हापुड़: गृह कलह के बाद महिला की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल से मेरठ रेफर

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रिपोर्ट- यतेंद्र भारद्वाज

हापुड़ः जनपद के सिम्भावली थाना क्षेत्र के गांव रझैटी से एक चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां एक महिला की तबीयत घर में हुए विवाद के बाद अचानक बिगड़ गई। परिजनों ने बिना देरी किए उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ के उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल महिला का उपचार जारी है और चिकित्सकीय निगरानी में उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार घटना के बाद पूरे गांव में चिंता का माहौल है। वहीं पुलिस और स्वास्थ्य विभाग भी मामले से संबंधित आवश्यक जानकारी जुटाने में लगे हैं।

घर में विवाद के बाद बिगड़ी तबीयत

जानकारी के अनुसार रझैटी गांव निवासी 45 वर्षीय पूनम, पत्नी चतर सिंह, किसी घरेलू बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान थीं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान परिवार में विवाद की स्थिति बन गई। इसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद परिजनों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच और उपचार के बाद महिला की स्थिति को गंभीर मानते हुए बेहतर इलाज के लिए मेरठ रेफर कर दिया। समय रहते अस्पताल पहुंचाने के कारण महिला को तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

चिकित्सकीय देखरेख में जारी है उपचार

अस्पताल सूत्रों के अनुसार महिला को आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया। हालांकि उनकी स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता महसूस की गई। इसी कारण उन्हें मेरठ स्थित उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।

परिजनों का कहना है कि परिवार की प्राथमिकता महिला के शीघ्र स्वस्थ होने की है। चिकित्सक भी लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

पुलिस ने जुटाई प्रारंभिक जानकारी

घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर संबंधित जानकारी एकत्र की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जानकारी ली जा रही है। यदि आवश्यकता होगी तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।

फिलहाल पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें और केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही भरोसा करें।

मानसिक तनाव को हल्के में न लें

विशेषज्ञों का मानना है कि पारिवारिक तनाव, आपसी मतभेद और मानसिक दबाव जैसी परिस्थितियों में समय रहते संवाद और सहयोग बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि परिवार का कोई सदस्य लंबे समय से तनाव, चिंता या भावनात्मक परेशानी से गुजर रहा हो तो उसे अकेला छोड़ने के बजाय उसका साथ देना चाहिए।

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार परिवार के सदस्यों के बीच खुलकर बातचीत, परामर्श और आवश्यक होने पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सहायता लेने से कई गंभीर परिस्थितियों से बचा जा सकता है। समय पर सहायता और संवेदनशील व्यवहार किसी भी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक होता है।

समाज की भी है महत्वपूर्ण भूमिका

विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों को सामाजिक कलंक के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, वह अत्यधिक तनावग्रस्त लगे या लगातार उदास रहे, तो परिवार और आसपास के लोगों को संवेदनशीलता के साथ उसका सहयोग करना चाहिए।

ऐसी परिस्थितियों में धैर्य, संवाद और समय पर चिकित्सकीय सलाह कई बार बड़ी मुश्किलों को टाल सकती है। समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी समय की आवश्यकता है।

हापुड़ के सिम्भावली थाना क्षेत्र की यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि घरेलू विवाद और मानसिक तनाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। राहत की बात यह रही कि महिला को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया, जिससे तत्काल उपचार संभव हो सका। फिलहाल उनका इलाज मेरठ में जारी है और परिजन उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

 

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