CSIR-IMMT भुवनेश्वर में उन्नत ई-लर्निंग केंद्र का शुभारंभ, कौशल विकास और डिजिटल शिक्षा को मिलेगी नई गति
vikas chauhan July 30, 2026
Digital UP News Desk
भुवनेश्वर: डिजिटल शिक्षा, तकनीकी कौशल विकास और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद-खनिज तथा पदार्थ प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-IMMT), भुवनेश्वर ने अपने अत्याधुनिक उन्नत ई-लर्निंग केंद्र का उद्घाटन किया।
यह केंद्र वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) की समेकित कौशल पहल के अंतर्गत स्थापित किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधकर्ताओं, पेशेवरों और उद्योग से जुड़े लोगों को आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
27 जुलाई 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम ने डिजिटल अधिगम, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है।
वृक्षारोपण अभियान के साथ शुरू हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत CSIR-समेकित कौशल पहल के नोडल वैज्ञानिक और वैज्ञानिक-जी डॉ. विनय कुमार द्वारा वृक्षारोपण अभियान के साथ की गई।
इसके बाद उन्नत ई-लर्निंग केंद्र का औपचारिक उद्घाटन डॉ. विनय कुमार ने CSIR-IMMT के निदेशक डॉ. रामानुज नारायण की उपस्थिति में किया।
इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिकों, शोध छात्रों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल शिक्षा के विस्तार और तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए इस केंद्र की उपयोगिता पर चर्चा की गई।
डिजिटल शिक्षा को मजबूत करेगा नया ई-लर्निंग केंद्र
उद्घाटन समारोह के बाद संस्थान के एसएस भटनागर हॉल में कौशल विकास बैठक आयोजित की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए CSIR-IMMT के निदेशक डॉ. रामानुज नारायण ने कहा कि आधुनिक समय में डिजिटल शिक्षा और तकनीक आधारित प्रशिक्षण की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि नया ई-लर्निंग केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग कर्मियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएगा। इसके अलावा यह केंद्र पेशेवर क्षमताओं को विकसित करने और नए कौशल सीखने के लिए एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य करेगा।
उन्होंने संस्थान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि CSIR-IMMT लगातार ऐसी सुविधाओं को विकसित करने पर ध्यान दे रहा है, जो शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सकें।
कौशल विकास कार्यक्रमों की दी गई जानकारी
इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार बेहरा, वैज्ञानिक-एफ और कौशल विकास समन्वयक, CSIR-IMMT ने संस्थान द्वारा CSIR-समेकित कौशल पहल के तहत संचालित विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा कई प्रशिक्षण कार्यक्रम, उद्योग आधारित पाठ्यक्रम और क्षमता निर्माण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से देशभर के छात्रों, शोधकर्ताओं और पेशेवरों को लाभ मिल रहा है। इसके अलावा उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तैयार किया जा रहा है, ताकि युवाओं को रोजगार और नवाचार के बेहतर अवसर मिल सकें।
तकनीकी शिक्षा और निरंतर सीखने पर जोर
बैठक में डॉ. त्रुप्ती दास, वैज्ञानिक-जी, मुख्य वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष (मानव संसाधन), CSIR-IMMT ने तकनीकी शिक्षा और मानव संसाधन विकास के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में उद्योग और अनुसंधान क्षेत्र तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में एक कुशल और प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने के लिए निरंतर ज्ञान अर्जन आवश्यक है।
उन्होंने तकनीक आधारित शिक्षा को भविष्य की जरूरत बताते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों के जरिए शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाया जा सकता है।
रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देने में सहायक होगा केंद्र
CSIR-IMMT के वैज्ञानिक-जी एवं प्रमुख डॉ. एल. डी. बेसरा ने कौशल विकास कार्यक्रमों के महत्व को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षा और उद्योग की आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि लगातार कौशल उन्नयन से युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं और देश में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा मिलता है।
उनके अनुसार, भविष्य की औद्योगिक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक सक्षम और तैयार कार्यबल का निर्माण बेहद जरूरी है।
राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल कौशल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का लक्ष्य
मुख्य संबोधन देते हुए डॉ. विनय कुमार ने CSIR-समेकित कौशल पहल के उद्देश्य और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस पहल का लक्ष्य तकनीकी सहायता प्राप्त शिक्षा, डिजिटल अधिगम और उद्योग आधारित कौशल विकास के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
उन्होंने CSIR-IMMT द्वारा उन्नत ई-लर्निंग केंद्र स्थापित करने के प्रयासों की सराहना की।
साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र ऑनलाइन प्रशिक्षण, मिश्रित ज्ञानार्जन कार्यक्रमों, वेबिनार, कार्यशालाओं और सहयोगात्मक ज्ञान साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
ऑनलाइन प्रशिक्षण और ज्ञान साझा करने का मिलेगा अवसर
नव स्थापित ई-लर्निंग केंद्र आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस है।
इस केंद्र के माध्यम से छात्रों और पेशेवरों को ऑनलाइन पाठ्यक्रम, डिजिटल अध्ययन सामग्री और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा यह केंद्र विशेषज्ञों और शिक्षार्थियों के बीच संवाद स्थापित करने में भी मदद करेगा।
आने वाले समय में यहां विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन प्रशिक्षण, तकनीकी कार्यशालाएं और ज्ञान साझा करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है।
भविष्य के लिए तैयार कार्यबल निर्माण की दिशा में कदम
आज के प्रतिस्पर्धी दौर में तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक कौशल किसी भी देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं।
CSIR-IMMT का यह प्रयास भारत में वैज्ञानिक शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग आधारित कौशल विकास को नई दिशा देगा।
यह पहल न केवल युवाओं को नई तकनीकों से जोड़ने में सहायक होगी, बल्कि देश के वैज्ञानिक और औद्योगिक विकास में भी योगदान देगी।
CSIR-IMMT भुवनेश्वर में शुरू किया गया उन्नत ई-लर्निंग केंद्र डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
CSIR की समेकित कौशल पहल के तहत स्थापित यह केंद्र छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्योग कर्मियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
इसके माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
यह पहल भारत में भविष्य के लिए तैयार कुशल कार्यबल तैयार करने और डिजिटल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

