हरदोई में बिजली का पोल गिरने से कक्षा 9 की छात्रा की मौत, सीसीटीवी फुटेज से हादसे की जांच शुरू

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रिपोर्ट – गुलफाम खान 

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के भीहगांव में मंगलवार को एक बेहद दुखद सड़क हादसा सामने आया। बिजली का खंभा गिरने से कक्षा 9 की 14 वर्षीय छात्रा रागिनी शुक्ला की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद उसकी सहेली सुरक्षित बच गई। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसकी फुटेज अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित पक्षों के विरुद्ध आवश्यक विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

सामान खरीदने निकली थी छात्रा

प्राप्त जानकारी के अनुसार भीहगांव निवासी रागिनी शुक्ला (14 वर्ष) मंगलवार को अपनी सहेली कामिनी के साथ घर से पास की किराना दुकान पर घरेलू सामान खरीदने के लिए निकली थी। दोनों छात्राएं सामान्य रूप से सड़क से होकर दुकान की ओर जा रही थीं।

इसी दौरान पास में स्थित एक किराना प्रतिष्ठान पर ज्ञानधारा दाना से लदी एक डीसीएम से सामान उतारने का कार्य चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इसी समय वाहन का ऊपरी हिस्सा सड़क के ऊपर से गुजर रही बिजली की मुख्य लाइन के संपर्क में आ गया।

बिजली के तार में फंसने से गिरा खंभा

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डीसीएम आगे बढ़ी तो बिजली का तार वाहन में उलझ गया। इसके कारण तार पर अचानक तेज खिंचाव पड़ा और सड़क किनारे लगा बिजली का खंभा असंतुलित होकर गिर गया।

घटना इतनी तेजी से हुई कि सड़क से गुजर रहे लोगों को संभलने का अवसर नहीं मिला। उसी समय वहां से गुजर रही दोनों छात्राएं भी इसकी चपेट में आ गईं।

एक छात्रा सुरक्षित बची, दूसरी की गई जान

हादसे के दौरान कामिनी किसी तरह स्वयं को सुरक्षित स्थान पर ले जाने में सफल रही। हालांकि रागिनी बिजली के खंभे की चपेट में आ गई। उसके सिर में गंभीर चोट लगी।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल सहायता का प्रयास किया। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार रागिनी की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस घटना से परिजनों और गांव के लोगों में गहरा दुख व्याप्त हो गया।

सीसीटीवी फुटेज बना जांच का अहम आधार

घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया। पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच का हिस्सा बना लिया है।

अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से यह स्पष्ट करने में सहायता मिलेगी कि दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मेधावी छात्रा थी रागिनी

परिजनों के अनुसार रागिनी शुक्ला, अजय शुक्ला की पुत्री थी और चंद्रहास सिंह मुन्नी देवी इंटर कॉलेज में कक्षा 9 की छात्रा थी। वह पढ़ाई में मेहनती और मेधावी मानी जाती थी।

बताया गया कि वह चार बहनों और दो भाइयों में दूसरे स्थान पर थी। परिवार को उससे भविष्य में बेहतर उपलब्धियों की उम्मीद थी। उसकी असमय मृत्यु से पूरे परिवार पर गहरा दुख छा गया है।

परिवार और गांव में शोक

घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने भी इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए बिजली व्यवस्था और भारी वाहनों के संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन होना चाहिए।

पुलिस ने शुरू की विधिक प्रक्रिया

सूचना मिलने पर बेहटा गोकुल थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

थानाध्यक्ष मार्कण्डेय सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिजनों से तहरीर मिलने के बाद संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

इस घटना के बाद बिजली लाइनों की सुरक्षा, सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों की मजबूती तथा भारी वाहनों के सुरक्षित संचालन को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जिन मार्गों से बड़े वाहन गुजरते हैं, वहां बिजली की लाइनों की ऊंचाई, खंभों की स्थिति और नियमित निरीक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके साथ ही वाहन चालकों को भी ऊंचे लोड के साथ सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और आसपास की परिस्थितियों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।

दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कई स्तरों पर सुधार किए जा सकते हैं। इनमें प्रमुख रूप से—

  • बिजली के खंभों और तारों का नियमित निरीक्षण।
  • भारी वाहनों के लिए सुरक्षा मानकों का पालन।
  • संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी संकेतक लगाना।
  • स्थानीय स्तर पर समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराना।
  • सड़क किनारे विद्युत ढांचे का तकनीकी परीक्षण।

यदि इन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, तो भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

हरदोई के भीहगांव में हुई यह दुर्घटना अत्यंत दुखद है। कक्षा 9 की छात्रा रागिनी शुक्ला की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

यह घटना सड़क सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और भारी वाहनों के संचालन में सावधानी बरतने की आवश्यकता की भी याद दिलाती है। जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के सभी कारण स्पष्ट हो सकेंगे। वहीं, स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा।

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