कानपुर: 15 अगस्त से जलकल विभाग की ओटीएस स्कीम लागू, डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा बड़ी राहत का लाभ
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। शहर के लाखों जलकर और सीवर कर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। कानपुर नगर निगम के जलकल विभाग ने बकाया जलकर और सीवर कर के निस्तारण के लिए 15 अगस्त 2026 से वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम लागू करने का निर्णय लिया है। इस योजना का उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को राहत देना है, जो लंबे समय से विभिन्न कारणों से अपने बिलों का भुगतान नहीं कर पाए हैं। विभाग का अनुमान है कि इस योजना से करीब डेढ़ लाख उपभोक्ता सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।
जलकल विभाग के अधिकारियों का मानना है कि ओटीएस स्कीम लागू होने से एक ओर उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर विभाग के राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। यही कारण है कि विभाग ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार की तैयारी भी शुरू कर दी है।
बकाया जलकर और सीवर कर पर मिलेगी राहत
जलकल विभाग के महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि ओटीएस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को वॉटर टैक्स, सीवर टैक्स तथा इन पर लगने वाले सरचार्ज और अन्य निर्धारित शुल्कों में राहत प्रदान की जाएगी। इसका लाभ उठाकर उपभोक्ता अपने पुराने बकाया बिलों का आसान तरीके से निस्तारण कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कई ऐसे उपभोक्ता हैं जिनका बकाया वर्षों से लंबित है। लगातार बढ़ते सरचार्ज के कारण कई लोगों के लिए पूरा भुगतान करना कठिन हो गया है। ऐसे में ओटीएस स्कीम उनके लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।
15 अगस्त से पूरे शहर में लागू होगी योजना
जलकल विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह विशेष योजना 15 अगस्त से प्रभावी होगी। इसके बाद पात्र उपभोक्ता निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन कर अपने बकाया बिलों का निस्तारण करा सकेंगे।
विभाग का उद्देश्य केवल बकाया वसूली करना नहीं है, बल्कि उपभोक्ताओं को राहत देकर उन्हें नियमित करदाता बनने के लिए प्रेरित करना भी है। इससे भविष्य में जलकर और सीवर कर की वसूली व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।
करीब डेढ़ लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
जलकल विभाग के अनुसार शहर में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जिन पर जलकर और सीवर कर का बकाया है। अनुमान है कि लगभग 1.5 लाख उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
यदि अधिक से अधिक लोग इस योजना में शामिल होते हैं, तो न केवल उनका आर्थिक बोझ कम होगा बल्कि नगर निगम को भी विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
सरचार्ज में राहत से कम होगा आर्थिक बोझ
आमतौर पर लंबे समय तक बिल जमा न होने पर मूल राशि के साथ सरचार्ज भी लगातार बढ़ता रहता है। यही कारण है कि कई उपभोक्ता बकाया राशि का भुगतान करने से बचते रहते हैं।
हालांकि ओटीएस स्कीम के तहत सरचार्ज और अन्य शुल्कों में मिलने वाली राहत से भुगतान आसान हो जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को कम राशि में अपने पुराने बकाया का निस्तारण करने का अवसर मिलेगा।
जागरूकता अभियान भी चलाएगा विभाग
जलकल विभाग ने योजना को सफल बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। विभाग का कहना है कि केवल योजना लागू करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इसकी जानकारी प्रत्येक उपभोक्ता तक पहुंचाना भी जरूरी है।
इसी उद्देश्य से नगर निगम के सभी जोनों में प्रचार-प्रसार किया जाएगा। साथ ही विभिन्न माध्यमों से लोगों को ओटीएस स्कीम की शर्तों और लाभों की जानकारी दी जाएगी।
पार्षद और जनप्रतिनिधि निभाएंगे अहम भूमिका
महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि नगर निगम के सभी पार्षदों और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इस योजना की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उनसे अनुरोध किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को इस योजना के प्रति जागरूक करें।
इसके अतिरिक्त स्थानीय स्तर पर शिविर आयोजित करने की भी योजना बनाई जा सकती है, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता समय रहते इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
राजस्व बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
जलकल विभाग का मानना है कि बड़ी संख्या में लंबित बकाया राशि की वसूली होने से नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। इससे जलापूर्ति, सीवर लाइन, पाइपलाइन विस्तार और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलेगी।
विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय-समय पर ऐसी योजनाएं लागू करने से राजस्व संग्रह में सुधार होता है और उपभोक्ताओं का विभाग के प्रति विश्वास भी बढ़ता है।
उपभोक्ताओं को समय रहते उठाना चाहिए लाभ
विभाग ने सभी पात्र उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे योजना लागू होने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर अपने बकाया बिलों का निस्तारण अवश्य कराएं। इससे भविष्य में अतिरिक्त आर्थिक भार से बचा जा सकेगा और नियमित बिल भुगतान की प्रक्रिया भी आसान होगी।
इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि योजना से संबंधित नियम, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी जलकल विभाग के कार्यालय या नगर निगम के संबंधित जोनल कार्यालय से प्राप्त करें।
शहर के विकास को भी मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार यदि ओटीएस स्कीम सफल रहती है, तो नगर निगम को मिलने वाले अतिरिक्त राजस्व का उपयोग पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने, सीवर व्यवस्था मजबूत करने और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में किया जा सकेगा। इससे शहरवासियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों प्रकार के लाभ मिलेंगे।
कानपुर जलकल विभाग की 15 अगस्त से शुरू होने वाली ओटीएस स्कीम उन उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिन पर जलकर और सीवर कर का बकाया है। सरचार्ज और अन्य शुल्कों में मिलने वाली राहत के कारण बकाया जमा करना पहले की तुलना में आसान हो सकता है। वहीं दूसरी ओर नगर निगम को राजस्व प्राप्त होने से शहर के विकास कार्यों को भी नई गति मिलेगी। ऐसे में पात्र उपभोक्ताओं के लिए यह योजना समय पर अपने बकाया का निस्तारण करने का अच्छा अवसर साबित हो सकती है।

