वृंदावन में नगर आयुक्त ने तड़के किया निरीक्षण: ओवरचार्जिंग पर सुलभ कर्मी हटाए, पढ़िए सफाई एजेंसियों को दी गई सख्त चेतावनी

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा/वृंदावन: आगामी धार्मिक पर्वों और प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं एवं विदेशी पर्यटकों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे नगर आयुक्त ओजस्वी राज स्वयं वृंदावन की सड़कों पर उतरे और विभिन्न क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सार्वजनिक शौचालयों, सफाई व्यवस्था, नाला सफाई, डलावघर, अतिक्रमण और अपशिष्ट प्रबंधन की स्थिति का जायजा लिया।

अचानक हुए इस निरीक्षण से सफाई व्यवस्था संभाल रही आउटसोर्सिंग एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों में हलचल मच गई। कई स्थानों पर अनियमितताएं मिलने के बाद नगर आयुक्त ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और शहर की स्वच्छता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सार्वजनिक शौचालयों में ओवरचार्जिंग मिलने पर हुई कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सबसे पहले रमनरेती पुलिस चौकी और माहेश्वरी गली स्थित फोगला आश्रम के पास बने सुलभ शौचालयों में पहुंचे। यहां स्थानीय लोगों ने निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायत की। शिकायत की जांच करने पर मामला सही पाया गया।

इसके बाद नगर आयुक्त ने संबंधित कर्मचारियों को मौके पर ही फटकार लगाई और ‘सुलभ शौचालय कॉम्प्लेक्स शोध संस्थान’ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ओवरचार्जिंग में शामिल कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य से हटाने का आदेश भी दिया गया।

नगर आयुक्त ने कहा कि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों से तय शुल्क से अधिक राशि लेना पूरी तरह अनुचित है और इस प्रकार की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय का एक साल का रिकॉर्ड तलब

निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या-69 के रतनछतरी क्षेत्र में एक सार्वजनिक शौचालय बंद मिला। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह शौचालय लंबे समय से संचालित नहीं हो रहा है, जिससे लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है।

इस पर नगर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शौचालय को तुरंत चालू कराने के निर्देश दिए। साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पिछले एक वर्ष के भुगतान का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा गया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में बिना संचालन के भुगतान या किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए रिकवरी की जाएगी।

सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर एजेंसियों को फटकार

इसके बाद नगर आयुक्त ने 100 फुटा तिराहा, पापड़ी चौराहा, चैतन्य विहार और रमनरेती मार्ग का निरीक्षण किया। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। सड़क किनारे कचरा और गंदगी पाए जाने पर उन्होंने कार्यदायी संस्था लायंस प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने निर्देश दिया कि सफाई कार्य के लिए आवश्यक मशीनों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रतिदिन सुबह 8 बजे से पहले सभी प्रमुख मार्गों की सफाई पूरी हो जाए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

कम कर्मचारी और बिना यूनिफॉर्म काम करते मिले सफाईकर्मी

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने पाया कि किंग ग्रुप और मैसूर एजेंसी के कई कर्मचारी निर्धारित संख्या से कम मौजूद थे। इतना ही नहीं, कुछ कर्मचारी बिना पहचान पत्र और निर्धारित यूनिफॉर्म के कार्य करते मिले।

इस पर नगर आयुक्त ने संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी करने और आर्थिक दंड लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुबंध की शर्तों का पालन सभी एजेंसियों को करना होगा। यदि भविष्य में भी ऐसी अनियमितताएं मिलीं तो ठेका समाप्त करने जैसी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

डलावघर स्थानांतरित करने और सड़क निर्माण के निर्देश

वार्ड संख्या-67 में रामस्वरूप जी के पंडाल के पास स्थित डलावघर का भी निरीक्षण किया गया। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि इसे शीघ्र किसी उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध और गंदगी की समस्या समाप्त हो सके।

इसके अतिरिक्त फोगला आश्रम के पीछे स्थित एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र तक जाने वाली जर्जर सड़क का निरीक्षण करते हुए उन्होंने निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने कहा कि वृंदावन देश और विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। इसलिए नगर निगम की प्राथमिकता शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाए रखना है।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालयों में बैठकर निगरानी करने के बजाय नियमित रूप से क्षेत्र में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें। इससे समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सकेगा।

लापरवाही मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई

नगर आयुक्त ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में किसी भी एजेंसी या कर्मचारी की ओर से सफाई व्यवस्था, सार्वजनिक सुविधाओं या नागरिक सेवाओं में गंभीर लापरवाही पाई गई तो संबंधित ठेकेदारों और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिकी दर्ज कराने और अनुबंध समाप्त करने जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित करना है जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं निरंतर मिलती रहें।

निरीक्षण में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

नगर आयुक्त के निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त सी.पी. पाठक, सहायक नगर आयुक्त अनुज कौशिक, क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारी, सफाई निरीक्षक तथा नगर निगम के अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने विभिन्न स्थानों पर मौके पर ही आवश्यक निर्देश प्राप्त किए और निर्धारित समय सीमा में सुधारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वृंदावन में नगर आयुक्त का यह तड़के किया गया निरीक्षण नगर निगम की जवाबदेही और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ओवरचार्जिंग, सफाई व्यवस्था में लापरवाही, बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश यह संकेत देते हैं कि आने वाले धार्मिक आयोजनों से पहले प्रशासन शहर की व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए गंभीर है। यदि इन निर्देशों का समयबद्ध पालन होता है, तो श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर एवं स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।