अभिजीत दीपके को लेकर वित्तीय जांच की मांग, RTI कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग और GST बोर्ड को लिखा पत्र

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Digital UP News Desk

नई दिल्ली: अभिजीत दीपके से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने चुनाव आयोग और केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (GST) बोर्ड को पत्र लिखकर अभिजीत दीपके से संबंधित कुछ वित्तीय पहलुओं की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से CJP के लीगल डिफेंस फंड और अभिजीत दीपके के परिवार की आर्थिक स्थिति की जांच की आवश्यकता जताई है।

हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि फिलहाल यह मांग एक शिकायत और पत्राचार के स्तर पर है। संबंधित एजेंसियों की ओर से इस विषय में किसी जांच की पुष्टि या आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है।

क्या है पूरा मामला?

आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने अपने पत्र में सवाल उठाया है कि अभिजीत दीपके की विदेश में उच्च शिक्षा के लिए धन की व्यवस्था किस प्रकार की गई। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित एजेंसियां उपलब्ध दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच करें।

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि किसी प्रकार का वित्तीय लेन-देन सार्वजनिक नियमों या कर संबंधी प्रावधानों के दायरे में आता है, तो उसकी विधिसम्मत जांच की जानी चाहिए।

CJP के लीगल डिफेंस फंड पर भी उठाए सवाल

अमित तिवारी ने अपने पत्र में CJP के लीगल डिफेंस फंड का भी उल्लेख किया है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित प्राधिकरण यह स्पष्ट करें कि फंड जुटाने और उसके उपयोग की प्रक्रिया नियमानुसार हुई है या नहीं।

हालांकि, CJP या संबंधित पक्ष की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस समाचार के प्रकाशन तक सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।

चुनाव आयोग और GST बोर्ड को भेजा गया पत्र

आरटीआई कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग तथा केंद्रीय GST बोर्ड को भेजे गए पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता की आशंका है, तो सक्षम एजेंसियों द्वारा तथ्यों की जांच की जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि जांच पूरी तरह पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार की जाए।

अभी जांच की आधिकारिक पुष्टि नहीं

अब तक चुनाव आयोग, केंद्रीय GST बोर्ड या किसी अन्य संबंधित सरकारी एजेंसी की ओर से इस मामले में जांच शुरू किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसी प्रकार, अभिजीत दीपके या उनके परिवार की ओर से भी इस शिकायत पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसी स्थिति में उपलब्ध जानकारी को केवल शिकायत और जांच की मांग के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी स्थापित तथ्य या निष्कर्ष के रूप में।

निष्पक्ष जांच की मांग

जानकारों का मानना है कि यदि किसी भी मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज होती है, तो संबंधित एजेंसियां उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर तय करती हैं कि जांच की आवश्यकता है या नहीं।

इस प्रकार की प्रक्रिया में सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है और अंतिम निष्कर्ष केवल सक्षम प्राधिकरण की जांच के बाद ही सामने आता है।

अभिजीत दीपके से जुड़े वित्तीय मामलों को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी ने चुनाव आयोग और केंद्रीय GST बोर्ड को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। शिकायत में विदेश में शिक्षा के लिए धन की व्यवस्था और CJP के लीगल डिफेंस फंड से जुड़े सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल मामले में किसी सरकारी एजेंसी द्वारा जांच शुरू किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की विस्तृत प्रतिक्रिया भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। ऐसे में इस विषय पर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जा रहा है।

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