राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल पर 10.05 करोड़ से अधिक नौकरियां सूचीबद्ध, 6.64 करोड़ नौकरी चाहने वालों ने कराया पंजीकरण

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Digital UP News Desk

नई दिल्ली: देश में रोजगार सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय का राष्ट्रीय करियर सेवा (National Career Service-NCS) पोर्टल लगातार अपनी पहुंच बढ़ा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, पोर्टल की स्थापना के बाद से अब तक 10.05 करोड़ से अधिक नौकरी की रिक्तियां (Vacancies) जुटाई जा चुकी हैं। वहीं, 6.64 करोड़ से अधिक रोजगार के इच्छुक व्यक्तियों ने इस पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है।

सरकार का कहना है कि एनसीएस पोर्टल केवल नौकरी खोजने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास, रोजगार मेलों और नियोक्ताओं को प्रतिभाशाली उम्मीदवारों से जोड़ने वाला एक व्यापक डिजिटल प्लेटफॉर्म बन चुका है।

15 जुलाई 2026 तक उपलब्ध थे 17.68 लाख सक्रिय रोजगार अवसर

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक एनसीएस पोर्टल पर 17.68 लाख से अधिक सक्रिय नौकरी की रिक्तियां उपलब्ध थीं। इसी अवधि तक 2.89 करोड़ सक्रिय नौकरी चाहने वाले भी पोर्टल पर पंजीकृत थे।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल रोजगार बाजार में मांग और आपूर्ति के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलती हैं कई करियर सेवाएं

राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल को एक सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। यहां नौकरी खोजने वाले युवाओं और नियोक्ताओं दोनों को अनेक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

पोर्टल के माध्यम से उपयोगकर्ता निम्नलिखित सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं—

  • सरकारी और निजी क्षेत्र की नौकरी संबंधी जानकारी
  • ऑनलाइन एवं ऑफलाइन रोजगार मेलों की सूचना
  • करियर परामर्श और व्यावसायिक मार्गदर्शन
  • रोजगार खोज और उम्मीदवार मिलान प्रणाली
  • कौशल विकास पाठ्यक्रम
  • प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी
  • रोजगार से संबंधित डिजिटल सेवाएं

इस प्रकार, यह पोर्टल केवल नौकरी खोजने तक सीमित नहीं है बल्कि युवाओं के करियर विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित नई सुविधाएं

समय के साथ एनसीएस पोर्टल को आधुनिक तकनीकों से लगातार उन्नत किया जा रहा है। मंत्रालय ने इसे क्लाउड आधारित और ओपन आर्किटेक्चर प्लेटफॉर्म में परिवर्तित किया है, जिससे इसकी कार्यक्षमता और उपयोगकर्ता अनुभव में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

अब पोर्टल पर कई एआई (Artificial Intelligence) आधारित सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिनमें शामिल हैं—

  • बुद्धिमान जॉब मैचिंग सिस्टम
  • एआई आधारित स्किल गैप एनालिसिस
  • व्यक्तिगत नौकरी की सिफारिशें
  • एआई इंटरव्यू कोच
  • भाषिनी के माध्यम से बहुभाषी सहायता
  • मोबाइल एप्लिकेशन
  • क्लाउड आधारित सेवाएं
  • मजबूत सत्यापन प्रणाली

इन सुविधाओं का उद्देश्य नौकरी तलाशने वालों और कंपनियों के बीच बेहतर एवं तेज़ संपर्क स्थापित करना है।

40 से अधिक निजी कंपनियों के साथ एमओयू

रोजगार के अवसरों का दायरा बढ़ाने के लिए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कई संस्थानों के साथ साझेदारी भी की है।

अब तक 40 से अधिक समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

इनमें प्रमुख कंपनियां और प्लेटफॉर्म शामिल हैं—

  • अपना
  • स्विगी
  • रैपिडो
  • जोमेटो
  • अमेजॉन
  • टीसीएस
  • आईऑन
  • क्विकर
  • फाउंडइट (पूर्व मॉन्स्टर)

