कानपुर में चेहल्लुम पर अकीदत का सैलाब: छोटी और बड़ी कर्बला में पहुंचे ताजिए, जगह-जगह लगीं सबीलें

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की याद में मनाया जाने वाला चेहल्लुम मंगलवार को कानपुर में पूरे सम्मान, श्रद्धा और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न इलाकों से ताजिए, अलम और अकीदतमंद छोटी कर्बला (ग्वालटोली) तथा बड़ी कर्बला (नवाबगंज) पहुंचे। इस अवसर पर इमामबारगाहों में मजलिस, कुरानख्वानी, नजर-नियाज और दुआ का आयोजन किया गया। वहीं, विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए चाय, शरबत और पानी की सबीलें भी लगाईं।

विशेष रूप से हुसैनी फेडरेशन की ओर से छोटी कर्बला परिसर में सेवा शिविर लगाया गया, जहां आने वाले श्रद्धालुओं को चाय, शरबत और शुद्ध पेयजल वितरित किया गया। आयोजन के दौरान सामाजिक सौहार्द, अनुशासन और सेवा भावना का सुंदर उदाहरण देखने को मिला।

छोटी और बड़ी कर्बला में उमड़ी अकीदतमंदों की भीड़

चेहल्लुम के अवसर पर शहर के कर्नलगंज, पटकापुर, चमनगंज, हीरामन का पुरवा, बेकनगंज, नाजिरबाग, नवाब कंपाउंड, सिविल लाइंस, सकेरा स्टेट, जाजमऊ, जूही, रोशननगर, ग्वालटोली सहित अनेक क्षेत्रों से ताजिए और अलम पारंपरिक मार्गों से होकर छोटी और बड़ी कर्बला पहुंचे।

श्रद्धालुओं ने पूरे अनुशासन और शांति के साथ धार्मिक परंपराओं का पालन किया। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।

इमामबारगाहों में हुईं मजलिसें और कुरानख्वानी

शहर के हजारों इमामबारगाहों में चेहल्लुम के अवसर पर विशेष मजलिसों का आयोजन किया गया। धार्मिक विद्वानों ने हजरत इमाम हुसैन के जीवन, उनके आदर्शों और कर्बला की ऐतिहासिक घटनाओं पर प्रकाश डाला।

वक्ताओं ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन का जीवन सत्य, न्याय, धैर्य, त्याग और मानवता की रक्षा का संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि कर्बला का संदेश केवल एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मौलानाओं ने बताया कर्बला का संदेश

मजलिसों को संबोधित करते हुए विभिन्न धर्मगुरुओं ने कर्बला के ऐतिहासिक महत्व और उसके नैतिक संदेश पर विस्तार से विचार रखे।

उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने अपने सिद्धांतों और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना किया। उनका जीवन अन्याय के विरुद्ध सत्य और नैतिकता पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है।

वक्ताओं ने श्रद्धालुओं से समाज में भाईचारा, शांति, सद्भाव और इंसानियत को मजबूत करने का आह्वान भी किया।

हुसैनी फेडरेशन ने लगाया सेवा शिविर

चेहल्लुम के अवसर पर हुसैनी फेडरेशन द्वारा छोटी कर्बला परिसर में सेवा शिविर लगाया गया। शिविर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को चाय, शरबत और पानी वितरित किया गया।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि सेवा कार्य का उद्देश्य आने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना और समाज में सेवा की भावना को बढ़ावा देना है।

श्रद्धालुओं ने भी इस पहल की सराहना करते हुए आयोजन में सहयोग प्रदान किया।

शहरभर में लगीं सबीलें

चेहल्लुम के अवसर पर शहर के विभिन्न मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय लोगों की ओर से सबीलें लगाई गईं।

इन सबीलों पर श्रद्धालुओं को पेयजल, शरबत और अन्य आवश्यक पेय पदार्थ उपलब्ध कराए गए। सेवा कार्य में युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली।

धार्मिक जुलूस शांतिपूर्ण वातावरण में निकले

दिनभर विभिन्न क्षेत्रों से धार्मिक जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला स्थलों तक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए श्रद्धा व्यक्त की।

रात्रि तक ताजियों और अलमों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। अंत में अंजुमन जाफरिया द्वारा निकाले गए प्रमुख जुलूस ने कार्यक्रम का समापन किया।

महिलाओं की भी रही सक्रिय भागीदारी

चेहल्लुम के अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी मजलिसों और धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया।

उन्होंने दुआ और इबादत के माध्यम से शहीद-ए-कर्बला हजरत इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं की गरिमापूर्ण और अनुशासित सहभागिता उल्लेखनीय रही।

सामाजिक सौहार्द का मिला संदेश

चेहल्लुम के कार्यक्रमों में विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों की भागीदारी देखने को मिली। धार्मिक आयोजन के साथ-साथ सेवा कार्यों ने सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश भी दिया।

शहर के अनेक स्थानों पर स्वयंसेवकों ने यातायात व्यवस्था, पेयजल वितरण और अन्य व्यवस्थाओं में सहयोग कर आयोजन को सफल बनाया।

सेवा और मानवता की परंपरा रही प्रमुख आकर्षण

इस वर्ष के चेहल्लुम आयोजन में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सेवा कार्यों ने भी विशेष स्थान बनाया। चाय, शरबत और पानी की व्यवस्था ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को राहत प्रदान की।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में मानवता, सहयोग और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। साथ ही नई पीढ़ी को सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश भी देते हैं।

श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ आयोजन

कानपुर में चेहल्लुम का आयोजन श्रद्धा, अनुशासन और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। धार्मिक परंपराओं के साथ सेवा, सद्भाव और सामाजिक सहयोग की भावना पूरे कार्यक्रम में दिखाई दी।

आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों तथा प्रशासन का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी प्रकार के सौहार्दपूर्ण आयोजनों की अपेक्षा जताई।

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