कानपुर के रावतपुर में करंट लगने से दिहाड़ी मजदूर की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप – कैसे होगा परिवार का पालन पोषण

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Digital UP News Desk

कानपुर: शहर के रावतपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में दिहाड़ी मजदूर की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने कार्यस्थल पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

गोपाला टावर के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह घटना रावतपुर थाना क्षेत्र स्थित गोपाला टावर के पास हुई। मृतक की पहचान उमेश सोनी (लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दिहाड़ी मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। रोजमर्रा की तरह वह काम करने के लिए घर से निकले थे, लेकिन दिन के अंत तक उनके परिवार को एक दुखद समाचार मिला।

घटना के बाद क्षेत्र में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

पेंट-पुट्टी के कार्य के लिए बुलाने का आरोप

मृतक के परिजनों के अनुसार, उमेश सोनी को एक आवास पर पुट्टी और पेंट का कार्य करने के लिए बुलाया गया था। परिजनों का कहना है कि संबंधित आवास उत्तर प्रदेश के बरेली में डीईओ पद पर कार्यरत बताए जा रहे विनोद कुमार का बताया जा रहा है।

परिजनों का आरोप है कि जब उमेश वहां पहुंचे तो उनसे पहले से तय पेंट और पुट्टी का कार्य कराने के बजाय लोहे से संबंधित वेल्डिंग का कार्य कराया जाने लगा। उनका कहना है कि यह कार्य उनके निर्धारित काम से अलग था।

बिजली की स्थिति को लेकर पूछे जाने का दावा

परिजनों ने आरोप लगाया कि कार्य शुरू करने से पहले उमेश सोनी ने बिजली की स्थिति के बारे में जानकारी ली थी। उनका कहना है कि उमेश ने पूछा था कि कहीं लोहे में करंट तो नहीं है।

परिजनों के अनुसार, उन्हें आश्वस्त किया गया कि लोहे में किसी प्रकार का विद्युत प्रवाह नहीं है और वह सुरक्षित तरीके से काम कर सकते हैं। हालांकि, जैसे ही उन्होंने कार्य शुरू किया, उन्हें अचानक करंट लग गया।

मौके पर हुई मौत

परिजनों का आरोप है कि करंट लगने के बाद उमेश सोनी गंभीर रूप से झुलस गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद आसपास के लोगों ने तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य घटनास्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने उमेश को मृत अवस्था में पाया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलते ही रावतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों ने कार्रवाई की मांग उठाई

मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के बावजूद अभी तक जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और कार्य शुरू कराने से पहले बिजली की पूरी जांच कर ली जाती, तो संभवतः यह हादसा टाला जा सकता था।

इसके साथ ही परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

पुलिस का पक्ष

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व की याद दिलाता है यह मामला

यह घटना एक बार फिर कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। विशेष रूप से बिजली और वेल्डिंग से जुड़े कार्यों में सुरक्षा उपकरणों का उपयोग, विद्युत आपूर्ति की जांच और प्रशिक्षित कर्मचारियों की निगरानी बेहद आवश्यक मानी जाती है।

विद्युत विभाग का मानना है कि कार्य शुरू करने से पहले विद्युत लाइन की जांच, उचित इंसुलेटेड उपकरणों का उपयोग और सुरक्षा नियमों का पालन करने से ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।

स्थानीय लोगों में शोक की लहर

घटना के बाद स्थानीय क्षेत्र में शोक का माहौल है। पड़ोसियों और परिचितों ने उमेश सोनी को मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति बताया। लोगों का कहना है कि वह मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाते थे।

परिवार पर इस घटना का गहरा असर पड़ा है और परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं।

कानपुर के रावतपुर क्षेत्र में दिहाड़ी मजदूर उमेश सोनी की करंट लगने से हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, परिजनों ने कार्यस्थल पर लापरवाही का आरोप लगाया है, लेकिन घटना के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच में जुटी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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