इन साझेदारियों के माध्यम से रोजगार मेले, कौशल विकास कार्यक्रम, करियर परामर्श और नई नौकरी की सूचनाएं एनसीएस पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाती हैं।

सरकारी पोर्टलों और भर्ती एजेंसियों से भी जुड़ा एनसीएस

राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल को कई प्रमुख सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ भी एकीकृत किया गया है। इनमें शामिल हैं—

  • उद्यम पोर्टल
  • ई-श्रम
  • स्किल इंडिया डिजिटल हब
  • ईपीएफओ
  • ईएसआईसी
  • डिजिलॉकर

इसके अतिरिक्त, यह कई प्रमुख सरकारी भर्ती संस्थाओं से भी जुड़ा हुआ है, जैसे—

  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)
  • कर्मचारी चयन आयोग (SSC)
  • रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB)
  • कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड

इस एकीकरण से उम्मीदवारों को विभिन्न सरकारी अवसरों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध हो रही है।

407 मॉडल करियर सेंटर किए गए स्वीकृत

एनसीएस परियोजना के तहत देशभर के रोजगार कार्यालयों को आधुनिक करियर केंद्रों में विकसित करने की योजना भी लागू की गई है।

सरकार ने अब तक 407 मॉडल करियर सेंटर (MCC) को स्वीकृति दी है। इनमें 370 पारंपरिक रोजगार कार्यालयों को उन्नत कर आधुनिक मॉडल करियर सेंटर में बदला गया है।

इन केंद्रों में युवाओं को निम्नलिखित सुविधाएं प्रदान की जाती हैं—

  • करियर काउंसलिंग
  • रोजगार मेलों का आयोजन
  • स्थानीय उद्योगों से संपर्क
  • नियोक्ताओं और उम्मीदवारों के बीच समन्वय
  • कौशल विकास संबंधी मार्गदर्शन

इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर भी रोजगार संबंधी सहायता मिल रही है।

31 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश जुड़े

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में 31 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल से जुड़ चुके हैं।

इनमें से 8 राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश सीधे एनसीएस पोर्टल का उपयोग कर रहे हैं, जबकि अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध तरीके से सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।

इस एकीकरण से देशभर में रोजगार सेवाओं को एक समान डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

सरकार लगातार कर रही है तकनीकी सुधार

मंत्रालय का कहना है कि एनसीएस पोर्टल का विकास एक सतत प्रक्रिया है। बदलती तकनीकी आवश्यकताओं और रोजगार बाजार की मांग को देखते हुए इसमें नियमित रूप से नए फीचर जोड़े जा रहे हैं।

सरकार प्रत्येक वित्त आयोग चक्र से पहले अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा भी करती है ताकि उनकी उपयोगिता, प्रभावशीलता और बदलती आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप उनमें आवश्यक सुधार किए जा सकें।

लोकसभा में दी गई जानकारी

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने 3 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से इन आंकड़ों और राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल की उपलब्धियों की जानकारी साझा की।

राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल आज देश में रोजगार, कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन का एक महत्वपूर्ण डिजिटल मंच बन चुका है। 10.05 करोड़ से अधिक नौकरी की रिक्तियों का संग्रह, 6.64 करोड़ से अधिक पंजीकृत नौकरी चाहने वाले, 17.68 लाख सक्रिय रिक्तियां, 40 से अधिक निजी भागीदारों के साथ समझौते, एआई आधारित नई सुविधाएं और 407 मॉडल करियर सेंटर जैसी उपलब्धियां इस पहल की व्यापकता को दर्शाती हैं।

आने वाले समय में यदि तकनीकी नवाचार, उद्योगों की भागीदारी और राज्यों के साथ समन्वय इसी गति से बढ़ता रहा, तो राष्ट्रीय करियर सेवा पोर्टल देश के रोजगार पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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