जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में ईएनटी स्पेशियलिटी यूनिट शुरू, मरीजों को अब मिलेगी मुफ्त और आधुनिक जांच सुविधा
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: कानपुर के प्रतिष्ठित गणेश शंकर विद्यार्थी (जीएसवीएम) मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक आधुनिक तथा मरीजों के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
मेडिकल कॉलेज के नाक, कान एवं गला (ईएनटी) विभाग में अत्याधुनिक ईएनटी स्पेशियलिटी यूनिट का उद्घाटन किया गया। इस नई सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को जांच के लिए निजी संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, अस्पताल परिसर में ही आधुनिक उपकरणों से निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध होगी।
कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल मरीजों का समय और धन बचेगा, बल्कि उपचार प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और तेज होगी।
फीता काटकर किया गया शुभारंभ
ईएनटी स्पेशियलिटी यूनिट का उद्घाटन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ऋचा गिरी, प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल तथा ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. हरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
इस अवसर पर विभाग के चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, चिकित्सा कर्मचारी तथा मेडिकल कॉलेज के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने नई मशीन और यूनिट का निरीक्षण किया तथा इसकी कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की।
अब बाहर नहीं करानी पड़ेगी जांच
नई ईएनटी स्पेशियलिटी यूनिट शुरू होने से मरीजों को सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि उन्हें जांच के लिए निजी डायग्नोस्टिक सेंटर या अन्य अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। अब नाक, कान और गले से संबंधित अधिकांश आवश्यक जांचें मेडिकल कॉलेज परिसर में ही उपलब्ध होंगी।
अब तक कई मरीजों को आधुनिक उपकरणों की अनुपलब्धता के कारण बाहर जांच करानी पड़ती थी, जिससे अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था। हालांकि नई यूनिट के शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
सीएसआर फंड से मिली आधुनिक मशीन
कॉलेज की उप प्राचार्या डॉ. ऋचा गिरी ने बताया कि यह अत्याधुनिक ईएनटी एग्जामिनेशन यूनिट कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के अंतर्गत मेडिकल कॉलेज को दान स्वरूप प्राप्त हुई है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक से लैस इस मशीन की सहायता से मरीजों की जांच अधिक सटीक, तेज और सुविधाजनक तरीके से की जा सकेगी। इसके साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस यूनिट में होने वाली सभी आवश्यक जांचें पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
डॉ. गिरी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई यूनिट इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ
ईएनटी विभाग में आने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बदलती जीवनशैली, प्रदूषण, संक्रमण और अन्य कारणों से नाक, कान और गले से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
ऐसे में अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध होने से—
- रोगों का शीघ्र निदान संभव होगा।
- मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा।
- जांच रिपोर्ट अधिक सटीक होगी।
- उपचार की गुणवत्ता बेहतर होगी।
- मरीजों का आर्थिक बोझ कम होगा।
- अस्पताल की सेवाओं पर लोगों का विश्वास और मजबूत होगा।
गणेशा ईको स्पेयर लिमिटेड का सहयोग
प्रमुख अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि यह मशीन गणेशा ईको स्पेयर लिमिटेड द्वारा मेडिकल कॉलेज को भेंट की गई है। उन्होंने संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी संस्थानों द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार का सहयोग समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी यदि विभिन्न संस्थाएं इसी प्रकार सामाजिक दायित्व निभाते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में सहयोग करेंगी तो सरकारी अस्पतालों की सुविधाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं की ओर बढ़ता कदम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है। नई मशीन के माध्यम से ईएनटी विभाग अब कई प्रकार की जांच पहले की तुलना में अधिक आसानी और सटीकता के साथ कर सकेगा।
इससे चिकित्सकों को रोग की सही पहचान करने में सहायता मिलेगी और मरीजों के उपचार की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। विशेष रूप से गंभीर या जटिल मामलों में समय पर जांच उपलब्ध होना उपचार की सफलता की संभावना को बढ़ाता है।
मेडिकल कॉलेज की सुविधाओं में लगातार हो रहा विस्तार
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रदेश के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। यहां प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। कॉलेज प्रशासन लगातार विभिन्न विभागों में आधुनिक मशीनें, डिजिटल सुविधाएं और नई तकनीकों को शामिल कर रहा है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
हाल के वर्षों में मेडिकल कॉलेज में कई नई स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है। ईएनटी स्पेशियलिटी यूनिट की शुरुआत भी इसी श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।
सामाजिक सहभागिता का बेहतर उदाहरण
कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से सरकारी अस्पतालों को आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना समाज और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों के लिए लाभकारी है।
इस प्रकार के सहयोग से सरकारी संस्थानों की क्षमता बढ़ती है और आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं बिना अतिरिक्त खर्च के उपलब्ध हो पाती हैं। यही कारण है कि सरकार भी विभिन्न क्षेत्रों में CSR के माध्यम से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर में ईएनटी स्पेशियलिटी यूनिट का शुभारंभ मरीजों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
अत्याधुनिक ईएनटी एग्जामिनेशन यूनिट उपलब्ध होने से अब नाक, कान और गले से संबंधित अधिकांश जांचें मेडिकल कॉलेज में ही निःशुल्क हो सकेंगी। इससे मरीजों का समय और धन दोनों बचेंगे, वहीं चिकित्सकों को भी बेहतर एवं सटीक उपचार देने में सुविधा मिलेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की यह पहल न केवल मेडिकल कॉलेज की कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि कानपुर सहित आसपास के जिलों से आने वाले हजारों मरीजों को भी गुणवत्तापूर्ण और सुलभ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

