कानपुर के दबौली तत्कालेश्वर मंदिर में छठी वर्षगांठ पर भव्य रुद्राभिषेक, भंडारे में उमड़े श्रद्धालु

61

रिपोर्ट- अमित सिंह यादव 

कानपुर। शहर के दबौली स्थित प्रसिद्ध तत्कालेश्वर मंदिर में स्थापना दिवस की छठी वर्षगांठ श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भव्य रुद्राभिषेक और विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया और धार्मिक आयोजन का हिस्सा बने।

कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव के भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। जैसे ही शिव भजनों की गूंज मंदिर परिसर में सुनाई दी, श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए और कई भक्त भगवान शिव की आराधना करते हुए झूमने लगे। पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा।

विधि-विधान से हुआ रुद्राभिषेक

तत्कालेश्वर मंदिर स्थापना दिवस के मौके पर सुबह से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो गई थी। पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को जल, पुष्प और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।

रुद्राभिषेक कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित लोग, माताएं और बहनें बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की और मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

कई वर्षों से हो रहा है भव्य आयोजन

कार्यक्रम संयोजक शशिकांत मिश्रा टीटू ने बताया कि तत्कालेश्वर मंदिर के स्थापना दिवस का आयोजन पिछले कई वर्षों से लगातार भव्य रूप से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को धार्मिक और सामाजिक रूप से जोड़ना है। हर वर्ष भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लेते हैं।

उन्होंने बताया कि मंदिर में आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों से क्षेत्र में सकारात्मक और आध्यात्मिक वातावरण बनता है। स्थापना दिवस के अवसर पर भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बनता है।

भक्ति कार्यक्रमों ने बांधा समां

कार्यक्रम में शिव भजनों की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही। भजन गायकों ने भगवान शिव की महिमा का गुणगान किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। भक्तों ने तालियों और जयकारों के साथ भजनों का आनंद लिया।

इसके साथ ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गई थीं। आयोजन समिति के सदस्यों ने पूरे कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

गणमान्य लोगों की रही मौजूदगी

इस धार्मिक आयोजन में प्रेसक्लब अध्यक्ष सरस बाजपेयी मुख्य रूप से मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया और आयोजन की सराहना की।

कार्यक्रम के सह संयोजक रामेंद्र सिंह पंकज ठाकुर ने बताया कि रुद्राभिषेक में क्षेत्र के सभी प्रतिष्ठित लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। उन्होंने कहा कि मंदिर स्थापना दिवस का यह आयोजन लोगों में धार्मिक आस्था और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम बन रहा है।

श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

तत्कालेश्वर मंदिर में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर में भक्तों का आना शुरू हो गया था। लोगों ने भगवान शिव के दर्शन कर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।

वहीं, भंडारे में सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजन समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गईं, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

धार्मिक और सामाजिक एकता का संदेश

तत्कालेश्वर मंदिर स्थापना दिवस का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने समाज में एकता और सहयोग का संदेश भी दिया। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।

कानपुर के दबौली क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता की मिसाल पेश की। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना के साथ कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आयोजन को सफल बनाया।

You may have missed