गोरखपुर जिला जेल से पॉक्सो एक्ट का बंदी हुआ फरार, जेलर समेत पांच कर्मचारी निलंबित
Digital UP News Desk
गोरखपुर: गोरखपुर जिला जेल में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब पॉक्सो एक्ट में बंद एक बंदी के अचानक लापता होने की जानकारी सामने आई। जेल प्रशासन को जैसे ही बंदी के गायब होने की सूचना मिली, पूरे परिसर में तलाश अभियान शुरू कर दिया गया। सभी बैरकों की गिनती कराई गई, लेकिन काफी प्रयास के बाद भी बंदी का कोई सुराग नहीं मिल सका।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत सक्रिय हो गए। जिलाधिकारी दीपक मीणा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने जिला जेल पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं, जेल में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आने के बाद जेलर अरुण कुमार समेत पांच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
लड़की भगाने के मामले में जेल भेजा गया था बंदी
जानकारी के अनुसार, बांसगांव थाना क्षेत्र का रहने वाला विपिन नाम का युवक पॉक्सो एक्ट के मामले में जिला जेल में बंद था। पुलिस ने उसे लड़की भगाने के मामले में 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इसके बाद संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक अभिरक्षा में गोरखपुर जिला जेल भेज दिया गया था।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर तक वह जेल में मौजूद था, लेकिन अचानक उसके लापता होने की सूचना मिलने के बाद जेल प्रशासन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
दोपहर 12 बजे मिली बंदी के गायब होने की जानकारी
शुक्रवार करीब दोपहर 12 बजे जेल अधिकारियों को पता चला कि बंदी विपिन अपनी निर्धारित जगह पर मौजूद नहीं है। इसके बाद जेल प्रशासन ने तत्काल सभी बैरकों की जांच शुरू कर दी। बंदियों की दोबारा गिनती कराई गई और जेल परिसर के अंदर हर संभावित स्थान पर उसकी तलाश की गई।
हालांकि, काफी देर तक खोजबीन के बाद भी बंदी का कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस अधिकारियों को दी गई। सूचना मिलते ही शाहपुर पुलिस मौके पर पहुंची और बंदी की तलाश शुरू कर दी।
पेड़ के सहारे जेल की दीवार पार करने की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बंदी ने जेल परिसर में मौजूद किसी पेड़ का सहारा लेकर दीवार पार की होगी। हालांकि, अभी तक इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि वह किस तरह जेल परिसर से बाहर गया।
पुलिस और जेल प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। इसके अलावा आसपास के इलाकों में भी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बंदी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, पांच कर्मचारी निलंबित
जिला जेल जैसी सुरक्षित जगह से बंदी के लापता होने की घटना के बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है।
लापरवाही बरतने के आरोप में जेलर अरुण कुमार सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान जिसकी भी जिम्मेदारी तय होगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डीएम और एसएसपी ने लिया मामले का जायजा
घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ जिला जेल पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने जेल परिसर का निरीक्षण किया और अधिकारियों से घटना की पूरी जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बंदी की तलाश में कोई भी कसर न छोड़ी जाए। साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
पुलिस का दावा, जल्द पकड़ा जाएगा बंदी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बंदी की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के क्षेत्रों में पुलिस टीमों को लगाया गया है और संदिग्ध स्थानों पर जांच की जा रही है।
इसके अलावा बांसगांव थाना पुलिस की भी मदद ली जा रही है, क्योंकि बंदी उसी क्षेत्र का रहने वाला है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
जेल प्रशासन ने शुरू की आंतरिक जांच
घटना के बाद जेल प्रशासन ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि बंदी किस समय और किन परिस्थितियों में जेल परिसर से गायब हुआ।
साथ ही जेल की सुरक्षा व्यवस्था में मौजूद कमियों की भी समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई
गोरखपुर जिला जेल से पॉक्सो एक्ट के बंदी के लापता होने का मामला प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई हैं। वहीं, सुरक्षा में लापरवाही को देखते हुए जेलर समेत पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। अब सभी की नजरें पुलिस की जांच और बंदी की बरामदगी पर टिकी हैं।

