बिजनौर में गुलदार के हमले में 10 वर्षीय बच्चे की मौत, वन विभाग और पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना देहात क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है। ग्राम सीखनीवाला में एक गुलदार के हमले में 10 वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में चिंता और असुरक्षा का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई तथा आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही ग्रामीणों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की अपील की गई है।

खेत से घर लौटते समय हुआ हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम सीखनीवाला निवासी 10 वर्षीय नरसिंह अपने परिवार के साथ खेत से घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों के पास अचानक एक गुलदार निकल आया। इससे पहले कि परिवार कुछ समझ पाता, वन्यजीव ने बच्चे पर हमला कर दिया।

घटना इतनी अचानक हुई कि परिजन तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दे सके। इसके बाद आसपास के लोगों ने भी मौके पर पहुंचने का प्रयास किया, लेकिन तब तक गुलदार बच्चे को लेकर जंगल की ओर चला गया। घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को दी गई।

वन विभाग और पुलिस ने संभाला मोर्चा

सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया और आसपास के जंगल एवं झाड़ियों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम स्थानीय लोगों की मदद से पूरे इलाके में लगातार निगरानी कर रही है।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमों और आवश्यक संसाधनों की भी सहायता ली जाएगी ताकि क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

घटना के बाद गांव के लोगों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले भी गुलदार की गतिविधियां देखी गई थीं। इसलिए उन्होंने वन विभाग से लगातार निगरानी और गश्त बढ़ाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि खेतों और गांव के आसपास घनी झाड़ियां होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में बच्चों, किसानों और अन्य ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाना आवश्यक है।

गुलदार को पकड़ने की मांग

ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गुलदार को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से पकड़कर आबादी वाले क्षेत्र से दूर स्थानांतरित किया जाए। साथ ही उन्होंने गांव और आसपास के इलाकों में नियमित गश्त, निगरानी और जागरूकता अभियान चलाने की भी मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति की आशंका बनी रह सकती है।

प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे फिलहाल अकेले खेतों या जंगल से सटे क्षेत्रों में न जाएं। विशेष रूप से बच्चों को बिना निगरानी के बाहर न भेजने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है, क्योंकि इस समय वन्यजीवों की गतिविधियां अपेक्षाकृत अधिक हो सकती हैं। यदि किसी को गुलदार दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना देने का अनुरोध किया गया है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष बना चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि जंगलों से लगे क्षेत्रों में मानव और वन्यजीवों का संपर्क बढ़ने से इस प्रकार की घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। बदलते पर्यावरण, वन क्षेत्रों में बदलाव और आबादी के विस्तार के कारण कई बार वन्यजीव भोजन या सुरक्षित स्थान की तलाश में गांवों की ओर आ जाते हैं।

ऐसी परिस्थितियों में वन विभाग द्वारा नियमित निगरानी, जनजागरूकता और त्वरित कार्रवाई अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इसके साथ ही स्थानीय लोगों का सहयोग भी सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

सुरक्षा उपायों पर रहेगा जोर

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सर्च ऑपरेशन के साथ-साथ क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा रही है। यदि आवश्यकता हुई तो पिंजरे लगाने, कैमरा ट्रैप और अन्य तकनीकी साधनों का भी उपयोग किया जा सकता है ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी, जिससे ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

गांव में बढ़ाई जा रही निगरानी

घटना के बाद पुलिस और वन विभाग के कर्मचारी गांव में लगातार मौजूद हैं। अधिकारी ग्रामीणों से संवाद कर रहे हैं और उन्हें आवश्यक सुरक्षा संबंधी जानकारी भी दे रहे हैं। साथ ही लोगों से किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है।

बिजनौर के नगीना देहात क्षेत्र के ग्राम सीखनीवाला में हुई यह घटना अत्यंत दुखद है। घटना के बाद वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है तथा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने भी वन विभाग से गुलदार को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और गांव में नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है।

आने वाले दिनों में प्रशासन की कार्रवाई और वन विभाग की रणनीति इस बात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी कि क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा कैसे और अधिक प्रभावी ढंग से सुनिश्चित की जा सके। साथ ही ग्रामीणों की सतर्कता और प्रशासन के साथ सहयोग भी ऐसी परिस्थितियों से निपटने में अहम साबित होगा।

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