गोरखपुर में सिपाही ने बच्ची का अपहरण किया, फिर श्मशान में की हत्या-नदी में फेंका शव, छेड़छाड़ में जा चुका है जेल
Digital UP News Desk
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक 10 वर्षीय बच्ची की मौत के मामले ने लोगों को झकझोर दिया है। बच्ची के लापता होने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी सिपाही को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की निशानदेही पर बच्ची का शव बरामद किया गया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई कर रही है।
यह घटना गोरखपुर के जिला अस्पताल से जुड़ी है, जहां बच्ची अपनी बीमार बड़ी बहन को खाना देने पहुंची थी। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटी, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
अस्पताल से घर लौटते समय लापता हुई थी बच्ची
जानकारी के मुताबिक, आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज क्षेत्र का रहने वाला परिवार पिछले कुछ वर्षों से गोरखपुर में किराए के मकान में रह रहा था। परिवार के मुखिया ई-रिक्शा चलाकर अपना परिवार चलाते हैं।
बताया गया कि 27 जुलाई को परिवार की 13 वर्षीय बेटी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उसे तेज बुखार और सीने में दर्द की शिकायत के बाद गोरखपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
अगले दिन 28 जुलाई की रात बच्ची अपनी बड़ी बहन के लिए खाना लेकर अस्पताल पहुंची थी। रात करीब साढ़े 10 बजे वह घर लौटने के लिए निकली, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी वह घर नहीं पहुंची।
इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन करने के बाद भी जब बच्ची का कोई पता नहीं चला तो पुलिस को सूचना दी गई।
CCTV फुटेज से सामने आया अहम सुराग
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए कई टीमें गठित कीं। इसके बाद अस्पताल परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच की गई।
पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज में बच्ची अस्पताल से बाहर निकलती हुई दिखाई दी। इसके कुछ समय बाद एक पुलिस वर्दी पहने व्यक्ति बाइक से उसके पास पहुंचता हुआ नजर आया।
फुटेज में दोनों के बीच बातचीत होती दिखी, जिसके बाद बच्ची बाइक पर बैठती हुई दिखाई दी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने आरोपी सिपाही की पहचान की और उससे पूछताछ शुरू की।
आरोपी सिपाही से पूछताछ के बाद कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिपाही की पहचान अभिषेक यादव के रूप में हुई है। वह गोरखपुर में डायल-112 सेवा में तैनात था।
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बच्ची के शव को बरामद किया।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहा है आरोपी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी सिपाही मूल रूप से गाजीपुर जिले का रहने वाला है और 2018 बैच का सिपाही है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ एक मामले में कार्रवाई की गई थी। उस समय उसे निलंबित किया गया था और बाद में उसकी बहाली हुई थी।
हालांकि, वर्तमान मामले में पुलिस का कहना है कि जांच के सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है और किसी भी तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
परिजनों ने दर्ज कराई थी शिकायत
बच्ची के पिता ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया था कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी और बड़ी बेटी अस्पताल में भर्ती थी। इसी वजह से छोटी बेटी को रात में खाना लेकर अस्पताल भेजा गया था।
जब बच्ची काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर जानकारी जुटाई। इस दौरान बच्ची की बड़ी बहन ने बताया कि अस्पताल में एक वर्दी पहने व्यक्ति ने उनसे बातचीत की थी।
इसके बाद पुलिस ने CCTV फुटेज की जांच की और मामले की दिशा स्पष्ट हुई।
पुलिस ने गठित की थीं जांच टीमें
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। बच्ची की तलाश के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई थीं।
पुलिस ने तकनीकी जांच, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।
SSP ने दी मामले की जानकारी
गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
सिपाही गिरफ्तार
गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची की मौत का मामला बेहद संवेदनशील है। पुलिस ने शुरुआती जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है।
फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट व उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है।

