बांदा: रास्ता बंद होने से 300 बीघा खेती प्रभावित, मवई बुजुर्ग के किसानों ने विधायक प्रकाश द्विवेदी से लगाई गुहार

74

रिपोर्ट- शानू शैलेन्द्र वर्मा

बांदा। जनपद के ग्राम मवई बुजुर्ग के किसानों ने अपनी कृषि भूमि तक पहुंचने में आ रही गंभीर समस्या को लेकर सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे तथा बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की बाउंड्री निर्माण के कारण उनके खेतों तक जाने वाला पारंपरिक मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके चलते लगभग 300 बीघा कृषि भूमि तक किसानों की पहुंच प्रभावित हो रही है, जिससे खेती-किसानी के साथ-साथ दैनिक आवागमन भी कठिन हो गया है।

ग्रामीणों ने विधायक से मांग की है कि किसानों की सुविधा और कृषि कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक लगभग एक किलोमीटर लंबा पक्का मार्ग बनाया जाए। साथ ही उन्होंने इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने की भी अपील की।

खेतों तक पहुंचना हुआ मुश्किल

ग्रामीणों के अनुसार, उनकी निजी भूमिधारी जमीन के एक ओर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का फ्लाईओवर स्थित है, जबकि दूसरी ओर बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने संबंधित भूमि को अपनी बताते हुए आम रास्ते पर बाउंड्री दीवार का निर्माण कर दिया है।

इसके परिणामस्वरूप वर्षों से उपयोग में आने वाला रास्ता बंद हो गया है। अब किसान अपने खेतों तक कृषि यंत्र, ट्रैक्टर, बीज, खाद और अन्य आवश्यक सामग्री आसानी से नहीं पहुंचा पा रहे हैं। वहीं फसल की बुवाई, सिंचाई और कटाई जैसे कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

300 बीघा कृषि भूमि पर पड़ा असर

ग्रामीणों का कहना है कि रास्ता बंद होने से लगभग 300 बीघा कृषि भूमि तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है। खेती पर निर्भर परिवारों के सामने आर्थिक और व्यावहारिक दोनों प्रकार की चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

किसानों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले कृषि सीजन में उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा खेतों तक पहुंचने के लिए लंबा और असुविधाजनक रास्ता अपनाना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ रहे हैं।

विधायक को सौंपा गया ज्ञापन

अपनी समस्या के समाधान के लिए ग्रामवासियों ने सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी को विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि पारंपरिक मार्ग बंद होने से खेती-किसानी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए प्रशासन स्तर पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए किसानों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए।

ग्रामीणों ने यह भी अनुरोध किया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे किसानों को भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

एक किलोमीटर पक्का मार्ग बनाने की मांग

ज्ञापन में किसानों ने प्रमुख रूप से चाहितारा मोड़ से चिल्ला रोड तक लगभग एक किलोमीटर लंबा पक्का मार्ग बनवाने की मांग रखी है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह मार्ग तैयार हो जाता है तो किसानों को अपने खेतों तक आसानी से पहुंचने का स्थायी समाधान मिल जाएगा। साथ ही कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य वाहनों का आवागमन भी सुगम हो सकेगा।

किसानों का मानना है कि यह मार्ग केवल कृषि कार्यों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के दैनिक आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

विधायक ने दिया समाधान का आश्वासन

सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुना। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि वे स्वयं संबंधित स्थल का निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर समस्या के समाधान का प्रयास करेंगे।

विधायक ने कहा कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक पहल कर इस मामले का उचित निस्तारण कराने का प्रयास किया जाएगा। उनके आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि जल्द ही रास्ते की समस्या का व्यावहारिक समाधान निकल सकेगा।

ग्रामीणों ने शीघ्र कार्रवाई की मांग की

ग्रामीणों ने कहा कि खेती पूरी तरह समय पर होने वाले कार्यों पर निर्भर करती है। इसलिए यदि रास्ता जल्द नहीं खुला या वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए शीघ्र निर्णय लिया जाए।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम मवई बुजुर्ग के कई किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। इनमें संतोष कुमार सविता, रामजी त्रिवेदी, रामबरण यादव, विनय कुमार, श्रीराम, श्रवण, सुमित सिंह, राकेश सिंह, दयाराम यादव, छत्रपाल सविता, देवीदीन यादव, पंचा सविता, सुखनंदी, रामदास, ओमप्रकाश, मोलवा, जगदीश और लाखन सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।

ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की कि किसानों की आजीविका से जुड़े इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाए और जल्द से जल्द स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मवई बुजुर्ग गांव के किसानों द्वारा उठाया गया यह मुद्दा केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि उत्पादन और ग्रामीण आजीविका से भी जुड़ा हुआ है। यदि खेतों तक पहुंचने का रास्ता बाधित रहता है तो इसका सीधा असर खेती और किसानों की आय पर पड़ सकता है। ऐसे में किसानों की मांग पर संबंधित विभागों द्वारा तथ्यात्मक जांच कर व्यावहारिक समाधान निकालना महत्वपूर्ण होगा। वहीं विधायक द्वारा स्थल निरीक्षण और समस्या के समाधान का दिया गया आश्वासन ग्रामीणों के लिए उम्मीद की किरण बना हुआ है।

You may have missed