बिजनौर में जंगली हाथी ने कई किसानों की फसलों को पहुंचाया नुकसान, वन विभाग ने चलाया रेस्क्यू अभियान

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जंगली हाथी की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ गई है। बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव छायली में पिछले कई दिनों से एक जंगली हाथी खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। ताजा घटना में हाथी ने एक किसान की फसल को काफी क्षति पहुंचाई, जिसके बाद ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ दिया।

वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी स्थिति में जंगली हाथी के करीब न जाने की अपील की है। साथ ही अधिकारियों ने कहा है कि क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

कई दिनों से खेतों में पहुंच रहा है जंगली हाथी

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से जंगली हाथी रात के समय गांव के आसपास के खेतों में पहुंच रहा है। हाथी के आने से किसानों में चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि मेहनत से तैयार की गई फसल को लगातार नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथी कभी गन्ने के खेतों में तो कभी अन्य फसलों वाले क्षेत्रों में पहुंच जाता है। इसके कारण कई किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि नुकसान का आधिकारिक आकलन वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।

किसान की फसल को पहुंची क्षति

ताजा घटना में हाथी ने एक किसान के खेत में प्रवेश कर फसल को नुकसान पहुंचाया। सुबह जब किसान खेत पर पहुंचे तो उन्हें फसल के बड़े हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली। इसके बाद आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

घटना की सूचना तुरंत वन विभाग को दी गई। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

वन विभाग और ग्रामीणों ने चलाया संयुक्त अभियान

सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची। इसके बाद विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने समन्वय के साथ हाथी को आबादी वाले क्षेत्र से दूर करने का प्रयास किया।

सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए हाथी को धीरे-धीरे जंगल की दिशा में भेजा गया। अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी व्यक्ति या वन्यजीव को कोई नुकसान न पहुंचे।

ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि क्षेत्र में जंगली हाथी दिखाई दे तो स्वयं उसे भगाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

विशेष रूप से रात के समय खेतों में अकेले जाने से बचने और समूह में रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में विभाग की टीम तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन आवश्यक

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों के आसपास बसे क्षेत्रों में कभी-कभी जंगली जानवर भोजन और पानी की तलाश में आबादी वाले इलाकों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे मामलों में वन विभाग का उद्देश्य मानव जीवन और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

इसी कारण विभाग लगातार निगरानी, जागरूकता अभियान और त्वरित कार्रवाई पर जोर दे रहा है, ताकि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को कम किया जा सके।

फसल नुकसान का होगा आकलन

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है। यदि किसी किसान की फसल को नुकसान हुआ है, तो संबंधित नियमों के अनुसार उसका आकलन किया जाएगा। इसके बाद शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि अंतिम निर्णय विभागीय जांच और रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी

घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। टीम आसपास के जंगलों और खेतों पर नजर रख रही है ताकि यदि हाथी दोबारा आबादी की ओर आता है तो समय रहते उचित कदम उठाए जा सकें।

इसके अलावा ग्रामीणों को भी जागरूक किया जा रहा है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी सूचना की पुष्टि संबंधित अधिकारियों से ही करें।

प्रशासन और वन विभाग का समन्वय

स्थानीय प्रशासन और वन विभाग मिलकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मानव जीवन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, वहीं वन्यजीव संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसलिए हर कार्रवाई संतुलित और वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है।

बिजनौर के बढ़ापुर थाना क्षेत्र के गांव छायली में जंगली हाथी के खेतों में पहुंचने से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर वन विभाग और ग्रामीणों ने संयुक्त अभियान चलाकर हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ दिया। फिलहाल क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि प्रभावित किसानों की स्थिति का आकलन कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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