बदायूं में बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के इंजन में आग, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
Digital UP News Desk
बदायूं: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के इंजन में अचानक धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग दिखाई देने लगी। हालांकि, लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई के चलते सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या रेलकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।
घटना के बाद रेलवे प्रशासन, दमकल विभाग और स्थानीय अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। वहीं, रेलवे ने आग लगने के कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इंजन की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।
मल्लननगर हाल्ट के पास अचानक उठा धुआं
जानकारी के अनुसार, बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन संख्या 55328 सोमवार को अपने निर्धारित समय पर बरेली से कासगंज की ओर जा रही थी। जब ट्रेन बदायूं जिले के बिनावर क्षेत्र स्थित मल्लननगर हाल्ट स्टेशन के पास पहुंची, तभी इंजन से अचानक धुआं निकलना शुरू हो गया।
शुरुआत में रेलवे कर्मचारियों ने तकनीकी खराबी की आशंका जताई, लेकिन कुछ ही क्षणों बाद इंजन से चिंगारियां निकलने लगीं। इसके बाद इंजन के अगले हिस्से में आग दिखाई देने लगी। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने जैसे ही धुआं देखा, उनके बीच हलचल मच गई। हालांकि, रेलवे कर्मचारियों ने संयम बनाए रखा और स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
लोको पायलट की सतर्कता से बची यात्रियों की जान
घटना के दौरान लोको पायलट सर्वेश कुमार ने असामान्य स्थिति को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को सुरक्षित स्थान पर रोक दिया।
ट्रेन रुकते ही रेलवे कर्मचारियों ने व्यवस्थित तरीके से यात्रियों को नीचे उतारना शुरू किया। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को प्राथमिकता देते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित दूरी पर पहुंचाया गया। लोको पायलट की त्वरित सूझबूझ और अनुभव के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया।
यात्रियों ने भी लोको पायलट और रेलवे कर्मचारियों की इस तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि यदि ट्रेन समय पर नहीं रोकी जाती, तो स्थिति अधिक गंभीर हो सकती थी।
फायर ब्रिगेड ने समय रहते आग पर पाया काबू
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही समय में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई।
दमकल कर्मियों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इंजन में लगी आग पर नियंत्रण पाया। आग पूरी तरह बुझाने के बाद इंजन का निरीक्षण किया गया ताकि दोबारा किसी प्रकार की चिंगारी या आग लगने की संभावना न रहे।
इस दौरान रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य कर्मचारियों ने यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर बनाए रखा, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं फैलने पाई।
कुछ समय के लिए प्रभावित रहा रेल संचालन
आग लगने की घटना के कारण बरेली-कासगंज रेलखंड पर कुछ समय के लिए रेल परिचालन प्रभावित हुआ। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी।
तकनीकी टीम ने इंजन का प्राथमिक निरीक्षण करने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक प्रबंध किए गए।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परिचालन को जल्द सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए।
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका
रेलवे अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में इंजन की वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने की संभावना सामने आई है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
तकनीकी विशेषज्ञ इंजन के सभी हिस्सों की विस्तृत जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि होगी।
यदि जांच में किसी तकनीकी लापरवाही या उपकरण में खराबी सामने आती है, तो रेलवे उसके अनुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
यात्रियों ने रेलवे कर्मचारियों की सराहना की
घटना के बाद कई यात्रियों ने रेलवे कर्मचारियों की तत्परता की प्रशंसा की। उनका कहना था कि पूरे घटनाक्रम के दौरान कर्मचारियों ने घबराने के बजाय यात्रियों को शांत रहने की सलाह दी और व्यवस्थित तरीके से सभी को सुरक्षित बाहर निकाला।
यात्रियों का मानना है कि लोको पायलट और रेलवे स्टाफ की सूझबूझ के कारण ही किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
रेलवे ने शुरू की विस्तृत तकनीकी जांच
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इंजन के प्रत्येक हिस्से का निरीक्षण किया जाएगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी की जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो संबंधित रेलखंड पर संचालित इंजनों का अतिरिक्त निरीक्षण भी कराया जाएगा।
रेल सुरक्षा में तकनीकी निरीक्षण का महत्व
रेल विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित तकनीकी निरीक्षण और समय-समय पर वायरिंग, इंजन तथा अन्य उपकरणों की जांच ऐसे हादसों की संभावना को काफी हद तक कम कर सकती है।
भारतीय रेलवे लगातार सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। आधुनिक तकनीक, नियमित रखरखाव और कर्मचारियों के प्रशिक्षण के कारण कई संभावित हादसों को समय रहते टाला जा चुका है।
बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग
बदायूं के मल्लननगर हाल्ट के पास बरेली-कासगंज पैसेंजर ट्रेन के इंजन में लगी आग ने कुछ समय के लिए यात्रियों में चिंता जरूर पैदा की, लेकिन लोको पायलट सर्वेश कुमार की सतर्कता, रेलवे कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई और फायर ब्रिगेड की मुस्तैदी के कारण बड़ा हादसा टल गया।
राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या रेलकर्मी को चोट नहीं पहुंची। अब सभी की निगाहें रेलवे की तकनीकी जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे आग लगने के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

