गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा के चलते 4 से 12 अगस्त तक सभी स्कूल बंद, डीएम ने जारी किए आदेश
Digital UP News Desk
गाजियाबाद: सावन माह के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रा को देखते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिला प्रशासन ने 4 अगस्त से 12 अगस्त 2026 तक जिले के कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त, निजी और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय कांवड़ यात्रा के दौरान बढ़ने वाले यातायात दबाव, सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इस अवधि में जिले के सभी स्कूल बंद रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल कर्मचारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क
हर वर्ष सावन के महीने में लाखों शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर कांवड़ यात्रा करते हैं। गाजियाबाद दिल्ली, मेरठ, हरिद्वार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग होने के कारण यहां बड़ी संख्या में कांवड़ियों की आवाजाही रहती है।
इसी कारण प्रशासन को कई प्रमुख मार्गों पर विशेष यातायात व्यवस्था लागू करनी पड़ती है। कई सड़कों पर वाहनों का आवागमन सीमित या परिवर्तित किया जाता है, जिससे आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित होती है।
ऐसे में विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्कूल बसों के सुचारु संचालन को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित करना प्रशासन का एहतियाती कदम माना जा रहा है।
डीएम ने जारी किए स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी विद्यालय आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित करें।
आदेश के अनुसार, कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए 4 अगस्त से 12 अगस्त तक अवकाश रहेगा। इसके साथ ही सभी विद्यालयों को अभिभावकों तक समय रहते सूचना पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न बने।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि आवश्यक हुआ तो परिस्थितियों के अनुसार आगे भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनी प्रमुख वजह
कांवड़ यात्रा के दौरान गाजियाबाद की प्रमुख सड़कों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होती है। इसके चलते कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए जाते हैं।
स्कूल खुलने की स्थिति में विद्यार्थियों और स्कूल बसों को इन व्यवस्थाओं के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था। इसके अलावा भीड़भाड़ वाले मार्गों पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन के लिए बड़ी प्राथमिकता है।
इन्हीं सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया।
पहले मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी जारी हो चुके हैं आदेश
गाजियाबाद से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरनगर जिलों में भी कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित किया जा चुका है।
इन जिलों में प्रशासन ने 3 अगस्त से 10 अगस्त तक स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए थे। अब गाजियाबाद भी उन जिलों की सूची में शामिल हो गया है जहां कांवड़ यात्रा के मद्देनजर शैक्षणिक संस्थानों में अस्थायी अवकाश घोषित किया गया है।
इससे स्पष्ट है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रशासन सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अवकाश अवधि के दौरान बच्चों को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में न भेजें।
साथ ही यदि किसी कारणवश यात्रा करनी हो तो प्रशासन द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें। इससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहेगी और किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सकेगा।
स्कूल प्रबंधन को भी दिए गए आवश्यक निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों से कहा है कि वे अवकाश संबंधी सूचना छात्रों और अभिभावकों तक विभिन्न माध्यमों जैसे स्कूल ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप, एसएमएस और नोटिस बोर्ड के जरिए समय पर पहुंचाएं।
यदि किसी विद्यालय में पहले से कोई विशेष कार्यक्रम निर्धारित है, तो उसे प्रशासनिक निर्देशों के अनुरूप पुनर्निर्धारित करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत तैयारी की
कांवड़ यात्रा के दौरान जिले में पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की अतिरिक्त तैनाती की जा रही है।
मुख्य मार्गों पर सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन निगरानी और कंट्रोल रूम के माध्यम से लगातार स्थिति पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा चिकित्सा सहायता, एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है, साथ ही आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो।
विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा अधिक असर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह अवकाश विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिया गया एक आवश्यक प्रशासनिक निर्णय है। स्कूल खुलने के बाद शैक्षणिक गतिविधियों को नियमित रूप से संचालित किया जाएगा।
कई विद्यालय ऑनलाइन असाइनमेंट या होमवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई को जारी रखने की योजना भी बना सकते हैं, हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय संबंधित विद्यालय प्रशासन द्वारा लिया जाएगा।

