ब्रज वैभव अभियान: गोकुल के ठकुरानी घाट पर चला स्वच्छता महाअभियान, श्रद्धालुओं से की गई स्वच्छ ब्रज बनाने की अपील

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज

मथुरा, गोकुल: भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली गोकुल में रविवार को ब्रज वैभव अभियान के अंतर्गत व्यापक स्वच्छता महाअभियान चलाया गया। “हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है” के संकल्प के साथ आयोजित इस अभियान में ठकुरानी घाट पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।

इस दौरान हार्टफुलनेस फाउंडेशन के स्वयंसेवियों, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद तथा नगर पंचायत गोकुल के कर्मचारियों ने मिलकर घाट और उसके आसपास के क्षेत्र की सफाई की।

अभियान का उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं था, बल्कि श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण तथा यमुना नदी की पवित्रता बनाए रखने के प्रति जागरूक करना भी था। कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे ब्रज आएं, पुण्य कमाएं, लेकिन यहां गंदगी छोड़कर न जाएं, बल्कि स्वच्छता की मिसाल कायम करें।

ठकुरानी घाट पर श्रमदान से दिया स्वच्छता का संदेश

ब्रज वैभव अभियान के तहत ठकुरानी घाट पर बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने श्रमदान किया। घाट की सीढ़ियों, किनारों और आसपास के सार्वजनिक स्थानों की सफाई कर लोगों को यह संदेश दिया गया कि धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु की जिम्मेदारी है।

हार्टफुलनेस फाउंडेशन के स्वयंसेवियों ने नगर पंचायत कर्मचारियों के साथ मिलकर प्लास्टिक कचरा, पूजा सामग्री और अन्य अपशिष्ट को हटाया। इसके साथ ही लोगों को यह भी बताया गया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति थोड़ी-सी जिम्मेदारी निभाए, तो ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना संभव है।

श्रद्धालुओं से की गई पर्यावरण संरक्षण की अपील

स्वच्छता अभियान के दौरान स्थानीय नागरिकों और देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।

स्वयंसेवकों ने लोगों से आग्रह किया कि वे सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करें। इसके अलावा पूजा सामग्री को यमुना नदी में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थानों पर डालने की अपील की गई।

अभियान के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित जागरूकता पत्रक भी वितरित किए गए। इन पत्रकों में स्वच्छ ब्रज, स्वच्छ घाट और स्वच्छ यमुना के महत्व को सरल भाषा में समझाया गया।

‘स्वच्छ ब्रज, हरित ब्रज’ का दिया संदेश

अभियान में शामिल स्वयंसेवकों ने तीर्थयात्रियों को बताया कि ब्रज केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर भी है। इसलिए इसकी स्वच्छता बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान बार-बार यह संदेश दिया गया कि यदि श्रद्धालु अपने धार्मिक कर्तव्यों के साथ स्वच्छता का भी पालन करेंगे, तो आने वाली पीढ़ियां भी ब्रज की पवित्रता और प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव कर सकेंगी।

जनभागीदारी से जनआंदोलन बन रहा ब्रज वैभव अभियान

हार्टफुलनेस फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर निशांत शर्मा ने कहा कि ब्रज वैभव अभियान अब केवल एक स्वच्छता अभियान नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी के माध्यम से एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

उन्होंने बताया कि अभियान के माध्यम से स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और आध्यात्मिक मूल्यों को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।

उनके अनुसार, लोगों की बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि समाज अब स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो रहा है।

कई संस्थाओं के सहयोग से चल रहा अभियान

ब्रज वैभव अभियान का संचालन उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, जिला प्रशासन, नगर निगम, नगर पंचायत गोकुल तथा हार्टफुलनेस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

इन सभी संस्थाओं का उद्देश्य ब्रज क्षेत्र को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित बनाना है। अभियान के तहत समय-समय पर विभिन्न घाटों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थलों पर सफाई अभियान तथा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी की सराहना

हार्टफुलनेस के कोऑर्डिनेटर निशांत शर्मा ने बताया कि हाल ही में ब्रज वैभव अभियान की गतिविधियों की प्रस्तुति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष भी दी गई थी।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस जनभागीदारी आधारित पहल की सराहना करते हुए इसे स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक अभियान बताया।

मुख्यमंत्री की सराहना के बाद अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों का उत्साह और बढ़ा है तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

यमुना संरक्षण का लिया संकल्प

कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न शहरों से आए स्वयंसेवकों ने यमुना संरक्षण, स्वच्छ ब्रज और पर्यावरण संवर्धन के लिए लगातार कार्य करने का संकल्प लिया।

उन्होंने यह भी निश्चय किया कि अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़कर जनजागरूकता बढ़ाई जाएगी। साथ ही धार्मिक आयोजनों और तीर्थ स्थलों पर स्वच्छता के महत्व को भी लगातार प्रचारित किया जाएगा।

स्वयंसेवकों ने कहा कि स्वच्छ यमुना और स्वच्छ ब्रज ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ी धरोहर होगी।

स्वच्छता और आस्था का अनूठा संगम

ब्रज वैभव अभियान यह संदेश देता है कि धार्मिक आस्था और स्वच्छता एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि श्रद्धालु अपनी यात्रा के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखें, तो धार्मिक स्थलों की गरिमा और प्राकृतिक सुंदरता दोनों सुरक्षित रह सकती हैं।

तीर्थ स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए जनसहभागिता आधारित ऐसे अभियान भविष्य में और अधिक प्रभावी साबित हो सकते हैं।

गोकुल के ठकुरानी घाट पर आयोजित ब्रज वैभव अभियान ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।

हार्टफुलनेस फाउंडेशन, उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद, नगर पंचायत गोकुल और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से संचालित यह अभियान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और आध्यात्मिक मूल्यों को एक साथ जोड़ने का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया है।

यदि इसी प्रकार जनसहभागिता बढ़ती रही, तो निश्चित रूप से स्वच्छ ब्रज, स्वच्छ यमुना और हरित ब्रज का सपना साकार हो सकेगा।

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