार और शैक्षणिक संस्थान स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, ताकि छात्र रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
युवाओं में दिखा उत्साह
रोजगार मेले में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया, योग्यता, करियर विकल्प और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।
कई छात्रों ने इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें रोजगार के अवसरों तक सीधे पहुंचने का मंच उपलब्ध कराते हैं।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जानकारों का मानना है कि शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित रोजगार मेले युवाओं को उद्योगों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इससे न केवल बेरोजगारी कम करने में सहायता मिलती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। इसके साथ ही, ऐसे कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
ब्रह्मानंद कॉलेज, कानपुर में आयोजित रोजगार मेला युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम में रोजगार, कौशल विकास और डिजिटल सेवायोजन प्रणाली पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य अतिथियों ने उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बताते हुए अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का आह्वान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के रोजगार मेले विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने और प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

