फर्रुखाबाद में बिजली कर्मचारी पर लगा अभद्रता का आरोप, व्यापार मंडल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन; रखी यह मांग

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रिपोर्ट – हर्ष वर्मा 

फर्रुखाबाद: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में बिजली विभाग के एक कर्मचारी पर उपभोक्ता के साथ कथित अभद्र व्यवहार और हाथापाई का आरोप लगने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंच गया है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की जिला कमेटी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

फिलहाल मामले में व्यापार मंडल ने अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रखा है। समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

क्या है पूरा मामला?

व्यापार मंडल द्वारा जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, मोहल्ला नखासा निवासी अनिल कुमार गुप्ता 29 जुलाई को अपना बिजली बिल जमा करने के लिए संबंधित विद्युत उपकेंद्र पहुंचे थे। संगठन का आरोप है कि वहां तैनात कर्मचारी अमित मिश्रा ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कथित रूप से हाथापाई भी की।

ज्ञापन में कहा गया है कि उपभोक्ता नियमित प्रक्रिया के तहत अपना बिजली बिल जमा कराने पहुंचे थे। ऐसे में उनके साथ कथित रूप से किया गया व्यवहार अनुचित था और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

बिल जमा होने के बावजूद नहीं जुड़ा बिजली कनेक्शन

व्यापार मंडल के अनुसार, उपभोक्ता ने 28,907 रुपये का बिजली बिल जमा कर दिया था। इसके बावजूद अब तक उनका बिजली कनेक्शन बहाल नहीं किया गया है।

संगठन का कहना है कि बिल जमा होने के बाद नियमानुसार विद्युत आपूर्ति बहाल की जानी चाहिए थी। यदि किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से देरी हुई है, तो इसकी जानकारी उपभोक्ता को दी जानी चाहिए थी।

हालांकि, इस संबंध में बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।

वीडियो रिकॉर्डिंग रोकने का भी आरोप

ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान जब वीडियो रिकॉर्डिंग की जा रही थी, तब उसे रोकने का प्रयास किया गया।

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। प्रशासन द्वारा जांच के दौरान यदि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग या अन्य साक्ष्य उपलब्ध होते हैं, तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है।

व्यापार मंडल ने की निष्पक्ष जांच की मांग

अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में कर्मचारी के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।

संगठन का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले उपभोक्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। इससे सरकारी सेवाओं के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है।

तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

व्यापार मंडल ने अपने ज्ञापन में कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन व्यापारियों के साथ शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेगा।

संगठन ने प्रशासन से यह भी अपेक्षा जताई कि उपभोक्ताओं की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न न हों।

प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद

जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपने के बाद व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें प्रशासन पर भरोसा है और निष्पक्ष जांच के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा।

प्रशासन की ओर से फिलहाल ज्ञापन प्राप्त होने की पुष्टि की गई है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।

उपभोक्ता अधिकारों का महत्व

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली, पानी और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामलों में उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी समाधान आवश्यक है। यदि किसी पक्ष को किसी कर्मचारी के व्यवहार या सेवा को लेकर शिकायत है, तो उसकी निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

साथ ही, सरकारी कर्मचारियों और उपभोक्ताओं दोनों से अपेक्षा की जाती है कि वे संवाद के दौरान शालीनता और नियमों का पालन करें।

बिजली विभाग का पक्ष आना बाकी

समाचार लिखे जाने तक बिजली विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

पत्रकारिता के सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी मामले में सभी पक्षों की बात सामने आना आवश्यक है। इसलिए विभाग की प्रतिक्रिया मिलने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

फर्रुखाबाद में बिजली कर्मचारी पर लगाए गए अभद्रता और हाथापाई के आरोपों को लेकर व्यापार मंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन ने कार्रवाई नहीं होने पर शांतिपूर्ण आंदोलन की चेतावनी भी दी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और प्रशासन उपलब्ध तथ्यों तथा संबंधित पक्षों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा।