पीएम मोदी ने मैसूरु में विवेका स्मारक का किया उद्घाटन, बोले- युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत
Digital UP News Desk
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक के मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेका स्मारक के उद्घाटन कार्यक्रम की झलकियां साझा की हैं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने स्वामी विवेकानंद के विचारों, युवाओं की शक्ति और भारत के विकास में उनकी भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण बातें कहीं।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए अपने विभिन्न पोस्ट में कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन में मैसूरु का विशेष महत्व रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि विवेका स्मारक युवाओं को बेहतर समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करने वाला प्रमुख केंद्र बनेगा।
यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि स्वामी विवेकानंद के विचारों, आदर्शों और युवाओं में आत्मविश्वास जगाने वाली उनकी शिक्षाओं का प्रतीक माना जा रहा है।
स्वामी विवेकानंद के विचारों को आगे बढ़ाने की पहल
स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को राष्ट्र निर्माण का आधार बताया था। उनका मानना था कि देश की प्रगति के लिए युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, ज्ञान और सेवा भावना का विकास आवश्यक है।
इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए विवेका स्मारक को युवाओं के लिए प्रेरणा और सीख का केंद्र बनाने का प्रयास किया गया है। यहां युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और उनके विचारों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने उनके समय में थे। विशेष रूप से 21वीं सदी के भारत में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
युवा शक्ति भारत के विकास की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में युवाओं की क्षमता और ऊर्जा को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देश आज विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके पीछे युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ जैसी महत्वपूर्ण पहलों की सफलता के पीछे प्रमुख प्रेरक शक्ति है।
दरअसल, भारत की बड़ी युवा आबादी देश के आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। युवा नई सोच, नवाचार और मेहनत के माध्यम से देश को नई दिशा दे रहे हैं।
इसके अलावा, स्टार्टअप, तकनीक, खेल, विज्ञान और उद्योग जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया में युवाओं की भूमिका
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के अभियान में युवाओं का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। मेक इन इंडिया और अन्य योजनाओं के माध्यम से युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
आज देश में युवा उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं, नई तकनीकों और कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा रहा है।
इसके साथ ही, डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और कौशल विकास जैसे अभियानों ने युवाओं के लिए नए रास्ते खोले हैं।
प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि युवा शक्ति के दम पर भारत आने वाले समय में वैश्विक स्तर पर और मजबूत भूमिका निभाएगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को भविष्य के लिए कर रही तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह नीति देश के युवाओं को 21वीं सदी की जरूरतों और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए तैयार कर रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कौशल विकास, मातृभाषा में शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक सीख पर विशेष ध्यान दिया गया है।
इसके माध्यम से विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें रोजगार, नवाचार और आत्मनिर्भरता के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलाव भारत के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में मदद करेंगे।
मैसूरु और स्वामी विवेकानंद का ऐतिहासिक संबंध
मैसूरु का स्वामी विवेकानंद के जीवन में विशेष स्थान रहा है। अपने भारत भ्रमण के दौरान स्वामी विवेकानंद ने मैसूरु की यात्रा की थी और यहां के लोगों तथा संस्कृति से प्रभावित हुए थे।
उनके विचारों ने देश के युवाओं को हमेशा प्रेरित किया है। उन्होंने समाज सेवा, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण को जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बताया।
विवेका स्मारक के माध्यम से उनके इन्हीं विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
युवाओं के लिए प्रेरणा और सीख का केंद्र बनेगा स्मारक
विवेका स्मारक का उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है।
यह केंद्र युवाओं को अपने लक्ष्य तय करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने में मदद करेगा।
इसके अलावा, यहां स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनके संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम तैयार होगा।
आज जब दुनिया तेजी से बदल रही है, ऐसे समय में युवाओं को सही दिशा और प्रेरणा देने वाले केंद्रों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
भारत के उज्ज्वल भविष्य में युवाओं की अहम भूमिका
भारत तेजी से विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के कौशल, मेहनत और नवाचार पर निर्भर है। इसलिए सरकार लगातार युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ाने पर काम कर रही है।
वहीं, स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं को आत्मविश्वास और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
मैसूरु में स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र-विवेका स्मारक का उद्घाटन भारत की युवा शक्ति और सांस्कृतिक विरासत को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर युवाओं को देश की प्रगति का आधार बताया और कहा कि उनकी ऊर्जा ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।
विवेका स्मारक आने वाले समय में युवाओं के लिए प्रेरणा, ज्ञान और राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण केंद्र साबित हो सकता है।

