कानपुर में इंदिरा गांधी प्रतिमा के सामने कथित अवैध निर्माण पर कांग्रेस का विरोध, कार्रवाई की मांग

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कानपुर में इंदिरा गांधी प्रतिमा के सामने कथित अवैध निर्माण पर कांग्रेस का विरोध, डीएम को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी 

कानपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह से मुलाकात कर माल रोड स्थित नरोना चौराहे पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने हो रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि प्रतिमा स्थल के मुख्य द्वार पर किए जा रहे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते निर्माण नहीं रोका गया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

1990 में स्थापित की गई थी प्रतिमा

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, माल रोड स्थित नरोना चौराहे पर वर्ष 1990 में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की प्रतिमा स्थापित की गई थी। यह स्थल लंबे समय से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के लिए श्रद्धा का केंद्र रहा है। पार्टी का आरोप है कि वर्तमान में प्रतिमा स्थल के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने निर्माण कराया जा रहा है, जिससे प्रतिमा की दृश्यता प्रभावित हो रही है।

ज्ञापन में लगाए गए गंभीर आरोप

जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रतिमा स्थल के मुख्य द्वार के सामने किया जा रहा निर्माण सुनियोजित प्रतीत होता है। उनका कहना है कि इससे न केवल मुख्य द्वार का स्वरूप प्रभावित हो रहा है, बल्कि प्रतिमा भी आंशिक रूप से ढकती दिखाई दे रही है।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि यह मामला केवल एक प्रतिमा तक सीमित नहीं है, बल्कि उन स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान से भी जुड़ा है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसलिए प्रशासन को इस विषय को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

तत्काल कार्रवाई की मांग

ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि प्रतिमा स्थल के सामने चल रहे कथित अवैध निर्माण को तत्काल प्रभाव से रुकवाया जाए तथा यदि निर्माण नियमों के विपरीत पाया जाता है तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन समय पर उचित कदम नहीं उठाता है तो कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता के सम्मान की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे।

जिलाधिकारी ने जांच का दिया आश्वासन

प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने संबंधित अपर जिलाधिकारी (ADM) को पूरे प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक निर्माण की वैधता अथवा अवैधता को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्माण कार्य रुकवाया

ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि प्रतिमा स्थल के पास निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इसके बाद बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता कचहरी से सीधे माल रोड स्थित नरोना चौराहे पहुंचे।

कांग्रेस नेताओं का दावा है कि उनके पहुंचने के बाद संबंधित स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया। हालांकि निर्माण किस एजेंसी द्वारा कराया जा रहा था और किस अनुमति के आधार पर कार्य किया जा रहा था, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

मेट्रो अधिकारियों से भी करेंगे मुलाकात

कांग्रेस ने घोषणा की है कि 5 अगस्त को पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुदेव टॉकीज चौराहा स्थित मेट्रो कार्यालय जाकर सक्षम अधिकारियों से मुलाकात करेगा। इस दौरान उन्हें भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।

पार्टी की मांग है कि यदि निर्माण कार्य किसी परियोजना का हिस्सा है तो भी प्रतिमा स्थल के मुख्य द्वार और उसकी गरिमा को प्रभावित किए बिना वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि संबंधित अधिकारी सहानुभूतिपूर्वक निर्णय नहीं लेते हैं तो लोकतांत्रिक आंदोलन के माध्यम से इस मुद्दे को आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रतिमा स्थलों के संरक्षण पर भी उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बाद सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व की प्रतिमाओं के संरक्षण का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी विकास परियोजना के दौरान सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों की गरिमा बनाए रखना प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।

यदि किसी निर्माण कार्य से किसी स्मारक, प्रतिमा या सार्वजनिक स्थल की पहचान प्रभावित होने की आशंका हो तो पहले संबंधित विभागों से आवश्यक अनुमति और तकनीकी परीक्षण किया जाना चाहिए।

प्रशासनिक जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट

फिलहाल यह मामला प्रशासनिक जांच के दायरे में है। जिलाधिकारी द्वारा जांच के निर्देश दिए जाने के बाद अब संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों और स्वीकृत योजना के अनुरूप है या नहीं।

उधर कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।

प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल

जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव हर प्रकाश अग्निहोत्री, पवन गुप्ता, पूर्व प्रदेश कांग्रेस महासचिव निजामुद्दीन खां, इकबाल अहमद, पूर्व प्रदेश सचिव कृपेश त्रिपाठी, पूर्व पीसीसी सदस्य सुनील राठौर, पूर्व पार्षद अनिल बाजपेई, महेंद्र त्रिपाठी (पुत्तू), पीसीसी सदस्य अनूप श्रीवास्तव, ग्रीन बाबू सोनकर, लायर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रमाकांत मिश्रा, काशिफ बंटू, रीतेश यादव, सैमुअल लकी सिंह, प्रमोद गुप्ता, रामजी दुबे, विश्वनाथ जायसवाल, सुधीर साहू, आशुतोष शुक्ला, चुन्नू निगम, जफर शाकिर, काशी जायसवाल सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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