डीसीपी दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने की जन-सुनवाई, शिकायतों के त्वरित समाधान के दिए निर्देश

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी

कानपुर: पुलिस प्रशासन की ओर से आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुनने और उनका समाधान कराने के उद्देश्य से लगातार जन-सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस उपायुक्त दक्षिण श्री दीपेन्द्र नाथ चौधरी ने अपने कार्यालय में जन- सुनवाई कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं।

जन-सुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं पुलिस उपायुक्त के सामने रखीं। डीसीपी दक्षिण ने सभी शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं का समाधान समयबद्ध और प्रभावी तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर किया गया दर्ज

जन-सुनवाई के दौरान नागरिकों द्वारा बताई गई समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किया गया। पुलिस उपायुक्त ने संबंधित विभागों और अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर उचित कार्रवाई करते हुए उसकी प्रगति की जानकारी भी सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसलिए शिकायतों को केवल दर्ज करना ही नहीं, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करना भी जरूरी है।

इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।

त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

डीसीपी दक्षिण ने जन-सुनवाई में मौजूद पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायतकर्ता को उसकी समस्या पर की गई कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी आम जनता के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में संवेदनशीलता बरती जाए और प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ताओं के साथ सम्मानजनक व्यवहार पर जोर

जन-सुनवाई के दौरान डीसीपी दक्षिण ने अधिकारियों और कर्मचारियों को नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को उचित सम्मान मिलना चाहिए। शिकायतकर्ताओं के बैठने की व्यवस्था, उनकी समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनना और उन्हें संतोषजनक जवाब देना पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उन्होंने पुलिसकर्मियों से कहा कि जनता और पुलिस के बीच बेहतर संबंध बनाने के लिए व्यवहार में सकारात्मकता और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।

स्थानीय समस्याओं के स्थायी समाधान पर ध्यान

पुलिस उपायुक्त दक्षिण ने अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर बार-बार सामने आने वाली समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए भी निर्देशित किया।

उन्होंने कहा कि केवल तत्काल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी समस्याओं के कारणों को समझकर उनका स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाना चाहिए।

इसके लिए थाना स्तर पर अधिकारियों को नियमित समीक्षा करने और क्षेत्र में आने वाली समस्याओं की जानकारी रखने के निर्देश दिए गए।

पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की पहल

जन-सुनवाई कार्यक्रम पुलिस और आम जनता के बीच संवाद स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे कार्यक्रमों के जरिए नागरिक सीधे अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख सकते हैं।

डीसीपी दक्षिण ने कहा कि पुलिस प्रशासन जनता की सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयासरत है। जन-सुनवाई के माध्यम से लोगों की शिकायतों को समझने और उनका समाधान करने में सहायता मिलती है।

इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ जनता की समस्याओं को भी गंभीरता से लिया जाए।

समय-समय पर होगी शिकायतों की समीक्षा

जन-सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग की ओर से इन शिकायतों की समीक्षा भी की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी मामलों में उचित कार्रवाई हुई है।

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिकायतों के समाधान की स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराते रहें।

पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेन्द्र नाथ चौधरी द्वारा आयोजित जन-सुनवाई कार्यक्रम में नागरिकों की समस्याओं को सुना गया और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

पुलिस प्रशासन का उद्देश्य है कि जनता की शिकायतों का त्वरित और प्रभावी समाधान हो तथा लोगों को न्याय और सहायता समय पर मिल सके। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलेगी।

जन-सुनवाई जैसे कार्यक्रम आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करते हैं। वहीं, पुलिस विभाग को भी क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए बेहतर रणनीति बनाने में सहायता मिलती है।

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