बिजनौर कांवड़ यात्रा: ड्रोन और AI कैमरों से हो रही निगरानी, गुलदार के खतरे से बचाव के लिए लगाए गए पिंजरे

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रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा 

बिजनौर: सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुचारु बनाने के लिए बिजनौर प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। विशेष रूप से जंगल मार्ग से होकर गुजरने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक और वन विभाग के सहयोग से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इस बार यात्रा मार्ग पर ड्रोन कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। वहीं, जंगल क्षेत्र में गुलदार (तेंदुआ) की संभावित गतिविधियों को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर विशेष पिंजरे भी लगाए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

जंगल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था की विशेष तैयारी

बिजनौर जनपद का नजीबाबाद क्षेत्र हरिद्वार मार्ग से जुड़ा होने के कारण सावन के दौरान बड़ी संख्या में कांवड़िए यहां से होकर गुजरते हैं। इनमें कई श्रद्धालु जंगल से सटे मार्गों का भी उपयोग करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त रूप से सुरक्षा योजना तैयार की है।

अधिकारियों के अनुसार मोटा महादेव मंदिर से कोटावाली पुल तक के मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। यहां ड्रोन कैमरों के जरिए लगातार निगरानी की जा रही है ताकि भीड़ की स्थिति, यातायात और किसी भी असामान्य गतिविधि पर तुरंत नजर रखी जा सके।

ड्रोन कैमरों से हो रही लाइव मॉनिटरिंग

इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान पहली बार कई संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। ड्रोन कैमरे लगातार यात्रा मार्ग की निगरानी कर रहे हैं और कंट्रोल रूम तक लाइव तस्वीरें भेज रहे हैं।

इसके माध्यम से प्रशासन भीड़ का आकलन, मार्ग की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर वास्तविक समय में नजर बनाए हुए है। यदि किसी स्थान पर भीड़ अधिक होती है या किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो संबंधित टीम को तुरंत सूचना देकर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।

AI कैमरों से 24 घंटे निगरानी

ड्रोन के अलावा प्रशासन ने कई स्थानों पर AI आधारित कैमरे भी लगाए हैं। ये कैमरे चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर कंट्रोल रूम को अलर्ट भी भेज सकते हैं।

अधिकारियों का कहना है कि AI कैमरों की मदद से भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। इससे किसी भी स्थिति का त्वरित आकलन कर समय पर कार्रवाई करना संभव हो रहा है।

गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए लगाए गए पिंजरे

जंगल क्षेत्र में समय-समय पर गुलदार की गतिविधियां सामने आने की सूचनाओं को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने अतिरिक्त सतर्कता बरती है। संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं ताकि यदि कोई जंगली जानवर आबादी या यात्रा मार्ग की ओर आए तो उसे सुरक्षित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती है और इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही जंगल क्षेत्रों में नियमित गश्त भी की जा रही है।

वन विभाग और प्रशासन का संयुक्त अभियान

कांवड़ यात्रा के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार टीम लगातार जंगल क्षेत्र पर नजर बनाए हुए है और संभावित जोखिम वाले स्थानों की निगरानी की जा रही है।

वन विभाग के अधिकारी जय सिंह कुशवाह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है।

आपात स्थिति के लिए रिस्पांस टीम तैयार

प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष रिस्पांस टीम भी तैनात की है। यदि कहीं भी किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो संबंधित टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगी।

इसके अलावा पुलिस बल, चिकित्सा टीम, एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी रणनीतिक स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील

प्रशासन ने कांवड़ियों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्ग का ही उपयोग करें और जंगल क्षेत्र में अनावश्यक रूप से न रुकें। यदि किसी जंगली जानवर की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस या वन विभाग को जानकारी दें तथा स्वयं किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं।

साथ ही श्रद्धालुओं से यह भी कहा गया है कि प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षा कर्मियों का सहयोग करें।

आधुनिक तकनीक से मजबूत हुई सुरक्षा

विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों में आधुनिक तकनीक का उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाता है। ड्रोन और AI कैमरों के जरिए निगरानी से न केवल भीड़ प्रबंधन आसान होता है, बल्कि किसी भी संभावित समस्या का समय रहते समाधान भी संभव हो जाता है। बिजनौर प्रशासन की यह पहल तकनीक और पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था के बेहतर समन्वय का उदाहरण मानी जा रही है।

सावन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बिजनौर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। जंगल मार्ग पर ड्रोन और AI कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है, जबकि गुलदार की संभावित गतिविधियों को देखते हुए संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं। इसके अलावा पुलिस, वन विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियां संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही हैं। प्रशासन का उद्देश्य यही है कि प्रत्येक शिवभक्त सुरक्षित वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सके और बिना किसी बाधा के जलाभिषेक कर अपने गंतव्य तक पहुंचे।

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