हरदोई में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, दहेज उत्पीड़न का आरोप; पुलिस जांच में जुटी, दो लोग हिरासत में

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रिपोर्ट- गुलफाम खान 

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सवायजपुर थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। घटना के बाद मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है।

वहीं, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

इधर, सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि उसमें विवाहिता के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है। हालांकि, इस वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस भी इसकी जांच कर रही है।

2023 में हुआ था विवाह

मृतका के पिता गजोधर, निवासी ग्राम सिमौर, थाना पिहानी, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री सुभाषिनी का विवाह 22 जून 2023 को सवायजपुर निवासी अभिजीत शर्मा के साथ सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुरूप किया गया था।

परिजनों का कहना है कि विवाह के बाद शुरुआती कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन बाद में उनकी बेटी को कथित रूप से अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर परेशान किया जाने लगा।

दहेज में प्लॉट और नकदी मांगने का आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि ससुराल पक्ष की ओर से अतिरिक्त दहेज के रूप में लखनऊ में एक प्लॉट और 20 लाख रुपये नकद की मांग की जा रही थी। उनका कहना है कि मांग पूरी नहीं होने पर सुभाषिनी के साथ कथित रूप से मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था।

परिजनों ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने कई बार उन्हें अपनी परेशानियों की जानकारी दी थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

मृतका के मायके पक्ष का आरोप है कि 3 अगस्त की रात सुभाषिनी की कथित रूप से मारपीट की गई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। परिजनों का दावा है कि घटना को आत्महत्या का रूप देने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटका दिया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना उन्हें सीधे ससुराल पक्ष की ओर से नहीं दी गई। उनके अनुसार, उन्हें इस घटना की जानकारी पुलिस के माध्यम से मिली।

शव पर चोट के निशान होने का दावा

मृतका के परिजनों ने दावा किया है कि शव पर हाथ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान दिखाई दिए, जिससे उनका संदेह और गहरा गया। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच एजेंसियां पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही हैं।

वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम की मांग

घटना के बाद मृतका के मायके में शोक का माहौल है। परिजनों ने जिला प्रशासन से पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की वास्तविकता सामने आएगी तथा यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक कार्रवाई के तहत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

साथ ही, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी होगी जांच

घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से साझा किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इसमें विवाहिता के साथ मारपीट होती दिखाई दे रही है।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी और यदि वीडियो जांच में प्रासंगिक पाया जाता है तो उसे भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।

दहेज उत्पीड़न के मामलों में निष्पक्ष जांच आवश्यक

दहेज उत्पीड़न और संदिग्ध मौत जैसे मामलों में निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक जांच अत्यंत आवश्यक होती है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जांच प्रक्रिया के महत्वपूर्ण आधार होते हैं।

इसी कारण ऐसे मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की जांच आवश्यक मानी जाती है।

हरदोई के सवायजपुर थाना क्षेत्र में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।

दो लोगों से पूछताछ की जा रही है और पोस्टमार्टम सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।