मुरादाबाद में खेत पर चारा लेने गई महिला पर तेंदुए का हमला, मौत के बाद गांव में दहशत, वन विभाग अलर्ट

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रिपोर्ट- मो अरशद

मुरादाबादः उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा थाना क्षेत्र स्थित लालापुर पीपलसाना गांव में एक दुखद घटना सामने आई है। खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गई एक महिला की तेंदुए के हमले में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे गांव में भय और चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तथा पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। साथ ही, वन विभाग ने इलाके में तेंदुए की तलाश के लिए अभियान तेज कर दिया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार महिला रोज की तरह अपने पशुओं के लिए खेत से चारा लेने गई थी। काफी देर तक जब वह घर वापस नहीं लौटी तो परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने आसपास के खेतों में उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद महिला का शव गन्ने के खेत में मिला। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में दहशत का माहौल बन गया है।

सूचना मिलते ही सक्रिय हुआ प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही वन विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के साथ ग्रामीणों से भी जानकारी ली। प्रारंभिक जांच के आधार पर वन विभाग ने तेंदुए की गतिविधियों की पुष्टि करने के लिए क्षेत्र का सर्वे शुरू किया है।

इसके अलावा अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक अकेले खेतों की ओर जाने से बचें। विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

गन्ने के खेतों में बढ़ जाती हैं वन्यजीवों की गतिविधियां

विशेषज्ञों का मानना है कि गन्ने के घने खेत कई बार तेंदुए जैसे वन्यजीवों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन जाते हैं। यदि आसपास जंगल या वन क्षेत्र मौजूद हो तो भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में ऐसे वन्यजीव गांवों की सीमा तक पहुंच सकते हैं। यही कारण है कि कृषि क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।

हालांकि, यह भी जरूरी है कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर लोग उसे घेरने या उकसाने का प्रयास न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देना सबसे सुरक्षित और उचित कदम माना जाता है।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

घटना के बाद लालापुर पीपलसाना और आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी है तो बच्चों, महिलाओं और खेतों में काम करने वाले किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। कई ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में लगातार निगरानी रखने और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग भी की है।

इसके साथ ही लोगों ने खेतों में जाने के दौरान समूह में जाने तथा रात के समय अनावश्यक रूप से खेतों की ओर न जाने की बात भी कही है। ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन और वन विभाग की सतर्कता से भविष्य में ऐसी घटनाओं की संभावना कम की जा सकती है।

वन विभाग ने शुरू किया सर्च अभियान

वन विभाग की टीम ने घटना के बाद आसपास के इलाके का निरीक्षण शुरू कर दिया है। अधिकारियों द्वारा तेंदुए की संभावित गतिविधियों वाले क्षेत्रों की पहचान की जा रही है। जरूरत पड़ने पर निगरानी बढ़ाने, वन्यजीव की लोकेशन का पता लगाने और विशेषज्ञों की सहायता लेने की भी तैयारी की जा रही है।

इसके अलावा विभाग स्थानीय लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास कर रहा है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा सके।

पुलिस ने भी शुरू की जांच

स्थानीय पुलिस ने घटना के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो तथा क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ग्रामीणों के लिए जारी की गई सावधानियां

घटना के बाद प्रशासन ने लोगों से कुछ महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाने की अपील की है—

  • खेतों में अकेले जाने से बचें।
  • सुबह और शाम के समय विशेष सतर्कता बरतें।
  • बच्चों को अकेले खेतों या सुनसान स्थानों पर न भेजें।
  • किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं।
  • तुरंत वन विभाग या पुलिस को सूचना दें।
  • अफवाहों पर विश्वास न करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी जानकारी पर भरोसा करें।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते मानव-वन्यजीव संपर्क को देखते हुए दीर्घकालिक रणनीति अपनाना आवश्यक है। वन क्षेत्रों के आसपास बसे गांवों में नियमित निगरानी, जनजागरूकता अभियान और त्वरित सूचना प्रणाली विकसित करने से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही, ग्रामीणों को वन्यजीवों के व्यवहार और सुरक्षा उपायों के बारे में समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाना भी महत्वपूर्ण है।

मुरादाबाद के लालापुर पीपलसाना गांव में हुई यह घटना पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। एक महिला की जान जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं गांव के लोग भी भय के माहौल में हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं तथा तेंदुए की तलाश जारी है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्य स्पष्ट हो सकेंगे।

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