आजमगढ़ में जमीन विवाद ने बढ़ाया तनाव, कब्जे के प्रयास का आरोप; विरोध करने पर परिवार से मारपीट, अब पुलिस ने बढ़ाया अगला कदम

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रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार 

आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के ग्राम सेठवल में जमीन विवाद को लेकर एक परिवार पर हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवादित आबादी की भूमि पर कब्जे के प्रयास का विरोध करने पर उनके परिवार के साथ मारपीट की गई। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के दावों का परीक्षण किया जा रहा है।

यह मामला ग्रामीण क्षेत्र में भूमि विवाद से जुड़े उन मामलों में शामिल हो गया है, जहां कानूनी प्रक्रिया के बजाय विवाद बढ़ने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम सेठवल निवासी भावना साहू, पत्नी जयप्रकाश गुप्ता ने थाना रानी की सराय में लिखित तहरीर देकर आरोप लगाया कि गांव की कोटेदार उर्मिला देवी और उनके छह पुत्रों ने विवादित आबादी की भूमि पर जबरन टीन शेड और इंटरलॉकिंग लगाकर कब्जा करने का प्रयास किया।

तहरीर में कहा गया है कि संबंधित भूमि को लेकर पहले से विवाद चल रहा है। ऐसे में जब निर्माण कार्य शुरू किया गया तो परिवार ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया।

विरोध करने पर मारपीट का आरोप

शिकायत के अनुसार, जब भावना साहू के पति जयप्रकाश गुप्ता ने कथित कब्जे का विरोध किया तो आरोपित पक्ष ने उनके साथ मारपीट की। पीड़िता का कहना है कि उनके पति पर लाठी-डंडों और हाथापाई के जरिए हमला किया गया।

इसके अलावा, परिवार का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे जयप्रकाश गुप्ता के चचेरे भाई के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया।

पहले से घायल थे जयप्रकाश गुप्ता

तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि जयप्रकाश गुप्ता कुछ दिन पहले सड़क दुर्घटना में घायल हो गए थे। उनका उपचार चल रहा था और चिकित्सकों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी।

परिवार का आरोप है कि मारपीट की घटना के कारण उनकी पुरानी चोटों पर भी असर पड़ा, जिससे उनकी तबीयत फिर बिगड़ गई। हालांकि, चोटों की गंभीरता और चिकित्सकीय स्थिति का निर्धारण मेडिकल जांच रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप

पीड़िता भावना साहू ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान गाली-गलौज की गई और परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

परिवार ने जताई सुरक्षा की चिंता

तहरीर के अनुसार, परिवार में 90 वर्षीय लकवाग्रस्त बुजुर्ग सदस्य हैं, जिनकी देखभाल की जिम्मेदारी घर पर रहने वाले लोगों पर है। वहीं, परिवार के दोनों पुत्र पढ़ाई के सिलसिले में घर से बाहर रहते हैं।

ऐसी स्थिति में पीड़ित परिवार ने स्वयं को असुरक्षित बताते हुए पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने और विवाद का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

रानी की सराय थाना पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण, दोनों पक्षों के बयान, उपलब्ध दस्तावेज और अन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा। इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

भूमि विवादों में कानूनी प्रक्रिया अपनाने की अपील

प्रशासन समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि भूमि या संपत्ति से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान कानून और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाए। यदि किसी पक्ष को अपने अधिकारों को लेकर आपत्ति है तो वह राजस्व विभाग, पुलिस या न्यायालय का सहारा ले सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आपसी बातचीत और कानूनी प्रक्रिया अपनाने से ऐसे विवादों को हिंसक रूप लेने से रोका जा सकता है। इससे सामाजिक सौहार्द भी बना रहता है और अनावश्यक तनाव से बचा जा सकता है।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। यदि जांच में किसी पक्ष के आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो उन्हें भी विवेचना में शामिल किया जाएगा।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों को सुनना और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करना आवश्यक है। इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

आजमगढ़ के रानी की सराय क्षेत्र में सामने आया यह भूमि विवाद एक बार फिर यह संकेत देता है कि संपत्ति संबंधी मामलों में समय रहते कानूनी समाधान तलाशना कितना आवश्यक है। पीड़ित परिवार ने मारपीट, धमकी और कब्जे के प्रयास के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है, जिसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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