पीपीएन कॉलेज कानपुर में ANRF पर विशेष सत्र, वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर
रिपोर्ट – हरी शंकर शर्मा
कानपुर: उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और शोध संस्कृति को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पंडित पृथी नाथ (पी.जी.) कॉलेज, कानपुर में एक विशेष शैक्षणिक सत्र का आयोजन किया गया। 31 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम का विषय था—“उच्च शिक्षण संस्थानों में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को सुदृढ़ बनाने का दृष्टिकोण, प्राथमिकताएं और सहायता ढांचा”। यह सत्र संस्थान के इनोवेशन काउंसिल (IIC) द्वारा मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन इनोवेशन सेल (MIC) के सहयोग से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) की योजनाओं, अनुसंधान के नए अवसरों तथा नवाचार आधारित शिक्षा के महत्व से परिचित कराना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्राचार्य ने अनुसंधान संस्कृति को बताया समय की आवश्यकता
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अनूप कुमार सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में उच्च शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि शोध, नवाचार और नई तकनीकों के विकास पर भी विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से अनुसंधान आधारित सोच विकसित करने का आह्वान करते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना ही देश को ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन का लाइव संबोधन
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ANRF के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) डॉ. शिवकुमार कल्याणरमन का लाइव संबोधन रहा। यह सत्र यूट्यूब लाइव प्रसारण के माध्यम से आयोजित किया गया, जिससे प्रतिभागियों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ के विचार सीधे सुनने का अवसर मिला।
अपने संबोधन में उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने बताया कि ANRF का उद्देश्य देशभर के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शोध को प्रोत्साहित करना तथा वैज्ञानिक नवाचार के लिए आवश्यक सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराना है।
ANRF की भूमिका और उद्देश्य पर विस्तार से चर्चा
सत्र के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) का उद्देश्य भारत में अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाना है। इसके माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास, नवाचार और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके अलावा विभिन्न विषयों में शोध परियोजनाओं के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता, अनुसंधान अनुदान और संस्थागत सहयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
छात्रों और शोधार्थियों को मिली नई जानकारी
कार्यक्रम में शामिल छात्रों और शोधार्थियों ने अनुसंधान के नए अवसरों, परियोजनाओं और फंडिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
विशेषज्ञों ने बताया कि यदि छात्र प्रारंभिक स्तर से ही अनुसंधान गतिविधियों में भाग लेते हैं, तो उनकी विश्लेषणात्मक क्षमता, समस्या समाधान कौशल और नवाचार की सोच विकसित होती है। इससे भविष्य में उच्च शिक्षा और करियर के बेहतर अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं।
नवाचार आधारित शिक्षा पर दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक अध्ययन, अनुसंधान परियोजनाओं और नवाचार गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।
इसी उद्देश्य से इनोवेशन काउंसिल विभिन्न प्रकार के कार्यशालाओं, वेबिनार और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन करती रहती है, ताकि छात्रों में उद्यमिता और अनुसंधान की संस्कृति विकसित हो सके।
डॉ. कीर्ति चौहान ने किया कार्यक्रम का समन्वय
इस विशेष सत्र का समन्वय संस्थान की इनोवेशन काउंसिल (IIC) की संयोजक डॉ. कीर्ति चौहान ने किया।
उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजन छात्रों और शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर की अनुसंधान नीतियों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि संस्थान में शोध और नवाचार की गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा मिल सके।
फैकल्टी सदस्यों की रही सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में कॉलेज के कई वरिष्ठ शिक्षकों ने भी भाग लिया। इनमें प्रो. सुमन सिंह, डॉ. एस. पी. श्रीवास्तव, डॉ. ललित मौर्य, डॉ. यशवीर गौतम, डॉ. ऋषभ गुप्ता तथा डॉ. श्रास्ती कटियार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम के अकादमिक महत्व को और अधिक प्रभावी बनाया। उन्होंने भी छात्रों को अनुसंधान परियोजनाओं में भाग लेने और वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
शोध और नवाचार से मजबूत होगी उच्च शिक्षा
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी देश की प्रगति में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उच्च शिक्षण संस्थानों में यदि शोध संस्कृति को मजबूत किया जाए, तो नई तकनीकों, सामाजिक समाधान और औद्योगिक विकास के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
इसी दिशा में ANRF जैसी पहलें विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अनुसंधान के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का कार्य कर रही हैं।
भविष्य में और कार्यक्रम होंगे आयोजित
कार्यक्रम के समापन पर संस्थान की ओर से अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की नई प्रतिबद्धता व्यक्त की गई। कॉलेज प्रशासन ने संकेत दिया कि आने वाले समय में भी छात्रों और शिक्षकों के लिए इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इससे न केवल छात्रों को राष्ट्रीय अनुसंधान योजनाओं की जानकारी मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने शोध कार्यों को बेहतर दिशा देने में भी सहायता प्राप्त होगी।
पंडित पृथी नाथ (पी.जी.) कॉलेज, कानपुर में आयोजित ANRF विषयक विशेष सत्र ने छात्रों, शोधार्थियों और शिक्षकों को वैज्ञानिक अनुसंधान तथा नवाचार की नई संभावनाओं से परिचित कराया। कार्यक्रम के माध्यम से अनुसंधान संस्कृति को मजबूत बनाने, नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय स्तर की शोध योजनाओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। ऐसे आयोजन उच्च शिक्षा संस्थानों में ज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के बेहतर वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

